1 अक्टूबर 2026
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पंजाब BJP ने PMAY घोटाले की जांच माँगी: ममदोट में 31 घर प्रभावशाली जमींदारों को आवंटित

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पंजाब BJP ने PMAY घोटाले की जांच माँगी: ममदोट में 31 घर प्रभावशाली जमींदारों को आवंटित

सारांश

ममदोट, फिरोजपुर में PMAY के तहत 400 में से मात्र 33 घर मंजूर — और उनमें से 31 कथित तौर पर 50-200 एकड़ के जमींदारों को। पंजाब BJP ने जांच की माँग कर सीधे राज्य सरकार को घेरा है, जबकि 367 ज़रूरतमंद परिवारों के आवेदन ठंडे बस्ते में।

मुख्य बातें

पंजाब BJP के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने 1 अक्टूबर 2026 को PMAY आवंटन में कथित रिश्वतखोरी की निष्पक्ष जांच की माँग की।
फिरोजपुर जिले के ममदोट में 400 जरूरतमंद परिवारों की सूची में से मात्र 33 घर मंजूर; इनमें से कथित तौर पर केवल 2 घर वास्तविक लाभार्थियों को आवंटित।
शेष 31 घर कथित रूप से 50 से 200 एकड़ भूमि के स्वामी प्रभावशाली व्यक्तियों को दिए गए।
367 निम्न-आय परिवारों के आवेदन खारिज; BJP ने उनके पुनः सत्यापन की माँग की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने पंजाब के 484 दलित बहुल गाँवों को PMAY में शामिल करने पर PM मोदी को धन्यवाद दिया; प्रत्येक गाँव को ₹20 लाख तक का अनुदान मिलेगा।

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने 1 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकार से फिरोजपुर जिले के ममदोट में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घरों के आवंटन में कथित रिश्वतखोरी की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच का आदेश देने की माँग की। उनका आरोप है कि 400 जरूरतमंद परिवारों की सूची में से मात्र 33 घरों को मंजूरी दी गई और उनमें से कथित तौर पर केवल 2 घर वास्तविक लाभार्थियों को मिले।

आरोप: किसे मिले घर, किसे छोड़ा गया

शर्मा के अनुसार, शेष 31 घर कथित तौर पर 50 से 200 एकड़ भूमि के स्वामी प्रभावशाली व्यक्तियों को आवंटित किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब PMAY केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली कल्याण योजना मानी जाती है, जिसका उद्देश्य ग़रीबतम परिवारों को छत मुहैया कराना है। शर्मा ने इन कथित अनियमितताओं को गरीबी से जूझ रहे लोगों के साथ घोर अन्याय बताया।

उन्होंने एक बयान में कहा कि रिश्वत के बदले घरों के आवंटन के आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक हैं। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की प्रथाएँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कमज़ोर तबकों के कल्याण के दृष्टिकोण को कमज़ोर करती हैं।

BJP की प्रमुख माँगें

शर्मा ने राज्य सरकार के सामने कई ठोस माँगें रखी हैं। पहली, मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच का आदेश दिया जाए। दूसरी, रिश्वत लेने के आरोपी कर्मचारियों के विरुद्ध आरोप सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की जाए।

तीसरी, जिन लाभार्थियों को घर आवंटित किए गए हैं, उनकी पात्रता की गहन जाँच हो। चौथी, जिन 367 निम्न-आय वाले परिवारों के आवेदन खारिज किए गए, उनके आवेदनों का पुनः सत्यापन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी।

दलित गाँवों को PMAY में शामिल करने पर BJP का स्वागत

इसी बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने PMAY के अंतर्गत पंजाब के 484 दलित बहुल गाँवों को शामिल किए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। इन गाँवों में 40 प्रतिशत से अधिक आबादी दलित समुदाय से है। केंद्र सरकार इन गाँवों में विकास कार्यों के लिए प्रत्येक गाँव को ₹20 लाख तक का अनुदान प्रदान करेगी।

सांपला ने कहा कि इस योजना के लाभ केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं। यह पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षा, आवास, बिजली, स्वच्छ ईंधन, कृषि, वित्तीय समावेशन, डिजिटल सुविधाएँ, रोज़गार और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों को भी समेटती है।

आम जनता पर असर

ममदोट की घटना उन सैकड़ों परिवारों के लिए सीधा मसला है जो वर्षों से पक्के घर की प्रतीक्षा में हैं। गौरतलब है कि PMAY जैसी केंद्रीय योजनाओं में ज़मीनी स्तर पर कथित धाँधली के आरोप नए नहीं हैं — यह देशभर में कई राज्यों में दर्ज हो चुके हैं। यदि ममदोट के आरोप जाँच में सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही का सवाल बनेगा, बल्कि पंजाब में PMAY के क्रियान्वयन की पूरी प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाएगा।

क्या होगा आगे

अभी तक पंजाब राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। BJP ने संकेत दिया है कि यदि जांच का आदेश नहीं दिया गया तो वह आंदोलन की राह अपना सकती है। दूसरी ओर, 484 दलित बहुल गाँवों को PMAY में शामिल करने की घोषणा राज्य में दलित मतदाताओं को लेकर BJP की रणनीतिक सक्रियता की भी झलक देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पंजाब सरकार पर जवाबदेही का वैध दबाव भी बनाता है। असली सवाल यह है कि राज्य सरकार पारदर्शी जाँच कराती है या आरोपों को राजनीतिक बताकर दरकिनार करती है। 367 खारिज आवेदनों का पुनः सत्यापन वह कसौटी होगी जो यह तय करेगी कि यह महज़ बयानबाजी थी या ज़मीनी बदलाव की शुरुआत।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममदोट PMAY आवंटन विवाद क्या है?
फिरोजपुर जिले के ममदोट में PMAY के तहत 400 जरूरतमंद परिवारों की सूची में से केवल 33 घर मंजूर किए गए और कथित तौर पर उनमें से सिर्फ 2 वास्तविक लाभार्थियों को मिले। शेष 31 घर कथित रूप से 50 से 200 एकड़ के जमींदारों को आवंटित किए गए।
BJP ने इस मामले में क्या माँगें रखी हैं?
पंजाब BJP के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने उच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच, आरोपी कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई, आवंटित घरों की पात्रता की गहन जाँच और 367 खारिज आवेदनों के पुनः सत्यापन की माँग की है।
पंजाब के 484 दलित गाँवों को PMAY में शामिल करने से क्या होगा?
केंद्र सरकार इन गाँवों में विकास कार्यों के लिए प्रत्येक गाँव को ₹20 लाख तक का अनुदान देगी। यह लाभ सड़क-भवन निर्माण से आगे बढ़कर पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सुविधाएँ और कौशल विकास को भी कवर करेगा।
PMAY भ्रष्टाचार के आरोपों पर पंजाब सरकार का क्या रुख है?
अभी तक पंजाब राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। BJP ने संकेत दिया है कि यदि जाँच का आदेश नहीं मिला तो वह आगे की कार्रवाई करेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का उद्देश्य क्या है?
PMAY केंद्र सरकार की योजना है जिसका लक्ष्य आर्थिक रूप से कमज़ोर और निम्न-आय वर्ग के परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू होती है और लाभार्थियों का चयन पात्रता मानदंडों के आधार पर होता है।
राष्ट्र प्रेस
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