बिहार में PM आवास योजना: 2.35 लाख परिवारों को मिला पक्का घर, मोतिहारी में चाबी सौंपकर मनाया गृह-प्रवेश उत्सव
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्यभर में कुल 2.35 लाख पक्के घर निर्मित किए गए हैं। गुरुवार, 20 अगस्त को राज्य के विभिन्न जिलों में सरकारी प्रतिनिधियों ने लाभार्थियों को औपचारिक रूप से घरों की चाबियाँ सौंपीं और गृह-प्रवेश समारोह आयोजित किए। मोतिहारी जिले में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी परिवार शामिल हुए, जिनमें से कई भावुक हो उठे।
मोतिहारी में भव्य गृह-प्रवेश समारोह
मोतिहारी जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक श्यामबाबू यादव, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के विधायक बबलू गुप्ता और जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने लाभार्थियों को घर की चाबियाँ सौंपीं और पक्के घर मिलने पर उन्हें बधाई दी।
BJP विधायक श्यामबाबू यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य देश के हर गरीब परिवार को सुरक्षित छत वाला पक्का घर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि 'चाबियों का यह वितरण प्रधानमंत्री के उस विजन को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।'
जिले में 35 हजार घर बनकर तैयार
जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बताया कि मोतिहारी जिले में अब तक लगभग 35,000 पक्के घर बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन के उन प्रयासों का उल्लेख किया जिनके जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय पर मिले। गौरतलब है कि PMAY ग्रामीण और शहरी — दोनों घटकों के तहत बिहार देश के शीर्ष लाभार्थी राज्यों में रहा है।
लाभार्थियों की प्रतिक्रिया: 'शब्दों में बयान नहीं कर सकती खुशी'
नए घर की चाबी पाकर लाभार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई लोगों ने बताया कि फूस या कच्चे घरों में रहने के कारण बारिश के मौसम में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। एक महिला लाभार्थी ने कहा, 'मैं इतनी खुश हूँ कि अपनी खुशी को शब्दों में बयान नहीं कर सकती।' उन्होंने पक्के घर के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।
एक बुजुर्ग लाभार्थी ने कहा कि अब उन्हें जर्जर पुराने घर में रहने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा और उन्हें लगता है कि 'अब सब कुछ मिल गया।' यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण भारत में आवास की गुणवत्ता को लेकर सामाजिक संगठन लंबे समय से आवाज़ उठाते रहे हैं।
योजना का व्यापक संदर्भ
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य 'सबके लिए आवास' सुनिश्चित करना है। बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्य में इस योजना की पहुँच विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहाँ ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों की संख्या अभी भी उल्लेखनीय है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बने 2.35 लाख घर इस दिशा में राज्य सरकार और केंद्र के संयुक्त प्रयास का परिणाम बताए जा रहे हैं।
आगे चलकर प्रशासन का ध्यान शेष पात्र लाभार्थियों तक योजना की पहुँच सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगा।