20 अगस्त 2026
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बिहार में PM आवास योजना: 2.35 लाख परिवारों को मिला पक्का घर, मोतिहारी में चाबी सौंपकर मनाया गृह-प्रवेश उत्सव

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बिहार में PM आवास योजना: 2.35 लाख परिवारों को मिला पक्का घर, मोतिहारी में चाबी सौंपकर मनाया गृह-प्रवेश उत्सव

सारांश

बिहार में 2.35 लाख परिवारों का 'अपने घर' का सपना साकार हुआ — PMAY के तहत मोतिहारी समेत राज्यभर में गृह-प्रवेश समारोह हुए। फूस के घरों की मुश्किलें झेल चुके लाभार्थियों के लिए यह चाबी महज धातु का टुकड़ा नहीं, बल्कि सुरक्षित जीवन की शुरुआत है।

मुख्य बातें

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 2.35 लाख पक्के घर निर्मित किए गए।
20 अगस्त को राज्यभर में गृह-प्रवेश समारोह आयोजित; सरकारी प्रतिनिधियों ने लाभार्थियों को चाबियाँ सौंपीं।
मोतिहारी जिले में अब तक लगभग 35,000 पक्के घर बनकर तैयार: जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ।
कार्यक्रम में BJP विधायक श्यामबाबू यादव और LJP विधायक बबलू गुप्ता मुख्य अतिथि रहे।
लाभार्थियों ने बताया कि कच्चे-फूस के घरों में बारिश के मौसम में भारी कठिनाइयाँ होती थीं; पक्के घर से जीवन सुरक्षित हुआ।

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्यभर में कुल 2.35 लाख पक्के घर निर्मित किए गए हैं। गुरुवार, 20 अगस्त को राज्य के विभिन्न जिलों में सरकारी प्रतिनिधियों ने लाभार्थियों को औपचारिक रूप से घरों की चाबियाँ सौंपीं और गृह-प्रवेश समारोह आयोजित किए। मोतिहारी जिले में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी परिवार शामिल हुए, जिनमें से कई भावुक हो उठे।

मोतिहारी में भव्य गृह-प्रवेश समारोह

मोतिहारी जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक श्यामबाबू यादव, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के विधायक बबलू गुप्ता और जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने लाभार्थियों को घर की चाबियाँ सौंपीं और पक्के घर मिलने पर उन्हें बधाई दी।

BJP विधायक श्यामबाबू यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य देश के हर गरीब परिवार को सुरक्षित छत वाला पक्का घर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि 'चाबियों का यह वितरण प्रधानमंत्री के उस विजन को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।'

जिले में 35 हजार घर बनकर तैयार

जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बताया कि मोतिहारी जिले में अब तक लगभग 35,000 पक्के घर बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन के उन प्रयासों का उल्लेख किया जिनके जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय पर मिले। गौरतलब है कि PMAY ग्रामीण और शहरी — दोनों घटकों के तहत बिहार देश के शीर्ष लाभार्थी राज्यों में रहा है।

लाभार्थियों की प्रतिक्रिया: 'शब्दों में बयान नहीं कर सकती खुशी'

नए घर की चाबी पाकर लाभार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई लोगों ने बताया कि फूस या कच्चे घरों में रहने के कारण बारिश के मौसम में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। एक महिला लाभार्थी ने कहा, 'मैं इतनी खुश हूँ कि अपनी खुशी को शब्दों में बयान नहीं कर सकती।' उन्होंने पक्के घर के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।

एक बुजुर्ग लाभार्थी ने कहा कि अब उन्हें जर्जर पुराने घर में रहने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा और उन्हें लगता है कि 'अब सब कुछ मिल गया।' यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण भारत में आवास की गुणवत्ता को लेकर सामाजिक संगठन लंबे समय से आवाज़ उठाते रहे हैं।

योजना का व्यापक संदर्भ

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य 'सबके लिए आवास' सुनिश्चित करना है। बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्य में इस योजना की पहुँच विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहाँ ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों की संख्या अभी भी उल्लेखनीय है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बने 2.35 लाख घर इस दिशा में राज्य सरकार और केंद्र के संयुक्त प्रयास का परिणाम बताए जा रहे हैं।

आगे चलकर प्रशासन का ध्यान शेष पात्र लाभार्थियों तक योजना की पहुँच सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने घर गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे हैं और कितने वास्तव में सबसे ज़रूरतमंद परिवारों तक पहुँचे। PMAY की पिछली समीक्षाओं में पात्रता सूची में अनियमितताओं और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मोतिहारी जैसे ज़िलों में समारोहों की भव्यता राजनीतिक संदेश देने का माध्यम भी बनती है — ऐसे में ज़रूरी है कि लाभार्थी चयन और निर्माण की स्वतंत्र निगरानी को उतनी ही प्राथमिकता मिले जितनी चाबी-वितरण समारोहों को।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2026-27 में कितने घर बने?
वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार में PMAY के अंतर्गत कुल 2.35 लाख पक्के घर निर्मित किए गए। 20 अगस्त को राज्यभर में गृह-प्रवेश समारोह आयोजित कर लाभार्थियों को चाबियाँ सौंपी गईं।
मोतिहारी जिले में PMAY के तहत कितने घर बनाए गए हैं?
जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव के अनुसार मोतिहारी जिले में अब तक लगभग 35,000 पक्के घर बनकर तैयार हो चुके हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय पर मिले।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ किसे मिलता है?
PMAY मुख्यतः आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और बेघर परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए है। बिहार जैसे राज्यों में ग्रामीण और शहरी — दोनों घटकों के तहत लाभार्थियों का चयन किया जाता है।
मोतिहारी गृह-प्रवेश समारोह में कौन-से जनप्रतिनिधि शामिल हुए?
समारोह में BJP विधायक श्यामबाबू यादव, LJP विधायक बबलू गुप्ता और जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इन्होंने लाभार्थियों को घर की चाबियाँ सौंपीं।
PMAY के तहत पक्का घर मिलने से लाभार्थियों के जीवन में क्या बदलाव आया?
लाभार्थियों ने बताया कि पहले कच्चे या फूस के घरों में बारिश के मौसम में भारी कठिनाइयाँ होती थीं। पक्का घर मिलने से वे अब अधिक सुरक्षित और आरामदायक जीवन जी सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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