पितृ पक्ष 2025: यूपी CM योगी का आह्वान — पूर्वजों की विरासत को आचरण में उतारें, 1 अक्टूबर से स्वास्थ्य अभियान भी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 अक्टूबर 2025 को लखनऊ से प्रदेशवासियों के नाम एक संदेश जारी करते हुए पितृ पक्ष को केवल श्राद्ध-तर्पण तक सीमित न रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का अर्थ केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि उनके त्याग, परिश्रम और संस्कारों को अपने आचरण में जीवंत रखना है।
पितृ पक्ष का महत्व और तिथियाँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि आश्विन कृष्ण प्रतिपदा (27 सितंबर) से प्रारंभ हुआ यह पवित्र पक्ष सर्वपितृ अमावस्या (10 अक्टूबर) को पूर्ण होगा। उनके अनुसार इन दिनों श्राद्ध और पिंडदान के माध्यम से हम पूर्वजों के तप एवं संस्कारों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति अतीत को वर्तमान और वर्तमान को भविष्य से जोड़ने वाली जीवंत दृष्टि है, महज एक स्मरण-परंपरा नहीं।
ऐतिहासिक प्रसंग: आगरा किले का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने आगरा किले के एक ऐतिहासिक प्रसंग का हवाला दिया, जिसमें शाहजहाँ ने पुत्र औरंगजेब की कैद में रहते हुए जल के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि उस पत्र में शाहजहाँ ने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए यह तथ्य रेखांकित किया कि दिवंगत पूर्वजों को जल अर्पित किया जाता है, फिर भी कैद में जीवित पिता जल के लिए व्याकुल रहा। यह प्रसंग, मुख्यमंत्री के अनुसार, पूर्वजों के प्रति श्रद्धा की गहराई को उजागर करता है।
पारिवारिक और सामाजिक दायित्व
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करें, बच्चों को संस्कारों से परिचित कराएं और ज्ञान, सेवा व सदाचार की उस परंपरा को आगे बढ़ाएं जो पीढ़ियों को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अधिक समृद्ध विरासत सौंपना हमारा धर्म है और इसी सतत विकास की भावना से परिवार, समाज तथा राष्ट्र को नई ऊर्जा मिलती है।
स्वास्थ्य अभियान: संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक
मुख्यमंत्री ने स्वस्थ विरासत को आगे बढ़ाने के संदर्भ में दो विशेष सरकारी अभियानों की जानकारी दी। 1 से 31 अक्टूबर 2025 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 12 से 31 अक्टूबर 2025 तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इन अभियानों के तहत स्वास्थ्यकर्मी, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ घर-घर जाकर स्वच्छता, रोग-लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार के बारे में जागरूकता फैलाएंगी।
उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन को सफल जनभागीदारी का उदाहरण बताते हुए कहा कि समग्र प्रयास से असंभव को भी संभव किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वच्छता को दिनचर्या बनाने, जलभराव रोकने और बुखार जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की अपील की।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने संदेश के अंत में कहा कि 'दस्तक' को हर घर में स्वास्थ्य-जागरूकता का अभियान बनाया जाए। उनका कहना था कि स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज से ही विकसित उत्तर प्रदेश का सपना साकार होगा — और यही पूर्वजों से मिली सबसे बड़ी विरासत को आगे बढ़ाना है।