CM योगी आदित्यनाथ की वर्षा ऋतु पाती: प्रदेशवासियों से 5 संकल्पों का आग्रह
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जून 2026 को वर्षा ऋतु और चातुर्मास के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को एक विशेष पाती (पत्र) लिखकर प्रकृति संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश दिया। इस पत्र में उन्होंने पाँच ठोस आग्रह किए और मानसून के दौरान सावधानी बरतने की अपील की।
पाती का मूल भाव
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा, 'प्रकृति का प्रत्येक परिवर्तन जीवन का नया संदेश लेकर आता है। वर्षा ऋतु नवसृजन, संवर्धन और समृद्धि का आगमन है।' उन्होंने उत्तर प्रदेश को कृषि प्रधान प्रदेश बताते हुए कहा कि किसानों का श्रम ही प्रदेश और देश की खाद्य सुरक्षा की नींव है। योगी ने संस्कृत श्लोक 'माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः' — अर्थात 'यह भूमि हमारी माता है और हम इस भूमि के पुत्र हैं' — का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों को धरती माँ के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराया।
पाँच प्रमुख आग्रह
पहला आग्रह: 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प ले।
दूसरा आग्रह: 'जल है तो कल है' की भावना के साथ तालाबों, पोखरों, अमृत सरोवरों, कुओं और पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण करें तथा घर, विद्यालय, ग्राम पंचायत और संस्थानों में वर्षा जल संचयन को जन अभियान बनाएं।
तीसरा आग्रह: प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा दें, जिससे परिवार, समाज और प्रदेश स्वस्थ होगा तथा टिकाऊ कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
चौथा आग्रह: बरसात के मौसम में स्वच्छता बनाए रखें और जलजनित एवं संक्रामक रोगों से बचाव हेतु सावधानी बरतें।
पाँचवाँ आग्रह: आसपास जलजमाव न होने दें, कूड़े का ढेर न लगने दें और नालियाँ प्लास्टिक से जाम न हों — इसका विशेष ध्यान रखें।
आकाशीय बिजली और बाढ़ से सावधानी
मुख्यमंत्री ने पाती में यह भी लिखा कि वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं, इसलिए उस समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। उन्होंने यह भी कहा कि अतिवृष्टि के कारण नदियों एवं जलाशयों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ सकता है, अतः इस दौरान नदियों और जलाशयों में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतें।
सरकार की तैयारियाँ और जनसहयोग की अपील
योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि सरकार ने मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से सतर्क और सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि जनता का सहयोग ही सरकारी प्रयासों को सार्थक बनाता है। यह पाती ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ बाढ़ और जलजमाव की आशंकाएं बढ़ने लगती हैं।