9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

CM योगी आदित्यनाथ की वर्षा ऋतु पाती: प्रदेशवासियों से 5 संकल्पों का आग्रह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
CM योगी आदित्यनाथ की वर्षा ऋतु पाती: प्रदेशवासियों से 5 संकल्पों का आग्रह

सारांश

वर्षा ऋतु और चातुर्मास की शुरुआत पर CM योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को पाती लिखी — पौधारोपण, जल संचयन, जैविक खेती, स्वच्छता और जलजमाव रोकने के पाँच संकल्पों का आग्रह करते हुए। साथ ही आकाशीय बिजली और बाढ़ से सावधानी की भी अपील की।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 22 जून 2026 को वर्षा ऋतु और चातुर्मास पर प्रदेशवासियों को विशेष पाती लिखी।
' एक पेड़ माँ के नाम ' अभियान के तहत प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने का आग्रह किया।
तालाबों, कुओं और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के साथ वर्षा जल संचयन को जन अभियान बनाने की अपील।
जैविक खेती , स्वच्छता और जलजमाव रोकने पर जोर — जलजनित रोगों से बचाव हेतु सावधानी।
आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े होने और नदियों में स्नान से बचने की सलाह।
सरकार ने मानसून चुनौतियों के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं, फिर भी जनसहयोग ज़रूरी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जून 2026 को वर्षा ऋतु और चातुर्मास के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को एक विशेष पाती (पत्र) लिखकर प्रकृति संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश दिया। इस पत्र में उन्होंने पाँच ठोस आग्रह किए और मानसून के दौरान सावधानी बरतने की अपील की।

पाती का मूल भाव

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा, 'प्रकृति का प्रत्येक परिवर्तन जीवन का नया संदेश लेकर आता है। वर्षा ऋतु नवसृजन, संवर्धन और समृद्धि का आगमन है।' उन्होंने उत्तर प्रदेश को कृषि प्रधान प्रदेश बताते हुए कहा कि किसानों का श्रम ही प्रदेश और देश की खाद्य सुरक्षा की नींव है। योगी ने संस्कृत श्लोक 'माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः' — अर्थात 'यह भूमि हमारी माता है और हम इस भूमि के पुत्र हैं' — का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों को धरती माँ के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराया।

पाँच प्रमुख आग्रह

पहला आग्रह: 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प ले।

दूसरा आग्रह: 'जल है तो कल है' की भावना के साथ तालाबों, पोखरों, अमृत सरोवरों, कुओं और पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण करें तथा घर, विद्यालय, ग्राम पंचायत और संस्थानों में वर्षा जल संचयन को जन अभियान बनाएं।

तीसरा आग्रह: प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा दें, जिससे परिवार, समाज और प्रदेश स्वस्थ होगा तथा टिकाऊ कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

चौथा आग्रह: बरसात के मौसम में स्वच्छता बनाए रखें और जलजनित एवं संक्रामक रोगों से बचाव हेतु सावधानी बरतें।

पाँचवाँ आग्रह: आसपास जलजमाव न होने दें, कूड़े का ढेर न लगने दें और नालियाँ प्लास्टिक से जाम न हों — इसका विशेष ध्यान रखें।

आकाशीय बिजली और बाढ़ से सावधानी

मुख्यमंत्री ने पाती में यह भी लिखा कि वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं, इसलिए उस समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। उन्होंने यह भी कहा कि अतिवृष्टि के कारण नदियों एवं जलाशयों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ सकता है, अतः इस दौरान नदियों और जलाशयों में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतें।

सरकार की तैयारियाँ और जनसहयोग की अपील

योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि सरकार ने मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से सतर्क और सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि जनता का सहयोग ही सरकारी प्रयासों को सार्थक बनाता है। यह पाती ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ बाढ़ और जलजमाव की आशंकाएं बढ़ने लगती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पाँच आग्रह व्यावहारिक और समयोचित हैं — विशेषकर जब उत्तर प्रदेश हर मानसून में बाढ़, जलजमाव और आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों की गंभीर चुनौती झेलता है। सवाल यह है कि क्या ये आग्रह केवल भावनात्मक अपील तक सीमित रहेंगे या सरकार इन्हें ज़मीनी क्रियान्वयन से जोड़ेगी। 'एक पेड़ माँ के नाम' जैसे अभियान पहले भी चले हैं, पर वृक्षारोपण के बाद पौधों की जीवित रहने की दर और जल संचयन ढाँचे की वास्तविक स्थिति पर पारदर्शी डेटा सार्वजनिक नहीं होता।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने वर्षा ऋतु पाती में क्या लिखा है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जून 2026 को प्रदेशवासियों को लिखी पाती में पाँच आग्रह किए — पौधारोपण, जल संचयन, जैविक खेती, स्वच्छता और जलजमाव रोकना। साथ ही आकाशीय बिजली और नदियों में बाढ़ के दौरान सावधानी बरतने की अपील भी की।
'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान क्या है?
यह एक सरकारी पौधारोपण अभियान है जिसके तहत CM योगी ने प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया है। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है।
मानसून में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए CM योगी ने क्या सलाह दी?
CM योगी ने सलाह दी कि वर्षा के समय आकाशीय बिजली गिरने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। उन्होंने यह भी कहा कि अतिवृष्टि के दौरान नदियों और जलाशयों में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतें।
UP में वर्षा जल संचयन को लेकर CM योगी का क्या संदेश है?
'जल है तो कल है' की भावना के साथ CM योगी ने तालाबों, पोखरों, अमृत सरोवरों, कुओं और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का आग्रह किया। उन्होंने घर, विद्यालय, ग्राम पंचायत और संस्थानों में वर्षा जल संचयन को जन अभियान बनाने पर जोर दिया।
चातुर्मास का क्या महत्व है और CM योगी ने इसे क्यों जोड़ा?
चातुर्मास वर्षा ऋतु के चार माह का पावन काल है जो हिंदू परंपरा में प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और संयमित जीवन का प्रतीक माना जाता है। CM योगी ने इसे जोड़कर प्रदेशवासियों को सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टिकोणों से प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले