20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार में ₹29,164 करोड़ से 24.3 लाख घरों को मंजूरी, शिवराज सिंह चौहान ने पटना में किया ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार में ₹29,164 करोड़ से 24.3 लाख घरों को मंजूरी, शिवराज सिंह चौहान ने पटना में किया ऐलान

सारांश

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना में बिहार के लिए ₹29,164 करोड़ की लागत से 24.3 लाख से अधिक घरों की मंजूरी की घोषणा की। इसके साथ ₹13,427 करोड़ के नए आवंटन से 11 लाख से अधिक पक्के मकान बनाए जाएँगे। फसल बीमा, लखपति दीदी और किसान पहचान पत्र भी कार्यक्रम के केंद्र में रहे।

मुख्य बातें

शिवराज सिंह चौहान ने 20 अगस्त 2026 को पटना में बिहार के लिए ₹29,164 करोड़ की लागत से 24,30,327 घरों की कुल मंजूरी की घोषणा की।
नए चरण में ₹13,427 करोड़ के आवंटन से 11,18,937 पक्के मकान बनाए जाएँगे।
बिहार में अब तक 53,83,000 किसान पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बाढ़, सूखा और प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति पर किसानों को मुआवजा मिलेगा।
प्रत्येक जिले में महिला बाज़ार स्थापित करने की योजना; लखपति दीदी पहल के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को बाज़ार से जोड़ा जाएगा।

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 अगस्त 2026 को पटना में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यक्रम में घोषणा की कि बिहार में अब तक कुल 24,30,327 घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिन पर ₹29,164 करोड़ व्यय होंगे। इसी कार्यक्रम में उन्होंने बिहार के गरीब परिवारों के लिए ₹13,427 करोड़ के आवंटन के साथ 11,18,937 नए पक्के मकानों की स्वीकृति की भी घोषणा की।

मुख्य घोषणाएँ

चौहान ने कहा कि पिछले दो वर्षों की प्रगति यह दर्शाती है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लाभार्थियों तक विकास पहुँचाने का ठोस प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को धनराशि अधिक पारदर्शिता के साथ हस्तांतरित की जा रही है।

किसान पहचान पत्र के मोर्चे पर बिहार की सराहना करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 53,83,000 किसान पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं, जिससे पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ सीधे और त्वरित रूप से पहुँचाना सुगम होगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का महत्व

चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बिहार में क्रियान्वयन पर विशेष ज़ोर दिया। उनके अनुसार यह योजना बाढ़, सूखा, अत्यधिक वर्षा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति की स्थिति में किसानों को मुआवजा सुनिश्चित करेगी, जिससे खेती से जुड़ी अनिश्चितता में कमी आएगी।

उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपने अधिकारों को समझें और फसल बीमा योजना के तहत उपलब्ध लाभों का समय पर उपयोग करें। मंत्री ने कहा, 'यदि किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा। और यदि गांव मजबूत होगा, तो बिहार मजबूत होगा।' फसल बीमा के साथ-साथ खरीद, सहायता प्रणाली और प्रौद्योगिकी तक पहुँच को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी पहल

चौहान ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को इस कार्यक्रम का अहम स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में लाखों महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आगे बढ़ रही हैं और बड़ी संख्या में महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

मंत्री ने यह भी कहा कि महिला समूहों द्वारा उत्पादन बढ़ाना तब तक पर्याप्त नहीं होगा जब तक उनके उत्पादों को बाज़ारों तक पहुँच न मिले। इसके लिए प्रत्येक जिले में महिला बाज़ार स्थापित करने के प्रयास किए जाएँगे, ताकि जीविका दीदी और महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद बेचने का मंच मिल सके।

ग्रामीण संपर्क और बुनियादी ढाँचा

चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने के लिए सड़कें, मकान और कृषि — ये तीन मूलभूत आवश्यकताएँ हैं। बेहतर सड़कें गाँवों को बाज़ारों और सेवाओं से जोड़ेंगी, पक्के मकान परिवारों को सुरक्षा देंगे और सुदृढ़ कृषि ग्रामीण आय बढ़ाने में सहायक होगी।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब बिहार में विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और केंद्र सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इन घोषणाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

164 करोड़ और 24 लाख से अधिक घरों की ये संख्याएँ प्रभावशाली हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि स्वीकृत मकानों में से वास्तव में कितने पूर्ण हो चुके हैं — प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के राष्ट्रीय आँकड़े अक्सर स्वीकृति और पूर्णता के बीच बड़ा अंतर दर्शाते हैं। बिहार में विधानसभा चुनावों की निकटता को देखते हुए इस कार्यक्रम का समय महज संयोग नहीं लगता। किसान पहचान पत्र और लखपति दीदी जैसी पहलें दिशा में सही हैं, परंतु जब तक इनके लाभ सत्यापन-योग्य ज़मीनी परिणामों में नहीं बदलते, ये घोषणाएँ संख्याओं की राजनीति बनकर रह जाने का जोखिम उठाती हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कितने घरों को मंजूरी मिली है?
बिहार में अब तक कुल 24,30,327 घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिन पर ₹29,164 करोड़ व्यय होंगे। इसमें नवीनतम चरण में ₹13,427 करोड़ के आवंटन से स्वीकृत 11,18,937 पक्के मकान भी शामिल हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने पटना में किन योजनाओं की घोषणा की?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 अगस्त 2026 को पटना में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए मकानों की मंजूरी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के विस्तार, किसान पहचान पत्र और महिला बाज़ार स्थापित करने की योजनाओं की घोषणा की।
बिहार में किसान पहचान पत्र से किसानों को क्या फायदा होगा?
किसान पहचान पत्र से पात्र किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और शीघ्रता से पहुँचाना आसान होगा। बिहार में अब तक 53,83,000 किसान पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता में सुधार और लाभार्थियों की पहचान सरल होगी।
लखपति दीदी पहल बिहार में कैसे काम करती है?
लखपति दीदी पहल के तहत बिहार में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। सरकार अब प्रत्येक जिले में महिला बाज़ार स्थापित करने की योजना बना रही है, ताकि इन महिलाओं के उत्पादों को बिक्री का सीधा मंच मिल सके।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बिहार के किसानों को कैसे सुरक्षा देती है?
यह योजना बाढ़, सूखा, अत्यधिक वर्षा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति की स्थिति में पात्र किसानों को मुआवजा प्रदान करती है। इससे खेती से जुड़ी आर्थिक अनिश्चितता कम होगी और किसानों की आय सुरक्षित रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
    क्या पंजाब में बाढ़ से टूटे मकानों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फंड उपलब्ध कराएगी सरकार? : शिवराज सिंह चौहान (आईएएनएस साक्षात्कार)
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले