बिहार में ₹29,164 करोड़ से 24.3 लाख घरों को मंजूरी, शिवराज सिंह चौहान ने पटना में किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 अगस्त 2026 को पटना में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यक्रम में घोषणा की कि बिहार में अब तक कुल 24,30,327 घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिन पर ₹29,164 करोड़ व्यय होंगे। इसी कार्यक्रम में उन्होंने बिहार के गरीब परिवारों के लिए ₹13,427 करोड़ के आवंटन के साथ 11,18,937 नए पक्के मकानों की स्वीकृति की भी घोषणा की।
मुख्य घोषणाएँ
चौहान ने कहा कि पिछले दो वर्षों की प्रगति यह दर्शाती है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लाभार्थियों तक विकास पहुँचाने का ठोस प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को धनराशि अधिक पारदर्शिता के साथ हस्तांतरित की जा रही है।
किसान पहचान पत्र के मोर्चे पर बिहार की सराहना करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 53,83,000 किसान पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं, जिससे पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ सीधे और त्वरित रूप से पहुँचाना सुगम होगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का महत्व
चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बिहार में क्रियान्वयन पर विशेष ज़ोर दिया। उनके अनुसार यह योजना बाढ़, सूखा, अत्यधिक वर्षा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति की स्थिति में किसानों को मुआवजा सुनिश्चित करेगी, जिससे खेती से जुड़ी अनिश्चितता में कमी आएगी।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपने अधिकारों को समझें और फसल बीमा योजना के तहत उपलब्ध लाभों का समय पर उपयोग करें। मंत्री ने कहा, 'यदि किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा। और यदि गांव मजबूत होगा, तो बिहार मजबूत होगा।' फसल बीमा के साथ-साथ खरीद, सहायता प्रणाली और प्रौद्योगिकी तक पहुँच को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी पहल
चौहान ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को इस कार्यक्रम का अहम स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में लाखों महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आगे बढ़ रही हैं और बड़ी संख्या में महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
मंत्री ने यह भी कहा कि महिला समूहों द्वारा उत्पादन बढ़ाना तब तक पर्याप्त नहीं होगा जब तक उनके उत्पादों को बाज़ारों तक पहुँच न मिले। इसके लिए प्रत्येक जिले में महिला बाज़ार स्थापित करने के प्रयास किए जाएँगे, ताकि जीविका दीदी और महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद बेचने का मंच मिल सके।
ग्रामीण संपर्क और बुनियादी ढाँचा
चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने के लिए सड़कें, मकान और कृषि — ये तीन मूलभूत आवश्यकताएँ हैं। बेहतर सड़कें गाँवों को बाज़ारों और सेवाओं से जोड़ेंगी, पक्के मकान परिवारों को सुरक्षा देंगे और सुदृढ़ कृषि ग्रामीण आय बढ़ाने में सहायक होगी।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब बिहार में विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और केंद्र सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इन घोषणाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।