6 अक्टूबर 2026 का पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 से 12:38 बजे तक, उत्तर दिशा में यात्रा वर्जित
सारांश
मुख्य बातें
हिंदू पंचांग के अनुसार 6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रात 12:34 बजे तक रहेगी, इसके पश्चात द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक रहेगा, जिसे दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है। पंचांग के अनुसार मंगलवार को दिशाशूल उत्तर एवं ईशान (उत्तर-पूर्व) कोण में रहेगा, अतः इन दिशाओं में यात्रा टालने की सलाह दी जाती है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
मंगलवार को सूर्योदय सुबह 6:24 बजे और सूर्यास्त शाम 6:06 बजे होगा। चंद्रोदय रात 1:58 बजे और चंद्रास्त दोपहर 3:25 बजे होगा। पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। वैदिक ज्योतिष में हस्त नक्षत्र को 13वाँ नक्षत्र माना गया है, जिसका अर्थ 'हाथ' है और इसके स्वामी चंद्रमा हैं तथा इसकी राशि कन्या है।
शुभ योग और मुहूर्त
मंगलवार की सुबह 7:19 बजे तक सिद्ध योग रहेगा। वैदिक पंचांग के 27 नित्य योगों में सिद्ध योग को अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस योग में गुरु-शिष्य संबंध विशेष रूप से महत्वपूर्ण होते हैं तथा निःस्वार्थ सेवा भाव से मन में प्रेम और अनासक्ति बढ़ती है।
इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक लगभग 48 मिनट का रहेगा। पंचांग परंपरा के अनुसार यह दिनमान का आठवाँ मुहूर्त होता है, जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर होते हैं। मान्यता है कि इस समय में किए गए कार्यों से अशुभ प्रभाव स्वतः नष्ट हो जाते हैं।
रात 8:44 बजे से 10:16 बजे तक अमृतकाल रहेगा। पंचांग शास्त्र के अनुसार अमृतकाल सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि है, जो नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।
अशुभ काल — राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड
इस दिन राहुकाल दोपहर 3:10 बजे से शाम 4:38 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को नए और शुभ कार्यों के आरंभ के लिए अशुभ माना गया है। यह समय सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच को 8 समान भागों में बाँटकर निर्धारित किया जाता है और प्रत्येक दिन लगभग 90 मिनट का होता है। पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं।
गुलिक काल दोपहर 12:15 बजे से 1:42 बजे तक रहेगा। इसे 'विषैला समय' भी कहा जाता है और यह एक अशुभ उपग्रह-काल है। इस दौरान नए कार्य आरंभ न करने की सलाह दी जाती है, हालाँकि बैंक में धनराशि जमा करना, दान देना अथवा निवेश करना इस काल में अपेक्षाकृत ठीक माना जाता है।
यमगंड काल सुबह 9:19 बजे से 10:47 बजे तक रहेगा। इस समय को मृत्यु के देवता यमराज से संबद्ध माना जाता है। पंचांग परंपरा के अनुसार इस काल में नया व्यापार, यात्रा और पैसों का लेनदेन टालना उचित बताया गया है।
ग्रह स्थिति और राशियों पर प्रभाव
मंगलवार को सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्य के कन्या राशि में होने से व्यक्ति के जीवन, कामकाज और बौद्धिक क्षमता पर विशेष प्रभाव पड़ता है। इस अवधि में व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना लाभकारी माना जाता है।
चंद्रमा रात 10:17 बजे तक कर्क राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा ही हैं, इसलिए चंद्रमा का अपनी ही राशि में होना विशेष रूप से शक्तिशाली स्थिति मानी जाती है। इस युति से व्यक्ति की भावनाएँ, संवेदनशीलता और कल्पना शक्ति प्रबल होती है।
दिशाशूल मंगलवार को उत्तर दिशा एवं ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में रहेगा। ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र के अनुसार दिशाशूल वाली दिशा में उस दिन यात्रा अशुभ मानी जाती है। आवश्यकता पड़ने पर गुड़ या शहद का सेवन कर यात्रा के दोष को शांत करने की पारंपरिक मान्यता है।
ज्योतिष-आधारित पंचांग-गणनाएँ स्थान और पद्धति के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती हैं; उपर्युक्त समय नई दिल्ली के संदर्भ में है। आगामी दिनों का पंचांग भी इसी प्रकार सूर्य-चंद्र की गतियों पर आधारित रहेगा।