20 अक्टूबर 2026 पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से 12:34 बजे तक, मंगलवार को उत्तर दिशा में यात्रा से बचें
सारांश
मुख्य बातें
हिंदू पंचांग के अनुसार 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10:52 बजे से प्रारंभ होकर रात 12:50 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात दशमी तिथि का आरंभ होगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा, जो दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है। मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहने के कारण उस दिशा में यात्रा करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चंद्र-गणना
इस दिन सूर्योदय सुबह 6:29 बजे और सूर्यास्त शाम 5:53 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 2:16 बजे और चंद्रास्त रात 1:39 बजे निर्धारित है। पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का मित्र माना जाता है। इस सूर्य-मंगल के संयोग से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, साहस और ऊर्जा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। नौकरीपेशा लोगों को उच्च अधिकारियों की सराहना मिल सकती है, वहीं प्रशासन एवं प्रबंधन से जुड़े लोगों को नई जिम्मेदारी या प्रमोशन की संभावना रहती है।
शुभ मुहूर्त: अभिजीत काल और अमृतकाल
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा — यह लगभग 48 मिनट का वह काल है जब सूर्य ठीक मस्तक के ऊपर होते हैं। पंचांग-ज्योतिष मान्यता के अनुसार इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से अशुभ प्रभाव और दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त, अमृतकाल सुबह 6:34 बजे से 8:20 बजे तक रहेगा। यह अत्यंत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण समयावधि मानी जाती है, जो नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ है।
अशुभ काल: राहुकाल, यमगंड, गुलिक और शूल योग
इस दिन राहुकाल दोपहर 3:02 बजे से 4:28 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में कोई नया शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए, हालांकि पूर्व-प्रारंभ कार्य जारी रखे जा सकते हैं। यमगंड काल सुबह 9:20 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा — यह समय मृत्यु के देवता यमराज से संबद्ध माना जाता है और इस दौरान नया काम, यात्रा तथा पैसों के लेनदेन से बचने की सलाह दी जाती है।
गुलिक काल दोपहर 12:11 बजे से 1:37 बजे तक रहेगा। इसे 'विषैला समय' भी कहा जाता है। इस काल में नए कार्य शुरू करने के बजाय बैंक में जमा, दान या निवेश जैसे कार्य करना उचित माना जाता है। शूल योग मंगलवार रात 12:49 बजे तक रहेगा — यह 27 नित्य योगों में 9वाँ योग है और अशुभ माना जाता है। इसके स्वामी नाग (सर्प) देवता हैं।
ग्रहों की स्थिति: सूर्य तुला में, चंद्र मकर में
मंगलवार को सूर्य तुला राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तुला राशि में सूर्य नीच के (कमजोर) माने जाते हैं, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में कुछ उतार-चढ़ाव संभव है। तुला राशि में बुध और शुक्र की उपस्थिति से त्रिग्रही योग (बुधादित्य और शुक्रादित्य योग) का निर्माण होता है, जो कुछ राशियों और आर्थिक मामलों पर मिला-जुला असर डाल सकता है।
चंद्र देव मकर राशि में संचार करेंगे। मकर राशि के स्वामी शनि हैं, जो कर्म और अनुशासन के कारक माने जाते हैं। इस प्रभाव से व्यक्ति अपने कार्य के प्रति अधिक समर्पित, समय का पाबंद और जिम्मेदार रह सकता है।
दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी
मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र की मान्यता के अनुसार दिशाशूल वाली दिशा में उस दिन यात्रा करना अशुभ माना जाता है, अतः जो लोग 20 अक्टूबर को उत्तर दिशा में यात्रा की योजना बना रहे हों, वे यदि संभव हो तो उसे टालें या किसी ज्योतिषी से परामर्श करें। शेष दिशाओं में यात्रा के लिए अमृतकाल या अभिजीत मुहूर्त का चयन लाभकारी रहेगा।