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10 अक्टूबर 2026 का पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50–12:37, राहुकाल 9:19–10:46, पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित

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10 अक्टूबर 2026 का पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50–12:37, राहुकाल 9:19–10:46, पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित

सारांश

10 अक्टूबर 2026 को आश्विन अमावस्या के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से 12:37 और अमृतकाल दोपहर 3:35 से 5:13 बजे तक है। राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल में नए कार्य वर्जित हैं। इंद्र योग और हस्त नक्षत्र का संयोग दिन को ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष बनाता है।

मुख्य बातें

अमावस्या तिथि रात 9:19 बजे तक, इसके बाद प्रतिपदा आरंभ।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से दोपहर 12:37 बजे तक — शुभ कार्यों के लिए दिन का सर्वोत्तम समय।
अमृतकाल दोपहर 3:35 से शाम 5:13 बजे — नया व्यापार, निवेश और पूजा के लिए श्रेष्ठ।
राहुकाल सुबह 9:19 से 10:46 , गुलिक काल 6:25 से 7:52 , यमगंड काल दोपहर 1:40 से 3:08 बजे — नए कार्य न करें।
सूर्य एवं चंद्रमा दोनों कन्या राशि में; सूर्य हस्त नक्षत्र में।
दिशाशूल पूर्व दिशा में — पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित।

आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के साथ शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक रहेगा, जिसे दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, दिशाशूल पूर्व दिशा में होने के कारण इस दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना उचित रहेगा।

तिथि, सूर्योदय और चंद्रोदय

पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि रात 9:19 बजे तक रहेगी, इसके पश्चात प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा। सूर्योदय सुबह 6:25 बजे और सूर्यास्त शाम 6:02 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 5:51 बजे और चंद्रास्त शाम 5:44 बजे होगा।

नक्षत्र और योग

इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हस्त नक्षत्र 27 नक्षत्रों में 13वाँ नक्षत्र है, जिसका अर्थ 'हाथ' है। इसके स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है। चंद्रमा का सूर्य से मित्रता का संबंध माना गया है, इसलिए यह स्थिति सभी 12 राशियों पर विशेष प्रभाव डालती है।

शनिवार को रात 10:02 बजे तक ऐंद्र (इंद्र) योग रहेगा। 27 नित्य योगों में यह 26वें स्थान पर आता है। वैदिक ज्योतिष में इसे अत्यंत शुभ, राजसी एवं प्रभावशाली योग माना जाता है, जो देवराज इंद्र के नेतृत्व, ऐश्वर्य और मान-सम्मान के गुणों का प्रतीक है।

शुभ मुहूर्त: अभिजीत और अमृतकाल

दिन के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त के रूप में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से दोपहर 12:37 बजे तक रहेगा। यह लगभग 48 मिनट का समय होता है और इसे दिनमान का आठवाँ मुहूर्त कहा जाता है। जब सूर्य ठीक मस्तक के ऊपर होते हैं, तब यह मुहूर्त होता है। मान्यता है कि इस समय में किए गए कार्यों के सभी अशुभ प्रभाव स्वतः नष्ट हो जाते हैं।

इसके अतिरिक्त, अमृतकाल दोपहर 3:35 से शाम 5:13 बजे तक रहेगा। यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।

अशुभ काल: राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल

इस दिन राहुकाल सुबह 9:19 से 10:46 बजे तक रहेगा। यह किसी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। राहुकाल सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को आठ बराबर भागों में बाँटकर निकाला जाता है और प्रतिदिन लगभग 90 मिनट का होता है।

गुलिक काल सुबह 6:25 से 7:52 बजे तक रहेगा। इसे 'विषैला समय' भी कहते हैं और इस काल में नए कार्यों का आरंभ वर्जित माना गया है। हालाँकि, इस काल में बैंक में धनराशि जमा करना, दान देना या निवेश करना शुभ माना जाता है।

यमगंड काल दोपहर 1:40 से 3:08 बजे तक रहेगा। यह समय मृत्यु के देवता यमराज से संबंधित माना जाता है। इस दौरान नया व्यापार या कार्य आरंभ करने, यात्रा पर निकलने और धन के लेनदेन से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

राशि स्थिति और दिशाशूल

शनिवार को सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस स्थिति में व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना लाभकारी रहता है। चंद्रमा भी कन्या राशि में संचार करेंगे। कन्या राशि के स्वामी बुध हैं, जो चंद्रमा के मित्र हैं, अतः मन और भावनाएँ विश्लेषणात्मक एवं संवेदनशील रहेंगी।

इस दिन दिशाशूल पूर्व दिशा में है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना अशुभ माना जाता है। अतः शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालना उचित रहेगा।

कुल मिलाकर, 10 अक्टूबर 2026 के दिन शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त और अमृतकाल का उपयोग करें तथा राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल में नए कार्यों से बचें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सांस्कृतिक परंपरा है जो सूर्य-चंद्र की खगोलीय गणनाओं पर टिकी है। अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल जैसी अवधारणाएँ वैदिक काल-गणना की व्यावहारिक प्रस्तुति हैं। पाठकों को इन्हें सूचना के रूप में ग्रहण करना चाहिए और व्यक्तिगत विवेक से निर्णय लेना चाहिए।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

10 अक्टूबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त कब है?
10 अक्टूबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक रहेगा। यह लगभग 48 मिनट का समय होता है और इसे दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है।
10 अक्टूबर 2026 को राहुकाल किस समय है?
शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को राहुकाल सुबह 9:19 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई नया या शुभ कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।
10 अक्टूबर 2026 को दिशाशूल किस दिशा में है?
इस दिन दिशाशूल पूर्व दिशा में है, अतः पूर्व दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है। शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालना उचित रहेगा।
10 अक्टूबर 2026 को अमृतकाल कब है?
इस दिन अमृतकाल दोपहर 3:35 बजे से शाम 5:13 बजे तक रहेगा। यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
10 अक्टूबर 2026 को कौन-सी तिथि और नक्षत्र है?
इस दिन आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रात 9:19 बजे तक है, इसके बाद प्रतिपदा आरंभ होगी। सूर्य हस्त नक्षत्र में और इंद्र योग रात 10:02 बजे तक रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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