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24 अक्टूबर 2026 का पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से 12:33 बजे तक, पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित

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24 अक्टूबर 2026 का पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से 12:33 बजे तक, पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित

सारांश

24 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल त्रयोदशी है। अभिजीत मुहूर्त 11:48 से 12:33 बजे और अमृतकाल 3:50 से 5:23 बजे शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम है। राहुकाल 9:21 से 10:46 बजे तक रहेगा और दिशाशूल पूर्व दिशा में होने से पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित है।

मुख्य बातें

त्रयोदशी तिथि दोपहर 1:37 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 बजे तक — दिन का सर्वाधिक शुभ समय।
अमृतकाल शाम 3:50 से 5:23 बजे तक — निवेश, पूजा और यात्रा के लिए उत्तम।
राहुकाल सुबह 9:21 से 10:46 बजे तक — नए कार्य शुरू करने से बचें।
यमगंड काल दोपहर 1:35 से 3:00 बजे तक — यात्रा और वित्तीय लेनदेन से बचें।
दिशाशूल पूर्व दिशा में — शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित।

24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 1:37 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस दिन का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए दिन का सर्वोत्तम समय माना जाता है। पंचांग के अनुसार, शनिवार को दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा, इसलिए पूर्व दिशा में यात्रा से बचना उचित रहेगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति

शनिवार को सूर्योदय सुबह 6:31 बजे और सूर्यास्त शाम 5:50 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 4:31 बजे और चंद्रास्त तड़के 5:22 बजे होगा। पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य देव स्वाति नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता पवन देव (वायु) हैं और इसके स्वामी राहु हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, सूर्य के स्वाति नक्षत्र में स्थित होने पर व्यक्ति में पुरानी परिस्थितियों और बंधनों से मुक्त होकर स्वतंत्र रूप से कार्य करने की प्रवृत्ति प्रबल होती है।

योग और उनका महत्व

शनिवार रात 8:00 बजे तक व्याघात योग रहेगा। यह 27 नित्य योगों में से 13वाँ योग है। 'व्याघात' का शाब्दिक अर्थ 'आघात', 'चोट' या 'बड़ी बाधा' है। इसके देवता वायुदेव माने जाते हैं और इसे सामान्यतः अशुभ योग की श्रेणी में रखा जाता है। रात 8:00 बजे के बाद हर्षण योग प्रारंभ होगा, जो अपेक्षाकृत शुभ माना जाता है।

शुभ मुहूर्त: अभिजीत और अमृतकाल

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा — यह लगभग 48 मिनट की अवधि होती है जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर स्थित होते हैं। मान्यता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से समस्त अशुभ प्रभाव और दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त अमृतकाल शाम 3:50 बजे से 5:23 बजे तक रहेगा, जो नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्राओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

अशुभ काल: राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल

शनिवार को राहुकाल सुबह 9:21 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ समय होता है। यमगंड काल दोपहर 1:35 बजे से 3:00 बजे तक रहेगा — इसे यमराज से जुड़ा काल माना जाता है और इस दौरान नया व्यापार, यात्रा या पैसों के लेनदेन से बचने की सलाह दी जाती है। गुलिक काल सुबह 6:31 बजे से 7:56 बजे तक रहेगा। इसे 'विषैला समय' भी कहा जाता है, हालाँकि बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में उचित माना गया है।

ग्रह स्थिति और दिशाशूल

इस दिन सूर्य तुला राशि में रहेंगे। ज्योतिष में यह स्थिति सूर्य की नीच राशि मानी जाती है, क्योंकि अग्नि तत्व के कारक सूर्य का वायु तत्व और शुक्र-अधीन तुला राशि से स्वाभाविक विरोध है। इस स्थिति में आत्मबल और निर्णय लेने की क्षमता पर हल्का प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, चंद्र देव मीन राशि में रहेंगे, जिससे मानसिक संतुलन और स्थिरता बनाए रखने की प्रवृत्ति बढ़ती है। पंचांग के अनुसार शनिवार को दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा, इसलिए पूर्व दिशा में यात्रा आरंभ करने से बचें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे डिजिटल मंचों पर अत्यधिक खोजा जाता है। यह महज ज्योतिषीय जानकारी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जीवन की वह लय है जो करोड़ों परिवारों के निर्णयों को प्रभावित करती है। ऐसे में तथ्यात्मक सटीकता और समयबद्धता इस विषय की पत्रकारिता की केंद्रीय माँग है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 अक्टूबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त कब है?
24 अक्टूबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा। यह लगभग 48 मिनट की अवधि है और दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, जिसमें किए गए कार्यों के अशुभ प्रभाव स्वतः नष्ट होते हैं।
24 अक्टूबर को राहुकाल का समय क्या है?
24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को राहुकाल सुबह 9:21 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए; पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं।
24 अक्टूबर को किस दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए?
24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन पूर्व दिशा में यात्रा आरंभ करना अशुभ माना जाता है।
24 अक्टूबर 2026 को कौन-सी तिथि है?
24 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 1:37 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी।
24 अक्टूबर को अमृतकाल कब है और इसका महत्व क्या है?
24 अक्टूबर 2026 को अमृतकाल शाम 3:50 बजे से 5:23 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार यह अत्यंत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समय है, जो नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्राओं के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
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