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21 अक्टूबर 2026 पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:40–12:20, अमृतकाल 8:37–10:20 बजे तक

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21 अक्टूबर 2026 पंचांग: अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:40–12:20, अमृतकाल 8:37–10:20 बजे तक

सारांश

21 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल दशमी है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:40 से 12:20 और अमृतकाल 8:37 से 10:20 बजे तक — नए कार्यों, निवेश और पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ समय। राहुकाल दोपहर 12:11 से 1:36 बजे तक; दिशाशूल उत्तर-उत्तरपूर्व में।

मुख्य बातें

21 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल दशमी तिथि दोपहर 2:12 बजे तक, उसके बाद एकादशी आरंभ।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल।
अमृतकाल सुबह 8:37 बजे से 10:20 बजे तक — नए व्यापार, निवेश और पूजा के लिए उत्तम।
राहुकाल दोपहर 12:11 से 1:36 बजे , यमगंड काल सुबह 7:55 से 9:20 बजे , गुलिक काल 10:46 से 12:11 बजे — इनमें नए कार्य न करें।
सूर्य तुला राशि व चित्रा नक्षत्र में; चंद्र सुबह 7 बजे के बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
दिशाशूल उत्तर व उत्तर-पूर्व दिशा में — इस दिशा में यात्रा से बचें।

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 2:12 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात एकादशी तिथि का आरंभ होगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक और अमृतकाल सुबह 8:37 बजे से 10:20 बजे तक रहेगा — दोनों ही शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माने जाते हैं। पंचांग-गणना के अनुसार इस दिन का सूर्योदय सुबह 6:30 बजे और सूर्यास्त शाम 5:52 बजे होगा।

तिथि, नक्षत्र और ग्रह-स्थिति

पंचांग के अनुसार 21 अक्टूबर को सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का मित्र माना जाता है। इस युति से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, साहस, पराक्रम और ऊर्जा में वृद्धि होती है। नौकरीपेशा लोगों के कार्य की उच्च अधिकारियों द्वारा सराहना होने और प्रशासन तथा प्रबंधन से जुड़े लोगों को नई ज़िम्मेदारी या पदोन्नति मिलने की संभावना बताई जाती है।

इस दिन सूर्य तुला राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तुला राशि में सूर्य 'नीच' अर्थात कमज़ोर माने जाते हैं, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकता है। हालाँकि, तुला में सूर्य के साथ बुध और शुक्र की मौजूदगी से त्रिग्रही योग (बुधादित्य और शुक्रादित्य योग) का निर्माण होता है, जो कुछ राशियों और आर्थिक मामलों पर मिला-जुला असर डालता है। चंद्र देव सुबह 7 बजे के बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे व्यक्ति भावनाओं की बजाय तर्क और विवेक से निर्णय लेने की प्रवृत्ति की ओर बढ़ सकता है।

शुभ मुहूर्त: अभिजीत और अमृतकाल

अभिजीत मुहूर्त दिन का सर्वाधिक शुभ और फलदायी समय माना जाता है। यह लगभग 48 मिनट का होता है और तब आता है जब सूर्य ठीक मस्तक के ऊपर होते हैं — 21 अक्टूबर को यह सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से समस्त अशुभ प्रभाव और दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं।

अमृतकाल सुबह 8:37 बजे से 10:20 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार यह काल अत्यंत मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण होता है। नया व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए इसे श्रेष्ठ समय माना गया है।

अशुभ काल: राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल

राहुकाल दोपहर 12:11 बजे से 1:36 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में कोई भी नया या शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए; हालाँकि पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं। यमगंड काल सुबह 7:55 बजे से 9:20 बजे तक रहेगा, जिसे यात्रा और धन-लेनदेन के लिए अनुचित माना जाता है।

गुलिक काल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक रहेगा। इसे 'विषैला समय' भी कहा जाता है और नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। गौरतलब है कि इस काल में बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना शुभ माना जाता है। गंड योग बुधवार रात 12:32 बजे तक रहेगा, जिसे ज्योतिष में अशुभ और चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

दिशाशूल और चंद्रोदय-चंद्रास्त

बुधवार को दिशाशूल उत्तर तथा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा में यात्रा या प्रस्थान को अशुभ माना जाता है। चंद्रोदय दोपहर 2:50 बजे और चंद्रास्त रात 2:33 बजे होगा।

इस प्रकार 21 अक्टूबर 2026 का पंचांग शुभ और अशुभ कालों का संतुलित मिश्रण प्रस्तुत करता है — सही मुहूर्त का चयन कर महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

आस्था के प्रमाण के रूप में नहीं। पाठकों को ध्यान रखना चाहिए कि मुहूर्त-काल की गणना स्थान-विशेष पर निर्भर होती है, इसलिए नई दिल्ली से बाहर के पाठकों के लिए समय में अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक या वित्तीय निर्णय के लिए स्थानीय पंचांग विशेषज्ञ से परामर्श करना उचित रहेगा।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 अक्टूबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त किस समय है?
21 अक्टूबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। यह लगभग 48 मिनट का सर्वाधिक शुभ काल माना जाता है, जिसमें नए कार्यों की शुरुआत विशेष फलदायी होती है।
21 अक्टूबर 2026 को अमृतकाल कब से कब तक है?
इस दिन अमृतकाल सुबह 8:37 बजे से 10:20 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार यह अत्यंत मंगलकारी समय है और नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ तथा महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
21 अक्टूबर 2026 को राहुकाल किस समय रहेगा?
बुधवार 21 अक्टूबर को राहुकाल दोपहर 12:11 बजे से 1:36 बजे तक रहेगा। इस अवधि में कोई नया या शुभ कार्य आरंभ न करने की सलाह दी जाती है, हालाँकि पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं।
21 अक्टूबर 2026 की तिथि और नक्षत्र क्या है?
इस दिन आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 2:12 बजे तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे और चंद्र देव सुबह 7 बजे के बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
21 अक्टूबर 2026 को दिशाशूल किस दिशा में है और क्या सावधानी बरतें?
इस दिन दिशाशूल उत्तर तथा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिशा में यात्रा या प्रस्थान से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड काल (सुबह 7:55–9:20) में यात्रा और पैसों का लेनदेन भी वर्जित माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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