10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार के कृषि-ग्रामीण विकास पर उच्चस्तरीय बैठक: मनरेगा बकाया 30 जून तक, 60 लाख को पक्का मकान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार के कृषि-ग्रामीण विकास पर उच्चस्तरीय बैठक: मनरेगा बकाया 30 जून तक, 60 लाख को पक्का मकान

सारांश

पटना में बुधवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में बिहार के CM सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा बकाया 30 जून तक चुकाने, 60 लाख पात्र परिवारों को पक्का मकान देने और 1 जुलाई से नई ग्रामीण आजीविका मिशन लागू करने पर सहमति जताई।

मुख्य बातें

17 जून 2026 को पटना में CM सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच कृषि-ग्रामीण विकास पर उच्चस्तरीय बैठक हुई।
मनरेगा की सभी लंबित राशि का भुगतान 30 जून 2026 से पहले करने पर सहमति बनी।
विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना 1 जुलाई 2026 से लागू होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत बिहार में 60 लाख पात्र परिवारों को पक्का मकान देने का लक्ष्य।
जीविका दीदियों को 'लखपति दीदी' बनाने में बिहार देशभर में पहले स्थान पर।
बक्सर और लखीसराय में टमाटर-प्याज के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और मखाना बोर्ड गठन का प्रस्ताव।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार, 17 जून 2026 को पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में बिहार के कृषि एवं ग्रामीण विकास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने और केंद्र-राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार के लिए बैकलॉग राशि जारी किए जाने से राज्य की विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। बैठक में यह सहमति बनी कि मनरेगा की सभी लंबित राशि का भुगतान 30 जून 2026 से पहले कर दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण मज़दूरों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, ग्रामीण रोज़गार और आजीविका को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का विस्तार

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत बिहार में 1 करोड़ 4 लाख लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 60 लाख लोग पात्र पाए गए हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी गरीब परिवारों को शीघ्र पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत नए वित्तीय वर्ष में आवास निर्माण की रफ़्तार और बढ़ाई जाएगी।

महिला सशक्तिकरण और कृषि नवाचार

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका दीदियों को 'लखपति दीदी' बनाने के अभियान में बिहार देशभर में पहले स्थान पर है। सरस मेलों के ज़रिए ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाज़ार से जोड़ने में केंद्र सरकार का सहयोग जारी रहेगा। कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने बक्सर और लखीसराय में टमाटर एवं प्याज के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का आग्रह किया।

इसके अलावा, बिहार के फलों और कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने, मखाना बोर्ड का गठन करने, बागवानी विस्तार, एकीकृत खेती, वॉटरशेड परियोजनाओं और मिट्टी संरक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री का आश्वासन

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के सुझावों का समर्थन करते हुए आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार बिहार को कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में हरसंभव सहयोग देती रहेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से बिहार के किसानों, ग्रामीण श्रमिकों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बिहार में ग्रामीण रोज़गार और कृषि आय को लेकर दीर्घकालिक चुनौतियाँ बनी हुई हैं। मनरेगा बकाया भुगतान, आवास योजना का विस्तार और नई आजीविका मिशन की शुरुआत — ये तीनों मिलकर राज्य के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखते हैं, बशर्ते क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

और 30 जून की समयसीमा कितनी बाध्यकारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में 60 लाख पात्र परिवारों की पहचान प्रभावशाली है, लेकिन पिछले वर्षों में आवास निर्माण की धीमी गति और गुणवत्ता संबंधी शिकायतें इस लक्ष्य की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं। बिना स्वतंत्र निगरानी तंत्र के, ये घोषणाएँ अगली बैठक तक ही सीमित रह सकती हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में मनरेगा की लंबित राशि का भुगतान कब होगा?
बैठक में सहमति बनी है कि मनरेगा की सभी लंबित राशि का भुगतान 30 जून 2026 से पहले कर दिया जाएगा। इससे बिहार के ग्रामीण मज़दूरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) क्या है और यह कब लागू होगा?
यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जो ग्रामीण रोज़गार और आजीविका को नई दिशा देने के लिए बनाई गई है। बिहार में इसे 1 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू किया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत बिहार में कितने लोगों को लाभ मिलेगा?
योजना के तहत बिहार में 1 करोड़ 4 लाख लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 60 लाख लोग पात्र पाए गए हैं। राज्य सरकार इन सभी परिवारों को शीघ्र पक्का मकान उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।
बिहार में 'लखपति दीदी' अभियान की क्या स्थिति है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार जीविका दीदियों को 'लखपति दीदी' बनाने के अभियान में बिहार देशभर में पहले स्थान पर है। सरस मेलों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाज़ार से जोड़ने में केंद्र सरकार का सहयोग भी मिलेगा।
बिहार में कृषि नवाचार के लिए क्या नई पहल की गई है?
मुख्यमंत्री ने बक्सर और लखीसराय में टमाटर एवं प्याज के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही मखाना बोर्ड का गठन, बागवानी विस्तार, वॉटरशेड परियोजनाएँ और बिहार के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने पर भी ज़ोर दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
    क्या पंजाब में बाढ़ से टूटे मकानों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फंड उपलब्ध कराएगी सरकार? : शिवराज सिंह चौहान (आईएएनएस साक्षात्कार)
  8. 1 साल पहले