बिहार के कृषि-ग्रामीण विकास पर उच्चस्तरीय बैठक: मनरेगा बकाया 30 जून तक, 60 लाख को पक्का मकान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार, 17 जून 2026 को पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में बिहार के कृषि एवं ग्रामीण विकास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने और केंद्र-राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार के लिए बैकलॉग राशि जारी किए जाने से राज्य की विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। बैठक में यह सहमति बनी कि मनरेगा की सभी लंबित राशि का भुगतान 30 जून 2026 से पहले कर दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण मज़दूरों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, ग्रामीण रोज़गार और आजीविका को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का विस्तार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत बिहार में 1 करोड़ 4 लाख लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 60 लाख लोग पात्र पाए गए हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी गरीब परिवारों को शीघ्र पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत नए वित्तीय वर्ष में आवास निर्माण की रफ़्तार और बढ़ाई जाएगी।
महिला सशक्तिकरण और कृषि नवाचार
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका दीदियों को 'लखपति दीदी' बनाने के अभियान में बिहार देशभर में पहले स्थान पर है। सरस मेलों के ज़रिए ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाज़ार से जोड़ने में केंद्र सरकार का सहयोग जारी रहेगा। कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने बक्सर और लखीसराय में टमाटर एवं प्याज के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का आग्रह किया।
इसके अलावा, बिहार के फलों और कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने, मखाना बोर्ड का गठन करने, बागवानी विस्तार, एकीकृत खेती, वॉटरशेड परियोजनाओं और मिट्टी संरक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने पर भी चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के सुझावों का समर्थन करते हुए आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार बिहार को कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में हरसंभव सहयोग देती रहेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से बिहार के किसानों, ग्रामीण श्रमिकों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बिहार में ग्रामीण रोज़गार और कृषि आय को लेकर दीर्घकालिक चुनौतियाँ बनी हुई हैं। मनरेगा बकाया भुगतान, आवास योजना का विस्तार और नई आजीविका मिशन की शुरुआत — ये तीनों मिलकर राज्य के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखते हैं, बशर्ते क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी हो।