बिहार को PM आवास योजना की बड़ी सौगात: ₹13,427 करोड़ से 11.19 लाख गरीब परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 अगस्त 2026 को पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में बिहार के 11,18,937 गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्के मकानों की स्वीकृति की घोषणा की। इन आवासों के निर्माण हेतु ₹13,427 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश न हो।
दो वर्षों में 24.30 लाख आवास: आँकड़ों का पूरा ब्योरा
मंत्री चौहान ने बताया कि वर्ष 2024-25 में बिहार के लिए 7,90,648 आवास स्वीकृत किए गए, जिनके लिए ₹9,488 करोड़ निर्धारित किए गए। वर्ष 2025-26 में 5,20,742 आवासों के लिए ₹6,249 करोड़ की मंजूरी दी गई। अब नई घोषणा के साथ दो वर्षों में कुल 24,30,327 आवासों के लिए ₹29,164 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है। गौरतलब है कि वर्ष 2016 में योजना शुरू होने के बाद से बिहार में अब तक करीब 50 लाख गरीब परिवारों को पक्के आवास दिए जा चुके हैं।
पात्रता के नियमों में बड़े बदलाव
चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नए सर्वे में पात्रता के दायरे को व्यापक किया गया है। अब दोपहिया वाहन रखने वाले गरीब परिवारों को केवल इस आधार पर आवास से वंचित नहीं किया जाएगा। मासिक आय सीमा को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पाँच एकड़ तक असिंचित या ढाई एकड़ तक सिंचित भूमि रखने वाले गरीब किसान भी अब इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। पुराने और जर्जर आवासों की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए ₹80,000 की सहायता राशि दी जाएगी, जबकि जिन लाभार्थियों के पास भूमि नहीं है, उन्हें जमीन उपलब्ध कराने के लिए ₹1 लाख देने का निर्णय लिया गया है।
महिला सशक्तिकरण और जीविका अभियान
केंद्रीय मंत्री ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे जीविका अभियान की सराहना की। उन्होंने बताया कि राज्य में 43,27,000 महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं और करीब 1.27 करोड़ महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को बाज़ार उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में सी-मार्ट खोलने की योजना की भी जानकारी दी गई। चौहान ने कहा कि इससे जीविका दीदियों के उत्पादों की बिक्री और आमदनी दोनों में इज़ाफा होगा।
किसान और ग्रामीण विकास पर ज़ोर
चौहान ने बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को बीमा के तहत राहत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनकी सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बिहार के गाँवों की तस्वीर बदलने के लिए कार्यरत हैं। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प 'विकसित भारत के लिए विकसित बिहार' है।
आगे क्या होगा
नई घोषणा के साथ लाभार्थियों की सूची और निर्माण कार्य की समय-सीमा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव की संभावना है, जिससे इस घोषणा का राजनीतिक महत्व भी स्पष्ट है। सी-मार्ट नेटवर्क और लखपति दीदी लक्ष्य के साथ, ग्रामीण बिहार में बुनियादी ढाँचे और आजीविका दोनों को एक साथ मज़बूत करने की कोशिश दिखती है।