पंजाब कैबिनेट ने रंजीतगढ़ विकास प्राधिकरण विधेयक 2026 को मंजूरी दी, इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब कैबिनेट ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक में रंजीतगढ़ विकास प्राधिकरण (RDA) विधेयक, 2026 को हरी झंडी दे दी। यह विधेयक रंजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध क्षेत्रों के नियोजित, टिकाऊ और इको-टूरिज्म-केंद्रित विकास के लिए एक वैधानिक प्राधिकरण की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है। इसके साथ ही कैबिनेट ने कई अन्य प्रशासनिक और सेवा-संबंधी फैसले भी लिए।
रंजीतगढ़ विकास प्राधिकरण की संरचना
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नया प्राधिकरण पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में एक वैधानिक निकाय के रूप में कार्य करेगा। इसे एकीकृत विकास, भूमि प्रबंधन, परियोजना कार्यान्वयन और डेस्टिनेशन गवर्नेंस के लिए आवश्यक प्रशासनिक, वित्तीय और नियामक शक्तियाँ सौंपी जाएंगी।
प्राधिकरण की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे, जबकि पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यकारी समिति दैनिक कामकाज और अंतर-विभागीय समन्वय की देखरेख करेगी। गौरतलब है कि रंजीत सागर बांध क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाएं रखता है, और यह प्रयास इस क्षेत्र को एक सुनियोजित पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
निर्वाचन कार्यालय में प्रशासनिक फेरबदल
कैबिनेट ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में ड्राइवरों के नए पद सृजित करने को भी स्वीकृति दी। ये नए पद 19 स्थायी चपरासी पदों और मोह्रिर के एक स्थायी पद को समाप्त करके बनाए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित और कुशल बनाना है।
नर्सिंग शिक्षा सेवा नियमों में संशोधन
चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग के तहत गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पटियाला और गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, अमृतसर में प्रमोशन के माध्यम से ट्यूटर के पद भरने हेतु पंजाब नर्सिंग शिक्षा सेवा नियम (समूह बी), 2016 के परिशिष्ट-बी में संशोधन को मंजूरी दी गई। ये पद उन स्टाफ नर्सों और नर्सिंग सिस्टरों से भरे जाएंगे, जिन्होंने संबंधित स्पेशलिटी में एमएससी (नर्सिंग) की डिग्री हासिल की है और जो पंजाब के अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा निदेशक के नियंत्रण में नियमित रूप से कार्यरत हैं।
नर्सिंग शिक्षा में एक वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह निर्णय सरकारी नर्सिंग संस्थानों में योग्य शिक्षण स्टाफ की लंबे समय से चली आ रही कमी को दूर करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
PICTES कर्मचारियों की सेवाएं होंगी नियमित
कैबिनेट ने पंजाब सूचना और संचार प्रौद्योगिकी शिक्षा सोसायटी (PICTES) के तहत अनुबंध के आधार पर कार्यरत गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने पर भी सहमति दी। नियमित किए जाने वाले कर्मचारियों को PICTES के तहत निर्धारित वेतनमान के अनुसार नियमितीकरण का लाभ दिया जाएगा। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है, जो लंबे समय से नियमितीकरण की प्रतीक्षा में थे।
आगे की राह
रंजीतगढ़ विकास प्राधिकरण विधेयक को अब पंजाब विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को राजस्व के एक प्रमुख स्रोत के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि प्राधिकरण को पर्याप्त संसाधन और स्वायत्तता मिली, तो रंजीत सागर बांध क्षेत्र हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर एक प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्र बन सकता है।