10 अगस्त 2026
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बिहार के गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर को विश्वस्तरीय बनाने के लिए ₹2,130 करोड़ के प्रस्ताव, केंद्र से मंजूरी का अनुरोध

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बिहार के गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर को विश्वस्तरीय बनाने के लिए ₹2,130 करोड़ के प्रस्ताव, केंद्र से मंजूरी का अनुरोध

सारांश

बिहार सरकार ने गयाजी-बोधगया के लिए ₹1,080 करोड़ और नालंदा-राजगीर के लिए ₹1,050 करोड़ की विकास योजनाएँ केंद्र को सौंपी हैं। पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर शीघ्र मंजूरी की माँग की — बिहार के विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन गंतव्य बनने की दिशा में अहम कदम।

मुख्य बातें

बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने 10 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर लंबित योजनाओं पर शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया।
गयाजी-बोधगया के विकास के लिए ₹1,080 करोड़ और नालंदा-राजगीर के लिए ₹1,050 करोड़ की योजना केंद्र को भेजी गई है।
गयाजी-बोधगया प्रस्ताव में हेरिटेज हाट और इंटरनेशनल फूड कोर्ट जैसी दो अतिरिक्त योजनाएँ भी शामिल हैं।
स्वदेश दर्शन योजना के तहत बेगूसराय के सिमरिया घाट के लिए ₹12.16 करोड़ का प्रस्ताव भी केंद्र की मंजूरी का इंतज़ार कर रहा है।
ये योजनाएँ केंद्रीय बजट घोषणा 2024-25 के अंतर्गत तैयार की गई हैं।

बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर राज्य के प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों के विकास से जुड़ी लंबित योजनाओं पर शीघ्र सैद्धांतिक स्वीकृति देने का आग्रह किया। केंद्रीय बजट घोषणा 2024-25 के अंतर्गत बिहार सरकार द्वारा भेजे गए इन प्रस्तावों में गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना शामिल है।

मुख्य घटनाक्रम

पर्यटन मंत्री गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि बिहार सरकार ने राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किए हैं। केंद्रीय बजट घोषणा के अनुरूप गयाजी-बोधगया तथा नालंदा-राजगीर के लिए अंतिम व्यापक गंतव्य रणनीति एवं विकास योजना तैयार कर केंद्र सरकार को पहले ही सौंपी जा चुकी है।

प्रस्तावित योजनाओं का ब्यौरा

बिहार सरकार ने गयाजी-बोधगया के समग्र विकास के लिए ₹1,080 करोड़ तथा नालंदा-राजगीर के लिए ₹1,050 करोड़ की विकास योजना तैयार की है — कुल मिलाकर ₹2,130 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। दोनों योजनाओं के साथ विस्तृत आधारभूत विश्लेषण प्रतिवेदन भी केंद्र सरकार को उपलब्ध कराया गया है।

गयाजी-बोधगया प्रस्ताव के तहत हेरिटेज हाट, बोधगया और इंटरनेशनल फूड कोर्ट से संबंधित दो अतिरिक्त योजनाएँ भी शामिल हैं। इसके अलावा स्वदेश दर्शन योजना के तहत बेगूसराय जिले के सिमरिया घाट के विकास के लिए ₹12.16 करोड़ (1,216.02 लाख रुपये) का परियोजना प्रस्ताव केंद्र को भेजा जा चुका है, जिसकी स्वीकृति फिलहाल प्रतीक्षित है।

सरकार की प्राथमिकताएँ

पर्यटन मंत्री गुप्ता ने ज़ोर देकर कहा कि गयाजी, बोधगया, नालंदा और राजगीर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का योजनाबद्ध विकास बिहार की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि बिना किसी अनावश्यक विलंब के सभी प्रस्तावों पर शीघ्र स्वीकृति दी जाए।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

पर्यटन मंत्री के अनुसार इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से तीर्थयात्रियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार पर्यटन आधारित रोज़गार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। गौरतलब है कि बोधगया और नालंदा पहले से ही वैश्विक बौद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन सर्किट का अहम हिस्सा हैं।

क्या होगा आगे

बिहार सरकार अब केंद्र की सैद्धांतिक स्वीकृति का इंतज़ार कर रही है, जिसके बाद इन परियोजनाओं पर ज़मीनी काम शुरू हो सकेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य इन स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत गंतव्य के रूप में स्थापित करना है, जो दीर्घकालिक पर्यटन राजस्व और रोज़गार सृजन की नींव बन सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि केंद्रीय बजट घोषणा के बावजूद स्वीकृति में विलंब क्यों है — यह पहली बार नहीं है जब राज्य को केंद्र के दरवाज़े पर दस्तक देनी पड़ी हो। बोधगया और नालंदा वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर पहले से मौजूद हैं, फिर भी बुनियादी ढाँचे की कमी वर्षों से पर्यटकों की शिकायत का विषय रही है। ₹2,130 करोड़ की यह राशि तभी सार्थक होगी जब क्रियान्वयन की समयसीमा और जवाबदेही तय हो — अन्यथा यह भी उन प्रस्तावों की सूची में जुड़ जाएगी जो फाइलों में दबे रह जाते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार सरकार ने गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर के विकास के लिए कितनी राशि का प्रस्ताव दिया है?
बिहार सरकार ने गयाजी-बोधगया के लिए ₹1,080 करोड़ और नालंदा-राजगीर के लिए ₹1,050 करोड़ — कुल ₹2,130 करोड़ की विकास योजनाएँ तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपी हैं। ये प्रस्ताव केंद्रीय बजट घोषणा 2024-25 के अंतर्गत भेजे गए हैं।
बिहार के पर्यटन मंत्री ने केंद्र से क्या माँग की?
पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से 10 अगस्त 2026 को मुलाकात कर सभी लंबित पर्यटन विकास प्रस्तावों पर शीघ्र सैद्धांतिक स्वीकृति देने का आग्रह किया। उनका कहना है कि विलंब से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सिमरिया घाट विकास परियोजना क्या है?
स्वदेश दर्शन योजना के तहत बेगूसराय जिले के सिमरिया घाट के विकास के लिए ₹12.16 करोड़ (1,216.02 लाख रुपये) का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। इस परियोजना की स्वीकृति अभी प्रतीक्षित है।
इन परियोजनाओं से बिहार को क्या फायदा होगा?
इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से तीर्थयात्रियों और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही राज्य में पर्यटन आधारित रोज़गार, स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
गयाजी-बोधगया विकास प्रस्ताव में क्या-क्या शामिल है?
गयाजी-बोधगया के ₹1,080 करोड़ के प्रस्ताव में समग्र पर्यटन विकास के साथ-साथ हेरिटेज हाट, बोधगया और इंटरनेशनल फूड कोर्ट से संबंधित दो अतिरिक्त योजनाएँ भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्वस्तरीय गंतव्य बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
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