बिहार पर्यटन 2026: मई तक 3.42 करोड़ पर्यटक, ₹2,710 करोड़ की परियोजनाओं पर काम जारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने 15 जुलाई 2026 को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि वर्ष 2026 में मई माह तक ही राज्य में 3 करोड़ 42 लाख 34 हजार 761 पर्यटक आ चुके हैं — जो बिहार के पर्यटन क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ती रुचि का संकेत है। सरकार ने राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए बहुआयामी योजनाओं को गति दी है।
पर्यटक आगमन के आँकड़े
पर्यटन मंत्री के अनुसार, वर्ष 2025 में बिहार में 6 करोड़ 62 लाख 12 हजार 415 पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया था। वर्ष 2026 में मई तक ही 3 करोड़ 42 लाख 34 हजार 761 पर्यटक राज्य का भ्रमण कर चुके हैं। गुप्ता ने कहा कि यह संख्या बिहार में पर्यटन के प्रति बढ़ते विश्वास और संभावनाओं का प्रमाण है।
निवेश और परियोजनाएँ
मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना मद से ₹1,301 करोड़ से अधिक की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, प्रगति यात्रा-2025 के दौरान पर्यटन स्थलों के विकास से जुड़ी 36 घोषणाओं के तहत ₹2,710.31 करोड़ की परियोजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य चल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार लंबे समय से पर्यटन अवसंरचना में पिछड़ा माना जाता रहा है।
प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास
सरकार जिन प्रमुख स्थलों पर अवसंरचना विकास कर रही है, उनमें पुनौराधाम स्थित माँ सीता जन्मस्थली, सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर, राजगीर, वाल्मीकिनगर, फुलहर, सिंहेश्वर, कुशेश्वरस्थान, पटना हाट और तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब शामिल हैं। गौरतलब है कि ये स्थल बौद्ध, हिंदू और सिख — तीनों धार्मिक परंपराओं के श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं, जो बिहार की पर्यटन विविधता को रेखांकित करता है।
नई योजनाएँ और श्रावणी मेला तैयारियाँ
वर्ष 2026-27 के लिए तीन नई योजनाओं को मंजूरी दी गई है — मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना, सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता योजना और मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना। इन योजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
श्रावणी मेला-2026 को लेकर भागलपुर, बांका और मुंगेर सहित संबंधित क्षेत्रों में व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट सिटी, सूचना केंद्र, प्रकाश व्यवस्था, थीम आधारित प्रवेश द्वार, लेजर शो, ड्रोन शो, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य सेवाएँ और प्रशासनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
पर्यटन विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक उदयन मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार पर्यटन विकास को स्थानीय रोज़गार, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य को सुरक्षित, आधुनिक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए विभाग समयबद्ध कार्ययोजना के तहत कार्य कर रहा है। इस अवसर पर पर्यटन विभाग की पत्रिका 'यायावर' का भी विमोचन किया गया। आने वाले महीनों में परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति ही यह तय करेगी कि बिहार का पर्यटन क्षेत्र वास्तव में नई ऊँचाइयाँ छू पाता है या नहीं।