सोनपुर मेला नए रूप में होगा विकसित, आमी मंदिर के लिए ₹37 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव केंद्र को भेजा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने एशिया के सबसे बड़े पशु मेलों में शुमार सोनपुर मेला और सारण जिले के आमी स्थित अंबिका भवानी मंदिर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार को ₹37 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का प्रस्ताव भेजा है। 15 जून 2025 को सामने आई इस जानकारी के अनुसार, दोनों परियोजनाओं का लक्ष्य इन स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
सोनपुर मेला विकास: ₹24.29 करोड़ की योजना
स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत सोनपुर मेला क्षेत्र के कायाकल्प के लिए ₹24.29 करोड़ की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को प्रशासनिक स्वीकृति हेतु भेजी गई है। गंगा और गंडक नदियों के पवित्र संगम पर प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला सदियों से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।
प्रस्तावित परियोजना के तहत मेला परिसर में भव्य प्रवेश द्वार, चौड़ी सड़कें, डिजिटल सूचना प्रणाली, हरित ऊर्जा आधारित सुविधाएँ, आधुनिक पार्किंग, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। यह ढाँचागत बदलाव मेला क्षेत्र को केवल मौसमी आयोजन तक सीमित न रखकर साल भर पर्यटन गतिविधियों के लिए सक्रिय रखने में सहायक होगा।
आमी मंदिर विकास: ₹13.19 करोड़ की योजना
सारण जिले के आमी में स्थित अंबिका भवानी मंदिर, जिसे एक प्रमुख शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है, के विकास के लिए ₹13.19 करोड़ की योजना केंद्र को भेजी गई है। इस परियोजना में मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, नदी तट का विकास, अतिथि गृह, वॉकवे और समुचित प्रकाश व्यवस्था का निर्माण शामिल है। पर्यटन विभाग के अनुसार, इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।
बिहार में पर्यटन का व्यापक खाका
पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्तमान में राज्यभर में 33 बड़ी पर्यटन परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इनमें पुनौराधाम, महाबोधि केंद्र, इको पार्क और लेक फ्रंट जैसे महत्त्वपूर्ण स्थल शामिल हैं। गया में ₹165.44 करोड़ की लागत से बौद्ध मेडिटेशन सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है, जो अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटकों को आकर्षित करने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
पीपीपी मॉडल पर फाइव स्टार होटल
पर्यटन अवसंरचना को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार पीपीपी मॉडल पर पाँच फाइव स्टार होटल विकसित कर रही है — राजगीर में दो, वैशाली में एक और पटना में दो। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल बिहार की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार और आर्थिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
आगे की राह
केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर क्रियान्वयन शुरू होगा। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि सोनपुर मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है, और इसके बुनियादी ढाँचे में सुधार से विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है।