पंजाब पुलिस-BSF का संयुक्त ऑपरेशन: AK-47, 25 पिस्तौल बरामद, ऑस्ट्रेलिया से संचालित तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने 19 जून 2026 को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट एक संयुक्त अभियान में सीमा पार हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने 1 AK-47 राइफल, 25 पिस्तौल और 368 जिंदा कारतूस बरामद किए तथा एक आरोपी को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ऑस्ट्रेलिया में बैठे एक सहयोगी के निर्देशों पर काम कर रहा था।
ऑपरेशन का विवरण
यह संयुक्त कार्रवाई BSF पंजाब और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर की टीमों ने मिलकर अंजाम दी। बरामद हथियारों की खेप को सीमा पार से तस्करी के ज़रिए भारत में पहुँचाने की सुनियोजित साजिश रची गई थी। जांच में सामने आया है कि ऑस्ट्रेलिया स्थित सहयोगी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से हथियार गिराने की जगह की जानकारी उपलब्ध कराई थी।
DGP गौरव यादव का बयान
पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह सीमा पार हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने लिखा, 'BSF पंजाब ने SSOC अमृतसर के साथ मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन में 1 AK-47 राइफल, 25 पिस्तौल और 368 जिंदा कारतूस बरामद किए और भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर के पास एक आरोपी को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक साथी के कहने पर काम कर रहा था, जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया ऐप्स के ज़रिए हथियार गिराने की जगह की जानकारी दी थी।'
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
DGP यादव ने बताया कि अमृतसर के SSOC पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। आगे की जांच जारी है, जिसका उद्देश्य इस नेटवर्क के आगे और पीछे के सभी कनेक्शनों का पता लगाना, इसमें शामिल सभी साथियों की पहचान करना, पूरे आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करना और सीमा पार हथियार तस्करी के पूरे तंत्र का खुलासा करना है।
पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता
DGP गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस संगठित अपराध सिंडिकेट को खत्म करने, सीमा पार तस्करी नेटवर्क से निपटने और पंजाब की सुरक्षा एवं सलामती सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हथियार और मादक पदार्थ गिराने की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह ऑपरेशन दर्शाता है कि तस्करी नेटवर्क अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले हुए हैं और सोशल मीडिया को समन्वय के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।