पूर्वी दिल्ली में वाहन चोरी का बड़ा खुलासा: एक आरोपी गिरफ्तार, एक एक्टिवा बरामद
सारांश
Key Takeaways
- पुलिस ने एक आरोपी और दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है।
- चोरी की गई होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद हुई है।
- तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी कैमरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- पुलिस की सक्रियता अपराध रोकने में महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्वी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने तेज और चौकस कार्रवाई करते हुए एक वाहन चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है और साथ ही दो नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार, यह सफलता तकनीकी निगरानी, 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच और मजबूत स्थानीय खुफिया तंत्र के कारण संभव हुई।
यह मामला 19 मार्च को सामने आया, जब लक्ष्मी नगर थाने में ई-एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता इमरान अहमद ने बताया कि उनके कार्यालय परिसर से उनकी होंडा एक्टिवा (रजिस्ट्रेशन नंबर डीएल5एस18) चोरी हो गई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर पवन यादव (इंचार्ज, एएटीएस/पूर्वी जिला) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एएसआई दीपक त्यागी, एएसआई अर्जुन चौधरी, एएसआई अजीत और कांस्टेबल अंकित शामिल थे। यह पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस पवन कुमार की निगरानी में की गई।
जांच के दौरान टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे आरोपियों के आने-जाने के रास्तों और गतिविधियों का सुराग मिला। साथ ही, क्षेत्र में मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर और फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गईं। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने मंडावली निवासी 22 वर्षीय विशाल को गिरफ्तार किया। विशाल के साथ दो नाबालिगों को भी पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इस चोरी की वारदात को कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी की गई होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद कर ली गई।
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विशाल पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ मधु विहार, लक्ष्मी नगर और शकरपुर थानों में वाहन चोरी समेत अन्य धाराओं में पहले से मामले दर्ज हैं।
पूर्वी जिला पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन टीम की पेशेवर दक्षता, समन्वय और समर्पण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी जिला) राजीव कुमार (आईपीएस) ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह की सख्त और प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।