राघव चड्ढा के भाजपा में जाने पर NCP(SP) का तीखा हमला — 'वॉशिंग मशीन' बंद नहीं होती
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा ने 25 अप्रैल 2025 को 'आप' से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की।
- NCP(SP) प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने भाजपा को 'वॉशिंग मशीन' बताते हुए उसकी दलबदल रणनीति पर तीखा हमला बोला।
- अशोक मित्तल और संदीप पाठक भी चड्ढा के साथ भाजपा में शामिल हुए; भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने मिठाई खिलाकर स्वागत किया।
- क्रास्टो ने कहा कि चड्ढा केजरीवाल के जेल जाने के दौरान विदेश चले गए थे, जो पार्टी से दूरी का संकेत था।
- पूर्व क्रिकेटर और 'आप' सांसद हरभजन सिंह के भाजपा प्रवेश पर क्रास्टो ने कहा कि इसका जनता पर कोई खास असर नहीं होगा।
- यह घटनाक्रम 2027 दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 'आप' के लिए बड़ी संगठनात्मक चुनौती बन सकता है।
मुंबई, 24 अप्रैल — आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और कई अन्य 'आप' नेताओं के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा के बाद देशभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा की 'दलबदल रणनीति' पर कड़ा प्रहार किया।
क्रास्टो का सीधा हमला — 'भाजपा की वॉशिंग मशीन कभी बंद नहीं होती'
क्लाइड क्रास्टो ने कहा, "भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' लगातार चलती रहती है।" उनका इशारा उस रणनीति की ओर था जिसके तहत भाजपा पर आरोप है कि वह विपक्षी दलों के नेताओं को तोड़कर अपने पाले में खींचती है और उन पर लगे आरोपों की जांच धीमी पड़ जाती है। क्रास्टो ने कहा, "जहां भी भाजपा को मौका मिलता है, वह इसी तरीके को अपनाती है — विपक्ष को कमजोर करो, नेता खींचो और सत्ता को और मजबूत करो।"
क्रास्टो ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर राघव चड्ढा भाजपा में जाते हैं तो यह उन्हें बड़ा आश्चर्य नहीं देगा। उनके अनुसार, "चड्ढा काफी समय से 'आप' की मुख्यधारा से अलग दिख रहे थे। जब अरविंद केजरीवाल जेल में थे और पार्टी कठिन दौर से गुजर रही थी, उस वक्त राघव चड्ढा किसी ऑपरेशन का हवाला देकर विदेश रवाना हो गए थे।"
राघव चड्ढा की भाजपा में भूमिका पर सवाल
क्रास्टो ने राघव चड्ढा को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें खुद यह सोचना होगा कि भाजपा में जाने के बाद उनकी राजनीतिक हैसियत क्या रहेगी। "'आप' में वे एक उभरते हुए प्रमुख नेता थे, लेकिन भाजपा में पहले से ही दर्जनों बड़े चेहरे मौजूद हैं। वहां उन्हें कितना महत्व मिलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।"
यह सवाल राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी अहम है। भाजपा एक अत्यंत केंद्रीकृत पार्टी है जहां नए आने वाले नेताओं को अपनी जगह बनाने में वर्षों लग जाते हैं। राघव चड्ढा की पहचान 'आप' के 'युवा चेहरे' के रूप में थी — भाजपा में वह पहचान कायम रखना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
हरभजन सिंह के राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी
क्रास्टो ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 'आप' के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के संभावित भाजपा प्रवेश पर भी बात की। उन्होंने कहा, "क्रिकेट में हरभजन सिंह का नाम बड़ा है, लेकिन राजनीति में उनकी भूमिका अलग है।" क्रास्टो का स्पष्ट संकेत था कि हरभजन के भाजपा में जाने से आम जनता पर कोई उल्लेखनीय राजनीतिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राघव चड्ढा का भाजपा में प्रवेश — घटनाक्रम
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार, 25 अप्रैल को औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। इसके बाद वे भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचे जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनका मिठाई खिलाकर स्वागत किया। इस मौके पर अशोक मित्तल और संदीप पाठक भी उनके साथ उपस्थित थे।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ — 'ऑपरेशन लोटस' का पुराना पैटर्न
भाजपा पर विपक्षी दलों के नेताओं को तोड़ने का आरोप नया नहीं है। 2019 से अब तक कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में विपक्षी विधायकों और सांसदों के भाजपा में जाने की घटनाएं सामने आई हैं। आलोचक इसे 'ऑपरेशन लोटस' कहते हैं। क्रास्टो का 'वॉशिंग मशीन' वाला बयान इसी संदर्भ में है — जिसका अर्थ है कि भाजपा में आने के बाद नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार या आपराधिक आरोपों की जांच की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
गौरतलब है कि राघव चड्ढा पर 2023 में राज्यसभा की एथिक्स कमेटी ने जांच शुरू की थी और उन्हें सदन से निलंबित भी किया गया था। ऐसे में उनका भाजपा में प्रवेश राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि 'आप' इस झटके से कैसे उबरती है और क्या अन्य नेता भी पार्टी छोड़ने का फैसला करते हैं। 2027 के दिल्ली विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह दलबदल 'आप' के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।