क्या राहुल गांधी और उनके साथी 'बैचलर ऑफ डिफीट' का बोर्ड लगाकर चलेंगे?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या राहुल गांधी और उनके साथी 'बैचलर ऑफ डिफीट' का बोर्ड लगाकर चलेंगे?

सारांश

मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष के एसआईआर प्रक्रिया पर आरोपों का कड़ा उत्तर दिया। उन्होंने कांग्रेस को 'बेसलेस' और उसकी लीडरशिप को 'ब्रेनलेस' बताते हुए राहुल गांधी की स्थिति पर सवाल उठाए। क्या वाकई कांग्रेस की लीडरशिप समझ नहीं पा रही है कि पार्टी का भविष्य क्या है?

मुख्य बातें

मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष को गंभीरता से लिया है।
कांग्रेस की लीडरशिप पर सवाल उठाए गए हैं।
एसआईआर प्रक्रिया देश के हित में है।
भाजपा ने विपक्ष की रणनीति को विफल बताया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं।

नई दिल्ली, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर विपक्ष के आरोपों का तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर पर आपराधिक प्रतिक्रिया देश के हित में नहीं है। नकवी ने कांग्रेस पार्टी को 'बेसलेस' और उसकी लीडरशिप को 'ब्रेनलेस' बताया।

मुख्तार अब्बास नकवी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "कुछ लोगों (विपक्षी नेताओं) की समस्या हो गई है कि वे परीक्षा से पहले ही कहते हैं कि पेपर 'आउट ऑफ कोर्स' है। इसीलिए वे बार-बार परीक्षा में फेल होते हैं। अभी तक मैंने 'बैचलर ऑफ आर्ट', 'बैचलर ऑफ कॉमर्स' और 'बैचलर ऑफ साइंस' के बारे में सुना, लेकिन विपक्ष के लोग 'बैचलर ऑफ डिफीट' बनते जा रहे हैं।"

नकवी ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सभी साथी 'बैचलर ऑफ डिफीट' का बोर्ड लगाकर घूमेंगे। इस तरह के लोग जो राजनीति करते हैं, उन्हें किसी प्रवासी प्रोफेसर की पाठशाला पास नहीं करा पाएगी। इसीलिए वे लगातार परास्त होंगे।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एसआईआर एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यह मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए है। साथ ही, इसमें वैध और अवैध मतदाताओं की समीक्षा की जाती है। यह प्रक्रिया भी पहली बार नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, "हर मुद्दे पर भ्रम पैदा करेंगे और मतदाताओं में भय पैदा करने की कोशिश करेंगे, तो वह (विपक्ष) परास्त होंगे। बिहार में विपक्ष का 'वोट चोरी' का प्रयोग पूरी तरह विफल साबित हुआ है।"

कर्नाटक में कांग्रेस के अंदर मतभेद पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "कांग्रेस की पैराशूट पॉलिटिक्स बार-बार पिट रही है। 'बेसलेस' कांग्रेस की 'ब्रेनलेस लीडरशिप' समझ नहीं पा रही है कि पार्टी का बंटाधार हो रहा है, इसका कारण क्या है? कांग्रेस समझ नहीं पा रही है कि 'जो कभी घर हुआ करती थी, वह घर से घरौंदा और फिर घोंचू का घौंसला कैसे बन गई? कांग्रेस कभी देश की सबसे बड़ी पार्टी हुआ करती थी, वह मोहल्ले तक कैसे सिमट गई?"

भाजपा प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने यह भी कहा कि 'बेसलेस' कांग्रेस की 'ब्रेनलेस लीडरशिप' का कमाल-धमाल है, जो पार्टी की बची हुई जमीन को भी खत्म कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विपक्ष को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए और प्रयास करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्तार अब्बास नकवी ने क्या कहा?
उन्होंने कांग्रेस की लीडरशिप को ' बेसलेस ' और ' ब्रेनलेस ' बताया और राहुल गांधी को ' बैचलर ऑफ डिफीट ' कहा।
एसआईआर प्रक्रिया का महत्व क्या है?
यह प्रक्रिया मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए है और इसमें वैध और अवैध मतदाताओं की समीक्षा की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले