7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी की हिरासत पर CM सुक्खू का कड़ा विरोध, चुनाव आयुक्त पर उठाए गंभीर सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी की हिरासत पर CM सुक्खू का कड़ा विरोध, चुनाव आयुक्त पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और करीब 300 सांसद जब मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिमाचल CM सुक्खू ने इसे 'लोकतंत्र पर हमला' करार दिया और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर BJP से मिलीभगत का सीधा आरोप लगाया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी , प्रियंका गांधी और के.सी.
वेणुगोपाल सहित करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष जाते वक्त दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 7 अक्टूबर 2026 को शिमला में इस घटना की कड़ी निंदा की।
सुक्खू ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर BJP के साथ मिलकर लोकतंत्र व संविधान को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
शिमला के लोकभवन के बाहर कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
सुक्खू ने BJP सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज़ें दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की बात सुनना संस्थाओं की ज़िम्मेदारी है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 7 अक्टूबर 2026 को शिमला में मीडिया से बातचीत में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस तरह रोका जाना लोकतंत्र के लिए 'बेहद चिंताजनक' संकेत है।

क्या था पूरा मामला

मुख्यमंत्री सुक्खू के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सहित लगभग 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद वहाँ पहुँचने से पहले ही हिरासत में ले लिए गए, जो उनके अनुसार एक 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' घटना है।

चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप

सुक्खू ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर देश में लोकतंत्र और संविधान को कमज़ोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। ऐसे में चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों का समाधान संवाद और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की आवाज़ सुनना और उसके सवालों का जवाब देना लोकतांत्रिक संस्थाओं की ज़िम्मेदारी है।

शिमला में विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन

इस घटना के विरोध में बुधवार को शिमला के लोकभवन के बाहर कांग्रेस पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया। यह विरोध प्रदेश भर में कांग्रेस की उस व्यापक मुहिम का हिस्सा है जो केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दबाने का आरोप लगाती है।

राहुल गांधी को लेकर सुक्खू की टिप्पणी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी किसी पद की चाहत नहीं रखते, बल्कि वे उस लोकतंत्र की रक्षा करना चाहते हैं जिसे संविधान ने पिछले 75 वर्षों से बनाए रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'वोट चोरी करके सत्ता तो हासिल की जा सकती है, लेकिन राहुल गांधी की आवाज़ को कोई नहीं रोक सकता।' सुक्खू ने BJP सरकार पर लोकतंत्र में उठने वाली हर आवाज़ को दबाने की कोशिश का आरोप लगाया।

आगे क्या होगा

यह घटना ऐसे समय में आई है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब विपक्षी नेताओं और चुनाव आयोग के बीच टकराव की खबरें सामने आई हों। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसदीय बहस और कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पहले से ही विपक्ष की चिंताओं का विषय रही है। मुख्यधारा की कवरेज प्रायः हिरासत की प्रतीकात्मकता पर टिकी रहती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग के साथ विपक्ष के संवाद के लिए कोई संस्थागत तंत्र है — और यदि नहीं, तो यह लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए कितना गंभीर है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने क्यों हिरासत में लिया?
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल सहित करीब 300 विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाने जा रहे थे, तभी दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। CM सुक्खू के अनुसार, जनप्रतिनिधियों को गंतव्य तक पहुँचने से पहले ही रोका गया।
CM सुक्खू ने इस घटना पर क्या कहा?
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस हिरासत को 'बेहद चिंताजनक' और 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज़ सुनना लोकतांत्रिक संस्थाओं की ज़िम्मेदारी है और BJP सरकार हर आवाज़ को दबाना चाहती है।
ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
CM सुक्खू ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा के साथ मिलकर देश में लोकतंत्र और संविधान को कमज़ोर कर रहे हैं। यह आरोप उन्होंने शिमला में मीडिया से बातचीत में लगाया।
इस घटना के विरोध में क्या कदम उठाए गए?
बुधवार को शिमला के लोकभवन के बाहर कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन विपक्षी सांसदों की हिरासत के विरोध में आयोजित किया गया था।
यह घटना चुनाव आयोग की स्वायत्तता से कैसे जुड़ी है?
विपक्ष का तर्क है कि मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। सांसदों की हिरासत से यह सवाल उठता है कि क्या चुनाव आयोग विपक्षी दलों की चिंताओं को स्वतंत्र रूप से सुनने को तैयार है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 23 घंटे पहले
  3. कल
  4. कल
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले