प्रमोद तिवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की टिप्पणी पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- मुख्य चुनाव आयुक्त पर प्रमोद तिवारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
- राहुल गांधी को निडर नेता बताया गया है।
- मोहन यादव के बयान पर तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
- कानून व्यवस्था पर ध्यान देने की अपील की गई।
दिल्ली, 11 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद प्रमोद तिवारी ने एसआईआर के मुद्दे पर कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी सरकार के निर्देशों पर बयान दे रहे हैं। उन्होंने अपने पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण पद है, जो कभी इस तरह के विवाद में नहीं आया था, लेकिन उनके कार्यों के कारण यह पद विवादित हो गया है। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि अब इस महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति जनता का विश्वास समाप्त हो गया है। एसआईआर के परिणाम बेहद विवादित हैं।
प्रमोद तिवारी ने राहुल गांधी के बारे में कहा कि वे विपक्ष के एक निडर और साहसी नेता हैं। मैं मानता हूँ कि आजादी के बाद वे उन गिने-चुने नेताओं में से हैं जिन्होंने सरकार के सामने कभी समझौता नहीं किया। राहुल गांधी उन दो-तीन नेताओं में शामिल हैं जो पूरी ताकत के साथ भारतीय जनता पार्टी के लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेताओं की आलोचना की थी कि वे अयोध्या के राम मंदिर नहीं जाते। इस पर तंज कसते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस नेता वहां कैमरे लेकर नहीं जाते, जबकि मैं वहां तीन-चार बार जा चुका हूँ।
उन्होंने मोहन यादव से निवेदन किया कि कृपया अपने राज्य की कानून व्यवस्था पर ध्यान दें। आपको शर्म आनी चाहिए कि आपके राज्य में 90 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक बलात्कार हो रहा है और आप ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी के पर्यटन मंत्री के रूप में मैंने राम कथा पार्क की शुरुआत की थी और राम की पैड़ी का निर्माण मेरे कार्यकाल में शुरू हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि हमने राम कथा पार्क के साथ-साथ दरगाहों की सुंदरता पर भी काम किया था।