क्या मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अखिलेश यादव को एसआईआर पर करारा जवाब दिया?
सारांश
Key Takeaways
- कपिल देव अग्रवाल का अखिलेश यादव पर कड़ा जवाब
- विपक्ष की नकारात्मक रणनीतियों की आलोचना
- कांग्रेस नेताओं की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों पर टिप्पणी
- बांग्लादेश में हिंदुओं के शोषण पर चिंता
लखनऊ, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के संदर्भ में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास हंगामा करने और झूठ फैलाने के अलावा कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा, "चुनाव आयोग एसआईआर के कार्य को पूरी पारदर्शिता और सही तरीके से अंजाम दे रहा है। लेकिन वह (अखिलेश यादव) कभी पीडीए की बात कर रहे हैं तो कभी वोट कटने के आरोप लगा रहे हैं। असलियत यह है कि चुनाव आयोग का काम सही तरीके से और तेज गति से चल रहा है।"
लखनऊ केजीएमयू धर्मांतरण मामले में उन्होंने कहा, "यह समाज के लिए बहुत चिंताजनक विषय है। इस मामले में संलिप्त आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है।"
कपिल देव अग्रवाल ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर और एमएलसी बोम्मा महेश कुमार गौड़ की 'हिंदू' और भगवान राम पर की गई टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के नेता गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां करते हैं। जिन लोगों ने कभी राम को अपनाया नहीं, उन्होंने कभी उनके दर्शन को समझने की कोशिश नहीं की, ऐसे लोगों की चर्चा करने का कोई अर्थ नहीं है।"
राहुल गांधी के अयोध्या जाने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा, "भगवान राम सभी के हैं, लेकिन राहुल गांधी को कम समझ में आता है। जब राम की कृपा कांग्रेस के पतन की ओर है, तब राहुल गांधी को राम याद आ रहे हैं।"
बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा, "यह बांग्लादेश में बहुत चिंताजनक मामला है। भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। जिस तरह से वहां अल्पसंख्यकों का शोषण, नरसंहार और उन पर हमले हो रहे हैं, वह हम सभी के लिए चिंता का विषय है।"
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "छोटी-छोटी घटनाओं पर पूरा विपक्ष शोर करता है, लेकिन बांग्लादेश के अंदर हिंदुओं की हत्याओं के बाद उनकी जुबान पर ताले लग जाते हैं। अखिलेश यादव से लेकर अन्य विपक्ष के नेताओं के कोई बयान नहीं आते हैं, जो कि निंदनीय है।"