कोलकाता: बेलघरिया एक्सप्रेसवे पर कुख्यात अपराधी राजा दत्ता की गोली मारकर हत्या, पांच हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के उत्तर दमदम इलाके में सोमवार तड़के बेलघरिया एक्सप्रेसवे के निकट हुई संदिग्ध गोलीबारी में कुख्यात अपराधी राजा दत्ता की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार इस मामले में पूछताछ के लिए पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि अब तक किसी की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में इस हत्या का संबंध गैंगवार से जोड़ा जा रहा है।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उत्तर 24 परगना जिले के बिराटी निवासी राजा दत्ता सोमवार तड़के मोटरसाइकिल से बेलघरिया एक्सप्रेसवे पर जा रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर उनका सामना एक प्रतिद्वंद्वी गिरोह से हो गया। जांचकर्ताओं का मानना है कि हमलावर — जो दत्ता के परिचित बताए जा रहे हैं — पहले से ही इलाके में मौजूद थे और संभवतः उनके आने का इंतजार कर रहे थे।
गोलियों से छलनी राजा दत्ता का शव बेलघरिया एक्सप्रेसवे के पास सड़क किनारे मिला। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके साथ मौजूद दो सहयोगी भी इस हमले में घायल हुए हैं, जिनकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
जांच में क्या सामने आया
पुलिस का मानना है कि घटना के समय राजा दत्ता के पास एक आग्नेयास्त्र था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि करीब से गोली मारने से पहले उनका हथियार छीन लिया गया था। हमले के पीछे का मकसद और दोनों गुटों के बीच विवाद की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
गोलीबारी की सूचना मिलते ही दमदम थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर घटना में शामिल लोगों की पहचान और हमलावरों के फरार होने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह भी जांचा जा रहा है कि कहीं यह घटना किसी पुराने विवाद से तो नहीं जुड़ी।
वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर
जांच की गंभीरता को देखते हुए बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के दक्षिण डिवीजन के पुलिस उपायुक्त समीर अहमद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि राजा दत्ता का आपराधिक गतिविधियों में लंबे समय से संलिप्त रहने का इतिहास रहा है।
आगे क्या होगा
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए पांचों लोगों से पूछताछ जारी रखे हुए है। जांच के दायरे में गैंग नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और संभावित साजिश की कड़ियां भी शामिल हैं। यह मामला उत्तर कोलकाता में संगठित अपराध और गैंगवार की बढ़ती चिंताओं को एक बार फिर सामने लाता है।