9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजमहेंद्रवरम मॉल हिट-एंड-रन: मेडिकल छात्रा ब्रेन-डेड, दो आरोपियों पर BNS धारा 110 दर्ज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजमहेंद्रवरम मॉल हिट-एंड-रन: मेडिकल छात्रा ब्रेन-डेड, दो आरोपियों पर BNS धारा 110 दर्ज

सारांश

राजमहेंद्रवरम के एक मॉल के बाहर नशे में धुत दो युवकों ने स्कूटी को तीन बार टक्कर मारी — पीजी मेडिकल छात्रा डॉ. प्रियंका अब हैदराबाद के अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं और ब्रेन-डेड घोषित की जा चुकी हैं। दोनों आरोपी गिरफ्तार, BNS की धारा 110 लगाई गई।

मुख्य बातें

3 अगस्त 2026 की रात राजमहेंद्रवरम के एक मॉल के बाहर नशे में धुत आरोपियों ने स्कूटी को तीन बार टक्कर मारी।
प्रियंका , जीसीएल मेडिकल कॉलेज की MD छात्रा, हैदराबाद के अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं और ब्रेन-डेड घोषित की जा चुकी हैं।
आरोपी सुरावरापु दसवांथ और एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड्स को गिरफ्तार कर BNS धारा 110 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूर्वी गोदावरी जिले के एसपी डी.
नरसिम्हा किशोर ने कहा — स्थिति के अनुसार और सख्त धाराएँ लागू की जाएँगी।
चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर निष्पक्ष जाँच जारी; पीड़िता के पिता वेंकटेश ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया।

आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में 3 अगस्त 2026 की रात एक मॉल के बाहर नशे में धुत दो युवकों ने अपनी कार से स्कूटी को तीन बार टक्कर मारी, जिससे पीजी मेडिकल छात्रा डॉ. के. प्रियंका गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने आरोपियों सुरावरापु दसवांथ और एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड्स के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना

3 अगस्त की रात मॉल प्रबंधन ने नशे में होने के कारण दसवांथ और जोसेफ को परिसर में प्रवेश देने से मना कर दिया। इस पर दोनों ने मॉल कर्मचारियों से बहस की और मारपीट की। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो वे तेज रफ्तार कार लेकर भागे और मॉल के मुख्य गेट पर खड़ी स्कूटी को तीन बार टक्कर मारी।

स्कूटी पर जीसीएल मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) की पढ़ाई कर रहीं डॉ. प्रियंका पीछे बैठी थीं। वे उसी कॉलेज के पीजी छात्र और मित्र उमेश के साथ मॉल से बाहर निकल रही थीं। टक्कर के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

पीड़िता की स्थिति: वेंटिलेटर पर, ब्रेन-डेड घोषित

घायल डॉ. प्रियंका को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुँचाया गया। बाद में उन्हें हैदराबाद के एक अस्पताल में रेफर किया गया, जहाँ वे अभी वेंटिलेटर पर हैं। चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन-डेड घोषित कर दिया है। पुलिस को रात 10 बजे अस्पताल से इस घटना की सूचना मिली, जिसके बाद उमेश के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया।

पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रावधान

पूर्वी गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक डी. नरसिम्हा किशोर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए धाराओं में बदलाव कर BNS की धारा 110 लगाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालात के आधार पर और भी सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि जाँच पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर पुलिस पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से जाँच कर रही है।

परिजनों की माँग और न्याय की उम्मीद

पीड़िता के पिता वेंकटेश ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि पुलिस के आश्वासन के बाद उनकी शंकाएँ दूर हुई हैं और उन्हें पुलिस जाँच तथा न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार, डॉ. प्रियंका की स्वास्थ्य स्थिति और जाँच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों पर और कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। यह मामला शराब पीकर वाहन चलाने और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा की चिंताओं को एक बार फिर सामने लाता है। अदालत में सुनवाई के दौरान धाराओं में संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या मॉल परिसरों में नशे में प्रवेश को रोकने की जिम्मेदारी केवल निजी सुरक्षाकर्मियों पर छोड़ी जा सकती है। एक भावी चिकित्सक का ब्रेन-डेड होना इस बात की माँग करता है कि अदालत न्यूनतम सजा से आगे जाए और एक मिसाल कायम करे।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजमहेंद्रवरम मॉल हिट-एंड-रन मामला क्या है?
3 अगस्त 2026 की रात आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम स्थित एक मॉल के बाहर नशे में धुत दो युवकों ने कार से स्कूटी को तीन बार टक्कर मारी, जिससे पीजी मेडिकल छात्रा डॉ. के. प्रियंका गंभीर रूप से घायल हो गईं। वे अब हैदराबाद के एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं और ब्रेन-डेड घोषित की जा चुकी हैं।
आरोपियों पर कौन-सी धारा लगाई गई है?
पूर्वी गोदावरी जिले के एसपी डी. नरसिम्हा किशोर के अनुसार, आरोपियों सुरावरापु दसवांथ और एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड्स पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने संकेत दिया है कि स्थिति के अनुसार और कड़े प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं।
डॉ. प्रियंका कौन हैं और उनकी अभी क्या स्थिति है?
डॉ. के. प्रियंका जीसीएल मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) की पढ़ाई कर रही थीं। दुर्घटना के बाद उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और फिर हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वे वेंटिलेटर पर हैं और चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन-डेड घोषित कर दिया है।
क्या इस मामले में राजनीतिक दबाव की आशंका है?
पूर्वी गोदावरी जिले के एसपी डी. नरसिम्हा किशोर ने स्पष्ट किया है कि जाँच पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर पुलिस पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से मामले की जाँच कर रही है।
पीड़िता के परिजनों ने क्या माँग की है?
पीड़िता के पिता वेंकटेश ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि पुलिस के आश्वासन के बाद उनकी शंकाएँ दूर हुई हैं और उन्हें पुलिस जाँच तथा न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले