राजमहेंद्रवरम मॉल हिट-एंड-रन: मेडिकल छात्रा ब्रेन-डेड, दो आरोपियों पर BNS धारा 110 दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में 3 अगस्त 2026 की रात एक मॉल के बाहर नशे में धुत दो युवकों ने अपनी कार से स्कूटी को तीन बार टक्कर मारी, जिससे पीजी मेडिकल छात्रा डॉ. के. प्रियंका गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने आरोपियों सुरावरापु दसवांथ और एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड्स के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना
3 अगस्त की रात मॉल प्रबंधन ने नशे में होने के कारण दसवांथ और जोसेफ को परिसर में प्रवेश देने से मना कर दिया। इस पर दोनों ने मॉल कर्मचारियों से बहस की और मारपीट की। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो वे तेज रफ्तार कार लेकर भागे और मॉल के मुख्य गेट पर खड़ी स्कूटी को तीन बार टक्कर मारी।
स्कूटी पर जीसीएल मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) की पढ़ाई कर रहीं डॉ. प्रियंका पीछे बैठी थीं। वे उसी कॉलेज के पीजी छात्र और मित्र उमेश के साथ मॉल से बाहर निकल रही थीं। टक्कर के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
पीड़िता की स्थिति: वेंटिलेटर पर, ब्रेन-डेड घोषित
घायल डॉ. प्रियंका को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुँचाया गया। बाद में उन्हें हैदराबाद के एक अस्पताल में रेफर किया गया, जहाँ वे अभी वेंटिलेटर पर हैं। चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन-डेड घोषित कर दिया है। पुलिस को रात 10 बजे अस्पताल से इस घटना की सूचना मिली, जिसके बाद उमेश के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रावधान
पूर्वी गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक डी. नरसिम्हा किशोर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए धाराओं में बदलाव कर BNS की धारा 110 लगाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालात के आधार पर और भी सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि जाँच पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर पुलिस पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से जाँच कर रही है।
परिजनों की माँग और न्याय की उम्मीद
पीड़िता के पिता वेंकटेश ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि पुलिस के आश्वासन के बाद उनकी शंकाएँ दूर हुई हैं और उन्हें पुलिस जाँच तथा न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार, डॉ. प्रियंका की स्वास्थ्य स्थिति और जाँच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों पर और कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। यह मामला शराब पीकर वाहन चलाने और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा की चिंताओं को एक बार फिर सामने लाता है। अदालत में सुनवाई के दौरान धाराओं में संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।