10 अगस्त 2026
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मेडिकल छात्रा के. प्रियंका की मौत: आंध्र CM नायडू ने परिवार को दिए ₹20 लाख, आरोपी गिरफ्तार

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मेडिकल छात्रा के. प्रियंका की मौत: आंध्र CM नायडू ने परिवार को दिए ₹20 लाख, आरोपी गिरफ्तार

सारांश

राजमहेंद्रवरम में नशे में धुत युवक की कार की चपेट में आई मेडिकल छात्रा डॉ. के. प्रियंका की मौत के बाद आंध्र प्रदेश सरकार हरकत में आई। CM नायडू ने ₹20 लाख की सहायता और कड़ी कार्रवाई का वादा किया, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य नशे में ड्राइविंग पर ठोस कानूनी ढाँचा बनाएगा।

मुख्य बातें

प्रियंका , पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल प्रथम वर्ष की छात्रा, की 9 अगस्त 2026 को सिकंदराबाद के केआईएमएस हॉस्पिटल में मृत्यु हो गई।
3 अगस्त को राजमहेंद्रवरम के एक मॉल के पास नशे में धुत युवक की कार ने उन्हें टक्कर मारी थी।
चंद्रबाबू नायडू ने परिवार को ₹20 लाख की आर्थिक सहायता और निरंतर सरकारी मदद का आश्वासन दिया।
पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की कि घटना के जिम्मेदार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का संकल्प जताया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल छात्रा डॉ. के. प्रियंका के परिवार को ₹20 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। 3 अगस्त को राजमहेंद्रवरम के एक मॉल में शराब के नशे में धुत एक युवक की कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई प्रियंका ने सिकंदराबाद के केआईएमएस हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।

घटना का विवरण

3 अगस्त को राजमहेंद्रवरम के एक मॉल के पास नशे में धुत एक युवक ने अपनी कार से डॉ. के. प्रियंका को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। शुरुआत में उनका उपचार राजमहेंद्रवरम के स्थानीय अस्पताल में हुआ, लेकिन हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद ले गए। अंततः 9 अगस्त को सिकंदराबाद के केआईएमएस हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रियंका पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल की प्रथम वर्ष की छात्रा थीं।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और निर्देश

मुख्यमंत्री नायडू ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, 'एक होनहार युवा जीवन, जिसका भविष्य उज्ज्वल था... उसका इस तरह दुखद अंत होना बहुत पीड़ादायक है।' उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से सीधे बात कर घटना की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरोपी के विरुद्ध कानून की उचित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने परिवार को ₹20 लाख की सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने और इस कठिन समय में हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया।

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का बयान

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी इस घटना पर गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा, 'यह दिल तोड़ने वाली बात है कि इतनी कम उम्र में ही उनकी मौत हो गई, जिससे उनका वह भविष्य खत्म हो गया जिसमें वह एक डॉक्टर के तौर पर कई लोगों की सेवा करने वाली थीं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लापरवाह ड्राइविंग से एक कीमती जान लेने वाले आरोपी को कड़ी सजा मिले।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि घटना के लिए जिम्मेदार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सार्वजनिक स्थानों पर नशे में वाहन चलाने की घटनाओं को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं में युवा और निर्दोष जीवन की क्षति समाज में गहरे सवाल खड़े करती है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रियंका के परिवार को सरकार की ओर से लगातार सहयोग मिलता रहे। आरोपी के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया जारी है और मामले की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस घटना के बाद राज्य सरकार नशे में वाहन चलाने पर और सख्त कानूनी प्रावधान लागू करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ये सवाल अनुत्तरित रहता है कि नशे में वाहन चलाने की रोकथाम के लिए आंध्र प्रदेश में क्या ठोस तंत्र मौजूद है। यह पहली बार नहीं है जब किसी सार्वजनिक स्थान पर नशे में धुत चालक ने निर्दोष जान ली हो और सरकार ने मुआवज़े और गिरफ्तारी तक सीमित रहकर प्रतिक्रिया दी हो। असली जवाबदेही तब होगी जब राज्य सरकार नशे में ड्राइविंग के लिए निवारक कानूनी ढाँचे और नियमित प्रवर्तन की दिशा में ठोस कदम उठाए — केवल दुर्घटना के बाद की कार्रवाई से नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. के. प्रियंका कौन थीं और उनकी मौत कैसे हुई?
डॉ. के. प्रियंका आंध्र प्रदेश में पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल प्रथम वर्ष की छात्रा थीं। 3 अगस्त 2026 को राजमहेंद्रवरम के एक मॉल के पास नशे में धुत एक युवक की कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और 9 अगस्त को सिकंदराबाद के केआईएमएस हॉस्पिटल में उनकी मृत्यु हो गई।
आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रियंका के परिवार के लिए क्या किया?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने परिवार को ₹20 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और अधिकारियों को निरंतर मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरोपी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई का भी आदेश दिया।
इस दुर्घटना में आरोपी को गिरफ्तार किया गया या नहीं?
हाँ, पुलिस अधीक्षक ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि घटना के लिए जिम्मेदार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में उचित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस मामले पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने डॉ. प्रियंका की मौत को 'दिल तोड़ने वाली' बताया और कहा कि गठबंधन सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लापरवाह ड्राइविंग से जान लेने वाले आरोपी को कड़ी सजा मिले। उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।
प्रियंका का इलाज कहाँ हुआ और उन्हें कब मृत घोषित किया गया?
दुर्घटना के बाद शुरुआती उपचार राजमहेंद्रवरम के स्थानीय अस्पताल में हुआ, फिर परिजन उन्हें हैदराबाद ले गए। 9 अगस्त 2026 को सिकंदराबाद के केआईएमएस हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया।
राष्ट्र प्रेस
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