मेडिकल छात्रा के. प्रियंका की मौत: आंध्र CM नायडू ने परिवार को दिए ₹20 लाख, आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल छात्रा डॉ. के. प्रियंका के परिवार को ₹20 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। 3 अगस्त को राजमहेंद्रवरम के एक मॉल में शराब के नशे में धुत एक युवक की कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई प्रियंका ने सिकंदराबाद के केआईएमएस हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।
घटना का विवरण
3 अगस्त को राजमहेंद्रवरम के एक मॉल के पास नशे में धुत एक युवक ने अपनी कार से डॉ. के. प्रियंका को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। शुरुआत में उनका उपचार राजमहेंद्रवरम के स्थानीय अस्पताल में हुआ, लेकिन हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद ले गए। अंततः 9 अगस्त को सिकंदराबाद के केआईएमएस हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रियंका पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल की प्रथम वर्ष की छात्रा थीं।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और निर्देश
मुख्यमंत्री नायडू ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, 'एक होनहार युवा जीवन, जिसका भविष्य उज्ज्वल था... उसका इस तरह दुखद अंत होना बहुत पीड़ादायक है।' उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से सीधे बात कर घटना की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरोपी के विरुद्ध कानून की उचित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने परिवार को ₹20 लाख की सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने और इस कठिन समय में हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का बयान
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी इस घटना पर गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा, 'यह दिल तोड़ने वाली बात है कि इतनी कम उम्र में ही उनकी मौत हो गई, जिससे उनका वह भविष्य खत्म हो गया जिसमें वह एक डॉक्टर के तौर पर कई लोगों की सेवा करने वाली थीं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लापरवाह ड्राइविंग से एक कीमती जान लेने वाले आरोपी को कड़ी सजा मिले।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि घटना के लिए जिम्मेदार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सार्वजनिक स्थानों पर नशे में वाहन चलाने की घटनाओं को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं में युवा और निर्दोष जीवन की क्षति समाज में गहरे सवाल खड़े करती है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रियंका के परिवार को सरकार की ओर से लगातार सहयोग मिलता रहे। आरोपी के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया जारी है और मामले की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस घटना के बाद राज्य सरकार नशे में वाहन चलाने पर और सख्त कानूनी प्रावधान लागू करती है।