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धौलपुर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग: तीन परिवारों का 40 क्विंटल गेहूं, घर-गृहस्थी राख

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धौलपुर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग: तीन परिवारों का 40 क्विंटल गेहूं, घर-गृहस्थी राख

सारांश

राजस्थान के धौलपुर में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने तीन परिवारों की पूरी गृहस्थी — 40 क्विंटल गेहूं, 120 क्विंटल भूसा और दो घर — पलभर में राख कर दी। ग्रामीणों की मुस्तैदी से आग बस्ती में नहीं फैली, लेकिन नुकसान लाखों में है और पीड़ित परिवार मुआवज़े की राह देख रहे हैं।

मुख्य बातें

राजस्थान के धौलपुर में 23 मई को शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगी।
पीड़ित परिवारों में राजन सिंह , गंगा सिंह और मुन्ना जाट शामिल; 40 क्विंटल गेहूं और 120 क्विंटल भूसा जलकर राख।
2 झोंपड़ीनुमा घर , 400 फूंस के गट्ठर , 5 चारपाइयाँ और कीमती दस्तावेज़ भी आग में नष्ट।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार लाखों रुपए का नुकसान; दमकल ने आग पर काबू पाया।
पुलिस और पटवारी ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी; ग्रामीणों ने तत्काल मुआवज़े की माँग की।

राजस्थान के धौलपुर जिले में शनिवार, 23 मई को शॉर्ट सर्किट से भड़की भीषण आग ने पलभर में तीन परिवारों की पूरी गृहस्थी जलाकर राख कर दी। 40 क्विंटल गेहूं, 120 क्विंटल भूसा, दो झोंपड़ीनुमा घर और तमाम घरेलू सामान इस अग्निकांड की भेंट चढ़ गए। प्रारंभिक आकलनों के अनुसार पीड़ित परिवारों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

कैसे फैली आग

शॉर्ट सर्किट की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल विद्युत विभाग को सतर्क कर गाँव की बिजली आपूर्ति बंद करवाई, जिससे आग को और भड़कने से रोका जा सका। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए और पानी के टैंकरों, सबमर्सिबल पंपों तथा बाल्टियों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। तेज हवा के बावजूद ग्रामीणों की सतर्कता ने आग को पूरी बस्ती में फैलने से रोके रखा।

दमकल के पहुँचने तक सब राख

सूचना पर पहुँची दमकल ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था। पीड़ित परिवारों में राजन सिंह पुत्र कतार सिंह, गंगा सिंह पुत्र भगवंत और मुन्ना पुत्र भगवंत जाट शामिल हैं। आग में 40 क्विंटल गेहूं, 120 क्विंटल भूसा, 2 झोंपड़ीनुमा घर, 400 फूंस के गट्ठर, 100 किलो पानी की लेजम, 50 पाइपलाइन पाइप और 5 चारपाइयाँ समेत तमाम घरेलू सामान स्वाहा हो गया। कीमती दस्तावेज़ और पशुओं का चारा भी इस आग की चपेट में आ गए।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राजस्व टीम (पटवारी) मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने पीड़ितों से बातचीत कर नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की और उसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाएँ बढ़ जाती हैं और ग्रामीण परिवार सबसे अधिक असुरक्षित होते हैं।

मुआवज़े की माँग

ग्रामीणों ने प्रशासन से माँग की है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाए। गौरतलब है कि ऐसी घटनाओं में अनाज और घरेलू सामान का नुकसान छोटे किसान परिवारों के लिए अत्यंत गंभीर होता है, क्योंकि रबी की फसल उनकी पूरे वर्ष की आजीविका का आधार होती है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की ओर हैं कि राहत कितनी जल्दी और कितनी मात्रा में मिलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हर गर्मी में आगजनी का कारण बनती है। रबी की कटाई के ठीक बाद जब किसान परिवारों के घरों में अनाज और भूसे का भंडार होता है, तब ऐसी घटनाएँ उनकी पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर देती हैं। मुआवज़े की माँग हर बार उठती है, लेकिन राहत की रफ्तार और पर्याप्तता पर सवाल बने रहते हैं। असली ज़रूरत त्वरित राहत के साथ-साथ ग्रामीण विद्युत नेटवर्क की व्यवस्थित जाँच और उन्नयन की है, ताकि ऐसे हादसे दोहराए न जाएँ।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धौलपुर में आग कैसे लगी?
शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जो देखते-देखते कई परिवारों के घरों और अनाज के भंडार तक फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचित कर बिजली आपूर्ति बंद करवाई और बाद में दमकल ने आग पर पूरी तरह काबू पाया।
इस आगजनी में कितना नुकसान हुआ?
प्रारंभिक आकलनों के अनुसार पीड़ित परिवारों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। इसमें 40 क्विंटल गेहूं, 120 क्विंटल भूसा, 2 झोंपड़ीनुमा घर, 400 फूंस के गट्ठर, 5 चारपाइयाँ और कीमती दस्तावेज़ शामिल हैं।
कौन-से परिवार इस हादसे से प्रभावित हुए?
राजन सिंह पुत्र कतार सिंह, गंगा सिंह पुत्र भगवंत और मुन्ना पुत्र भगवंत जाट के परिवार इस अग्निकांड से सबसे अधिक प्रभावित हुए। इन तीनों परिवारों का अनाज, पशुचारा और घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राजस्व टीम (पटवारी) मौके पर पहुँची और पीड़ितों से बातचीत कर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की, जो उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। ग्रामीणों ने तत्काल आर्थिक सहायता और उचित मुआवज़े की माँग की है।
आग को पूरी बस्ती में फैलने से कैसे रोका गया?
ग्रामीणों ने पहले विद्युत आपूर्ति बंद करवाई और फिर पानी के टैंकरों, सबमर्सिबल पंपों व बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश की। तेज हवा के बावजूद उनकी सामूहिक मुस्तैदी से आग को पूरी बस्ती में फैलने से रोका जा सका, और बाद में दमकल ने आग पर पूरी तरह काबू पाया।
राष्ट्र प्रेस
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