शारदीय नवरात्रि 2026: राजगढ़ में मिट्टी से बनी 15 फीट की कालिका प्रतिमा, 52 साल पुरानी परंपरा का निर्वाह
सारांश
मुख्य बातें
शारदीय नवरात्रि 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में महाकाल सेवा समिति, ब्यावरा द्वारा स्थापित मां कालिका की 15 फीट ऊंची हस्तनिर्मित मिट्टी की प्रतिमा पूरे क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। देशभर में इस महापर्व को भारी उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है, जहाँ नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।
52 साल पुरानी पारिवारिक परंपरा
इस विशाल प्रतिमा के मूर्तिकार राकेश सिंह पंवार उर्फ गब्बू के अनुसार, ब्यावरा में माता की झाँकी सजाने की इस परंपरा की नींव 1972 में उनके पिता, स्वर्गीय राजेंद्र सिंह पंवार ने रखी थी। उस दौर में वे नवरात्रि के दौरान मां के नौ रूपों की नौ अलग-अलग झाँकियाँ अपने हाथों से तैयार करते थे। पिता के निधन के बाद पिछले करीब 25 से 30 वर्षों से राकेश इस विरासत को अनवरत आगे बढ़ा रहे हैं।
यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब पारंपरिक हस्तशिल्प और लोक-कला की जगह मशीन-निर्मित प्रतिमाएँ लेती जा रही हैं। राकेश द्वारा जीवित रखी गई यह परंपरा कला और आस्था के संगम का जीवंत उदाहरण है।
निर्माण की विशेष प्रक्रिया
राकेश ने बताया कि 15 फीट की इस प्रतिमा को पूर्ण रूप देने में दो से ढाई महीने का समय लगता है। सबसे पहले नदी की मिट्टी लाई जाती है, फिर घास एकत्र कर आधारभूत ढाँचा तैयार किया जाता है। प्रतिमा में किसी भी प्रकार के सीमेंट का प्रयोग नहीं होता — यह पूर्णतः मिट्टी की बनी होती है। रंगाई का कार्य वाटर कलर से किया जाता है, जो उनके छोटे भाई की ज़िम्मेदारी है। श्रृंगार का सामान विशेष रूप से भोपाल से लाया जाता है।
गौरतलब है कि मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी इस प्रतिमा का पर्यावरणीय महत्व भी है, क्योंकि यह विसर्जन के समय जल-प्रदूषण का कारण नहीं बनती।
देवास में छठे दिन उमड़ी भारी भीड़
देवास में नवरात्रि के छठे दिन माता टेकरी स्थित मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी। हज़ारों भक्त सुबह की आरती में सम्मिलित हुए। अनेक श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने की खुशी में घुटनों के बल चलकर मंदिर पहुँचे।
मंदिर के पुजारी सुरेश नाथ ने बताया, 'आज शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है, यहाँ देवी कात्यायनी विराजमान हैं। आज तक 10 लाख से अधिक भक्तों ने आशीर्वाद लिया है। भक्त दूर-दूर से, कई नंगे पैर चलकर आए हैं। देवी सबकी मनोकामनाएँ पूरी करती हैं।'
देशभर में नवरात्रि का माहौल
देश के प्रमुख देवी मंदिरों और पंडालों में पर्व के पहले दिन से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। माँ दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों — शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक — की पूजा इस महापर्व का मूल है। स्थानीय प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए हैं।
नवरात्रि के शेष दिनों में भी भीड़ और उत्साह बना रहने की उम्मीद है, और दशमी पर विशाल शोभायात्राओं के आयोजन की तैयारियाँ जोरों पर हैं।