राजौरी में शुरू हुआ तीन महीने का सोलर टेक्नीशियन कोर्स, युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार

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राजौरी में शुरू हुआ तीन महीने का सोलर टेक्नीशियन कोर्स, युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार

सारांश

राजौरी में शुरू हुए सोलर टेक्नीशियन कोर्स से युवाओं को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कौशल हासिल कर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • तीन महीने का सोलर टेक्नीशियन कोर्स
  • नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कौशल विकास
  • प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त करना
  • स्वरोजगार के लिए अवसर
  • डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर

राजौरी, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शिक्षित बेरोजगार युवाओं में कौशल विकास को सशक्त बनाने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए रोजगार विभाग ने आईटीआई राजौरी के सहयोग से तीन महीने का सोलर टेक्नीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को तेजी से उभरते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी कौशल से सुसज्जित करना और नए रोजगार के अवसर प्रदान करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सोलर तकनीक की मूल बातें सिखाई जा रही हैं, जिसमें सोलर पैनल बनाने की प्रक्रिया, स्थापित करने की तकनीकें, समस्याओं का समाधान, मरम्मत और सोलर सिस्टम का रखरखाव शामिल हैं। इस कोर्स में सैद्धांतिक कक्षाएं और व्यावहारिक सत्र दोनों का समावेश है, ताकि प्रशिक्षु ठोस तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक अनुभव भी प्राप्त कर सकें।

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संपूर्ण देश में सोलर ऊर्जा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और प्रशिक्षित सोलर टेक्नीशियनों की मांग भी निरंतर बढ़ रही है। विभाग का लक्ष्य विशेष प्रशिक्षण देकर युवाओं को नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

तीन महीने का कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रशिक्षुओं को एक प्रमाण पत्र या डिप्लोमा दिया जाएगा, जो उन्हें सोलर कंपनियों में नौकरी पाने में सहायता करेगा या इस क्षेत्र में अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने में सक्षम बनाएगा। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद, विभाग प्रत्येक प्रशिक्षु को उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए तीन हजार रुपए भी प्रदान करेगा।

प्रशिक्षित युवाओं को 'मिशन युवा' योजना से जोड़ा जाएगा, जिसके तहत वे अपने सोलर-संबंधित व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इस पहल से युवाओं को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान कर सशक्त बनाने के साथ ही इस क्षेत्र में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रशिक्षण ले रहे अजय कुमार ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि सरकार कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध करा रही है और सोलर टेक्नीशियन का यह कोर्स काफी लाभदायक साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर सोलराइजेशन तेजी से बढ़ रहा है और लगभग हर राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि सरकार भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें पीएम सूर्य घर योजना जैसी पहलों का समावेश है, जिसके लिए सोलर टेक्नीशियनों की आवश्यकता होती है।

अजय कुमार ने बताया कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद युवा बड़ी कंपनियों के सोलर प्रोजेक्ट में काम कर सकते हैं। इसके अलावा, वे बैंक से लोन लेकर स्वयं भी सोलर इंस्टॉलेशन से संबंधित कार्य शुरू कर सकते हैं, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि तीन महीने के प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सोलर पैनल की इंस्टॉलेशन, स्ट्रक्चर तैयार करने, अर्थिंग करने और एसी वायरिंग सहित कई तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से सिखाया जाता है। प्रशिक्षण में इन सभी विषयों की प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों तरह से जानकारी दी जाती है।

आईटीआई राजौरी में प्रशिक्षण देने वाली एक प्रशिक्षक ने बताया कि रोजगार विभाग के निर्देश पर यहां युवाओं के लिए तीन महीने का यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को सोलर सेल की कार्यप्रणाली, उसके निर्माण की प्रक्रिया और सौर ऊर्जा प्रणाली के मूलभूत सिद्धांतों के बारे में जानकारी दी जाती है। कोर्स पूरा होने के बाद प्रशिक्षुओं की परीक्षा ली जाएगी और सफल उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षक ने कहा कि प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र मिलने के बाद युवा बैंक से ऋण लेकर अपना सोलर से जुड़ा कारोबार शुरू कर सकते हैं या फिर किसी कंपनी में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तलाशने में भी मदद करेगा।

आईटीआई प्रिंसिपल उज्ज्वल महाजन ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि कोर्स के दौरान बच्चों को सोलर पैनल रिपेयर, इंस्‍टालेशन और इससे संबंधित सारे मैकेनिज्म सिखाए जाते हैं। बच्चे प्रशिक्षण के बाद वर्क फोर्स बनते हैं और बहुत कारगर सिद्ध होते हैं। यह सोलर का युग है, यहां तक कि सरकारी क्षेत्र में भी सोलर पर ही फोकस है। इससे सोलर सेक्टर में फास्ट सर्विस मिलना शुरू हो जाएगी।

Point of View

बल्कि यह नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

सोलर टेक्नीशियन कोर्स में क्या सिखाया जाएगा?
इस कोर्स में सोलर पैनल बनाने, स्थापित करने, समस्याओं को हल करने, मरम्मत और रखरखाव से संबंधित तकनीकी ज्ञान प्रदान किया जाएगा।
कोर्स के बाद क्या प्रमाण पत्र मिलेगा?
तीन महीने का कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र या डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा।
क्या इस कोर्स का कोई शुल्क है?
प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से तीन हजार रुपए भी प्रदान किए जाएंगे।
क्या यह कोर्स स्वरोजगार के लिए सहायक है?
हाँ, यह कोर्स युवाओं को स्वरोजगार के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करेगा और उन्हें अपने व्यवसाय स्थापित करने में मदद करेगा।
क्या इस कोर्स से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?
जी हाँ, प्रशिक्षित सोलर टेक्नीशियनों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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