राम, कृष्ण और शिव के संदेश भारत की एकता की आधारशिला: अयोध्या में CM योगी का ध्वजारोहण

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राम, कृष्ण और शिव के संदेश भारत की एकता की आधारशिला: अयोध्या में CM योगी का ध्वजारोहण

सारांश

अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर में शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने डॉ. लोहिया का स्मरण किया और कहा — राम, कृष्ण, शिव के आदर्श जब तक जीवित हैं, भारत को कोई तोड़ नहीं सकता। जातीय आधार पर महापुरुषों को बाँटना 'महापाप' है — यह संदेश अयोध्या से पूरे देश तक गया।

Key Takeaways

CM योगी आदित्यनाथ ने 29 अप्रैल 2026 को अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर शाम 5:45 बजे ध्वजारोहण किया। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का उल्लेख करते हुए महापुरुषों को जातीय आधार पर बाँटने को 'महापाप' बताया। मंदिर का ध्वजदंड 19 फीट 7 इंच ऊँचा; ध्वज की लंबाई 9 फीट 3 इंच और चौड़ाई 4 फीट 7 इंच । महासचिव चम्पत राय ने बताया कि मंदिर को हजार वर्षों से अधिक समय तक टिकाऊ बनाने के लिए विशेष निर्माण पद्धति अपनाई गई है। 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह ध्वजारोहण रामजन्मभूमि यात्रा की नई कड़ी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अप्रैल 2026 को अयोध्या के रामजन्मभूमि मंदिर परिसर में स्थित शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि राम, कृष्ण और शिव के संदेश ही भारत की एकता की आधारशिला हैं। उन्होंने महापुरुषों को जातीय आधार पर विभाजित करने की प्रवृत्ति को 'महापाप' करार दिया और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता का आह्वान किया।

ध्वजारोहण का विधि-विधान

मुख्यमंत्री ने शाम करीब 5:45 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम से पहले उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया, इसके बाद रामलला के दर्शन कर शिव मंदिर में अभिषेक किया। ध्वजारोहण से पूर्व आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वज पूजन कराया गया। इस अवसर पर संत-महंत, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे।

एकता और सांस्कृतिक विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी एकता में निहित है और इसे बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश के महापुरुषों ने समाज को जोड़ने का कार्य किया, लेकिन आज कुछ लोग उन्हें जातीय आधार पर विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो गंभीर भूल है।

डॉ. लोहिया के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक राम, कृष्ण और शिव के आदर्श समाज में जीवित रहेंगे, तब तक भारत को कोई विभाजित नहीं कर सकता। बिना नाम लिए राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वही लोग आज समाज में विभाजन की राजनीति कर रहे हैं।

श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन की ऐतिहासिक यात्रा

मुख्यमंत्री ने श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन को विश्व के अद्वितीय आंदोलनों में से एक बताया और कहा कि यह संघर्ष समाज के हर वर्ग की भागीदारी से संभव हुआ। 16वीं सदी से शुरू हुआ यह संघर्ष लंबे समय तक चला और अंततः न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान तक पहुँचा। उन्होंने कहा कि जब उच्चतम न्यायालय ने श्रीरामजन्मभूमि के पक्ष में फैसला दिया, तब देश ने अभूतपूर्व शांति और संतोष का अनुभव किया।

गौरतलब है कि 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के साथ यह ऐतिहासिक यात्रा पूर्ण हुई। योगी ने कहा कि अयोध्या ने दुनिया को संदेश दिया है कि लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प और एकजुटता से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।

शिव मंदिर की स्थापत्य विशेषताएँ

शिव मंदिर का ध्वजदंड लगभग 19 फीट 7 इंच ऊँचा है, जबकि ध्वज की लंबाई करीब 9 फीट 3 इंच और चौड़ाई 4 फीट 7 इंच बताई गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि मंदिर को हजार वर्षों से अधिक समय तक सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विशेष निर्माण पद्धति अपनाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में राम कथा से जुड़े भित्तिचित्र और सांस्कृतिक धरोहरों को भी संरक्षित किया गया है।

140 करोड़ की एकजुटता का आह्वान

मुख्यमंत्री ने देश की 140 करोड़ जनता से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया और कहा कि नए भारत के निर्माण के लिए सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक है। उनका संदेश था —

Point of View

NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

CM योगी ने अयोध्या में शिव मंदिर पर ध्वजारोहण कब किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5:45 बजे अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से ध्वजारोहण किया।
योगी आदित्यनाथ ने महापुरुषों को जातीय आधार पर बाँटने को 'महापाप' क्यों कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम, कृष्ण और शिव जैसे महापुरुष समाज को जोड़ने के प्रतीक हैं और उन्हें जातीय आधार पर विभाजित करना समाज के लिए घातक है। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का हवाला देते हुए सामाजिक समरसता की अपील की।
रामजन्मभूमि परिसर के शिव मंदिर की क्या विशेषताएँ हैं?
शिव मंदिर का ध्वजदंड लगभग 19 फीट 7 इंच ऊँचा है और ध्वज की लंबाई करीब 9 फीट 3 इंच तथा चौड़ाई 4 फीट 7 इंच है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चम्पत राय के अनुसार मंदिर को हजार वर्षों से अधिक समय तक टिकाऊ बनाने के लिए विशेष निर्माण पद्धति अपनाई गई है।
श्रीरामजन्मभूमि की ऐतिहासिक यात्रा कब पूरी हुई?
16वीं सदी से शुरू यह संघर्ष उच्चतम न्यायालय के फैसले, 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के साथ पूर्ण हुआ।
CM योगी ने 140 करोड़ जनता से क्या आह्वान किया?
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि देश की 140 करोड़ जनता एकजुट होकर आगे बढ़ेगी तो दुनिया की कोई ताकत भारत के सामने टिक नहीं पाएगी। उन्होंने नए भारत के निर्माण के लिए सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति प्रतिबद्धता को अनिवार्य बताया।
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