19 जुलाई 2026
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चढ़ावा विवाद के बावजूद रामकोट परिक्रमा में उमड़े श्रद्धालु, ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास बोले — आस्था अटूट

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चढ़ावा विवाद के बावजूद रामकोट परिक्रमा में उमड़े श्रद्धालु, ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास बोले — आस्था अटूट

सारांश

चढ़ावा चोरी के विवाद के बावजूद अयोध्या में रामकोट परिक्रमा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने साफ कहा — भक्तों की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा। 22 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक प्रस्तावित है।

मुख्य बातें

19 जुलाई को अयोध्या में रामकोट परिक्रमा में सुल्तानपुर, बस्ती, गोंडा, गोरखपुर और फैजाबाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे।
ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद का भक्तों की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है।
मंदिर में पूजा-पाठ, प्रसाद वितरण और दान-पात्र व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है।
निर्मोही अखाड़े की सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका पर दास ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं।
22 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक प्रस्तावित है।

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित रामकोट परिक्रमा में 19 जुलाई को सुल्तानपुर, बस्ती, गोंडा, गोरखपुर और फैजाबाद सहित आसपास के ज़िलों से बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुँचे। राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच यह भीड़ इस बात का संकेत है कि भक्तों की आस्था पर इस प्रकरण का कोई असर नहीं पड़ा है।

परिक्रमा में क्या हुआ

ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने बताया कि परिक्रमा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और श्रद्धालुओं में असाधारण उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि भक्तों के लिए प्रसाद वितरण और अन्य व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संपन्न हुईं। दास के अनुसार, पिछले कई महीनों से मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या निरंतर बनी हुई है।

चढ़ावा विवाद पर ट्रस्ट का रुख

राम मंदिर में दान-पात्रों से जुड़े चोरी के मामले और उससे उपजे विवादों को लेकर दिनेंद्र दास ने स्पष्ट किया कि इन घटनाओं का श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा, 'भक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं और मंदिर की व्यवस्था ठीक तरह से संचालित हो रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब चढ़ावा प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा जारी है।

निर्मोही अखाड़े की याचिका पर प्रतिक्रिया

निर्मोही अखाड़े द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका के बारे में पूछे जाने पर दिनेंद्र दास ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा विश्वास भगवान रामलला पर है और वे किसी विवाद या मुकदमे में नहीं पड़ना चाहते। गौरतलब है कि राम मंदिर से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच कानूनी विवाद का यह नया अध्याय है।

मंदिर व्यवस्था और आगे की राह

दिनेंद्र दास ने बताया कि मंदिर के पुजारी संतुष्ट हैं, पूजा-पाठ की व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है और दान-पात्रों से जुड़ी प्रक्रियाएँ भी पूर्ववत चल रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 22 जुलाई को ट्रस्ट की एक बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगामी विषयों पर निर्णय लिया जाएगा। रामलला का निर्णय सर्वोपरि है और जो भी होगा, वह ईश्वरीय इच्छा के अनुरूप होगा — यह दास का दृढ़ मत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ट्रस्ट की ओर से आई यह प्रतिक्रिया मुख्यतः आस्था-केंद्रित है — जवाबदेही-केंद्रित नहीं। दिनेंद्र दास का यह कहना कि 'दान-पात्र व्यवस्था सामान्य है' और निर्मोही अखाड़े की याचिका से अनभिज्ञता जताना, ट्रस्ट की संस्थागत जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। करोड़ों रुपये के दान से संचालित इस मंदिर में पारदर्शी ऑडिट तंत्र की माँग अब केवल विपक्ष की नहीं, बल्कि आम श्रद्धालुओं की भी है — जिसे यह बयान संबोधित नहीं करता।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद क्या है?
राम मंदिर में दान-पात्रों से चढ़ावा चोरी का एक मामला सामने आया था, जिसने मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। यह मामला जाँच के दायरे में है और इसे लेकर व्यापक विवाद उत्पन्न हुआ है।
रामकोट परिक्रमा में किन-किन क्षेत्रों से श्रद्धालु आए?
ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास के अनुसार, सुल्तानपुर, बस्ती, गोंडा, गोरखपुर और फैजाबाद सहित आसपास के ज़िलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु 19 जुलाई की परिक्रमा में शामिल हुए।
निर्मोही अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट में क्या याचिका दायर की है?
निर्मोही अखाड़े ने सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, हालाँकि ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि उन्हें इस याचिका की विस्तृत जानकारी नहीं है। यह राम मंदिर से जुड़े कानूनी विवादों का नया अध्याय है।
22 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में क्या होगा?
22 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगामी धार्मिक गतिविधियों और अन्य विषयों पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक के एजेंडे का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
क्या चढ़ावा विवाद के बाद राम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या घटी है?
दिनेंद्र दास के अनुसार नहीं — अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बनी हुई है और रामकोट परिक्रमा में भी भारी भीड़ उमड़ी। उनका कहना है कि भक्तों की आस्था पर इस विवाद का कोई असर नहीं पड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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