5 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चढ़ावे पर कांग्रेस का BJP पर हमला: मीर बोले — श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चढ़ावे पर कांग्रेस का BJP पर हमला: मीर बोले — श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़

सारांश

कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावे के धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए BJP पर सीधा हमला बोला। AICC महासचिव मीर ने कहा — श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ हुआ। गठबंधन अब तीन चरणों में आंदोलन करेगा: ज़िला प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्य रैलियाँ और दिल्ली में संसद घेराव।

मुख्य बातें

AICC महासचिव गुलाम अहमद मीर ने 5 अक्टूबर 2026 को अनंतनाग में राम मंदिर चढ़ावे के धन के दुरुपयोग का आरोप BJP पर लगाया।
मीर ने आरोप लगाया कि चंदे का पैसा 'धार्मिक कार्यों पर कम और दूसरी जगह ज़्यादा' खर्च हुआ।
6 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करेगा।
15-16 अक्टूबर को राष्ट्रपति से मिलकर लोकतंत्र पर खतरे का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मीर ने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने स्वयं मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठाए हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव गुलाम अहमद मीर ने 5 अक्टूबर 2026 को अनंतनाग में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाई गई है। मीर ने इस अवसर पर इंडिया गठबंधन की आगामी तीन-चरणीय राजनीतिक रणनीति का खुलासा भी किया, जिसमें 6 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव शामिल है।

मुख्य आरोप: चढ़ावे का धन कहाँ गया?

मीर ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर एकत्रित धन का उपयोग धार्मिक कार्यों से अधिक अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। उन्होंने कहा, 'जो चंदा वसूली की गई, वह धार्मिक कार्यों पर कम लगा और दूसरी जगह ज़्यादा इस्तेमाल किया गया।' उनके अनुसार यह मामला अब 'हकीकत बन चुका है' और आम जनता भी इसे समझने लगी है।

मीर ने यह भी कहा कि जो लोग राम के नाम पर दो सीटों से तीन सौ सीटों तक पहुँचे, उन्होंने भी वहाँ चढ़ावा चढ़ाने आए श्रद्धालुओं की भावनाओं को नहीं बख्शा। उनके शब्दों में, 'ये तो देश के सामने खुला खेल है। जो अंधभक्त थे, वो भी आज इस बारे में सोचने को मजबूर हो गए।'

इंडिया गठबंधन की तीन-चरणीय रणनीति

मीर ने वोट चोरी के आरोपों के विरोध में इंडिया गठबंधन की कार्ययोजना का ब्यौरा दिया। पहले चरण में गठबंधन के सहयोगी दल ज़िला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और मैनेजमेंट कमेटी के माध्यम से जनजागरण करेंगे।

दूसरे चरण में चयनित राज्यों में बड़े पैमाने पर रैलियाँ आयोजित की जाएंगी। तीसरे चरण में नई दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा।

इससे पहले, 6 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल चुनाव आयोग के कार्यालय पहुँचकर सवाल उठाएंगे। इसके अतिरिक्त, 15-16 अक्टूबर को राष्ट्रपति से मुलाकात का प्रयास किया जाएगा, जहाँ एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।

चुनाव आयोग पर सवाल

मीर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने स्वयं यह उजागर किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया। उनका तर्क था, 'तीन ही कमिश्नर हैं, एक चोरी कर रहा है, दो सवाल उठा रहे हैं, तो उन दो की क्यों न सुने देश?'

उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की परंपरा से तुलना करते हुए कहा कि जब पाँच जजों की पीठ में तीन का फैसला अंतिम माना जाता है, तो चुनाव आयोग में भी बहुमत की राय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन और BJP के बीच कई मोर्चों पर टकराव जारी है। गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन से जुड़े सवाल पहले भी विपक्ष उठाता रहा है, लेकिन मीर की ताज़ा टिप्पणी और गठबंधन की संगठित रणनीति इसे नए राजनीतिक आयाम देती है।

आने वाले दिनों में इंडिया गठबंधन के कदम और सरकार तथा चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार कांग्रेस ने इसे व्यापक चुनावी जवाबदेही अभियान से जोड़ा है — यह रणनीतिक बदलाव है। चुनाव आयोग के भीतर असहमति के दावे ज़्यादा गंभीर हैं, क्योंकि यदि ये तथ्यात्मक रूप से सत्यापित होते हैं, तो संस्थागत विश्वसनीयता का सवाल उठता है। हालाँकि मीर के आरोपों के साथ अभी तक कोई ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं हुआ है, जो इन बयानों को राजनीतिक आरोप की श्रेणी में रखता है। असली परीक्षण यह होगा कि 6 अक्टूबर की कार्रवाई के बाद क्या चुनाव आयोग या सरकार की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया आती है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
यह विवाद राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा एकत्रित दान राशि के उपयोग को लेकर है। कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने आरोप लगाया कि यह धन धार्मिक कार्यों की बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए खर्च किया गया, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था आहत हुई है।
इंडिया गठबंधन 6 अक्टूबर को क्या करने वाला है?
6 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करेंगे और वोट चोरी के आरोपों पर सवाल उठाएंगे। इसके बाद 15-16 अक्टूबर को राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
गुलाम अहमद मीर ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
मीर ने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने स्वयं यह उजागर किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने तर्क दिया कि जिस तरह न्यायालय में बहुमत का फैसला मान्य होता है, उसी तरह चुनाव आयोग में भी दो आयुक्तों की राय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
इंडिया गठबंधन के आंदोलन के कितने चरण हैं?
गठबंधन की रणनीति तीन चरणों में है — पहले चरण में जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और मैनेजमेंट कमेटी का गठन, दूसरे चरण में चयनित राज्यों में बड़ी रैलियाँ, और तीसरे चरण में नई दिल्ली में संसद का घेराव।
कांग्रेस के इन आरोपों का BJP पर क्या असर पड़ सकता है?
राम मंदिर BJP की प्रमुख राजनीतिक उपलब्धियों में से एक रहा है। धन के दुरुपयोग के आरोप यदि व्यापक जनमत को प्रभावित करते हैं, तो यह BJP की धार्मिक विश्वसनीयता पर असर डाल सकता है। हालाँकि अभी तक इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश का विपक्ष पर पलटवार, कहा- 'राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले आस्था का प्रमाण पत्र बाँट रहे'
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले