राम मंदिर चढ़ावे पर कांग्रेस का BJP पर हमला: मीर बोले — श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव गुलाम अहमद मीर ने 5 अक्टूबर 2026 को अनंतनाग में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाई गई है। मीर ने इस अवसर पर इंडिया गठबंधन की आगामी तीन-चरणीय राजनीतिक रणनीति का खुलासा भी किया, जिसमें 6 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव शामिल है।
मुख्य आरोप: चढ़ावे का धन कहाँ गया?
मीर ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर एकत्रित धन का उपयोग धार्मिक कार्यों से अधिक अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। उन्होंने कहा, 'जो चंदा वसूली की गई, वह धार्मिक कार्यों पर कम लगा और दूसरी जगह ज़्यादा इस्तेमाल किया गया।' उनके अनुसार यह मामला अब 'हकीकत बन चुका है' और आम जनता भी इसे समझने लगी है।
मीर ने यह भी कहा कि जो लोग राम के नाम पर दो सीटों से तीन सौ सीटों तक पहुँचे, उन्होंने भी वहाँ चढ़ावा चढ़ाने आए श्रद्धालुओं की भावनाओं को नहीं बख्शा। उनके शब्दों में, 'ये तो देश के सामने खुला खेल है। जो अंधभक्त थे, वो भी आज इस बारे में सोचने को मजबूर हो गए।'
इंडिया गठबंधन की तीन-चरणीय रणनीति
मीर ने वोट चोरी के आरोपों के विरोध में इंडिया गठबंधन की कार्ययोजना का ब्यौरा दिया। पहले चरण में गठबंधन के सहयोगी दल ज़िला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और मैनेजमेंट कमेटी के माध्यम से जनजागरण करेंगे।
दूसरे चरण में चयनित राज्यों में बड़े पैमाने पर रैलियाँ आयोजित की जाएंगी। तीसरे चरण में नई दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा।
इससे पहले, 6 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल चुनाव आयोग के कार्यालय पहुँचकर सवाल उठाएंगे। इसके अतिरिक्त, 15-16 अक्टूबर को राष्ट्रपति से मुलाकात का प्रयास किया जाएगा, जहाँ एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
चुनाव आयोग पर सवाल
मीर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने स्वयं यह उजागर किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया। उनका तर्क था, 'तीन ही कमिश्नर हैं, एक चोरी कर रहा है, दो सवाल उठा रहे हैं, तो उन दो की क्यों न सुने देश?'
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की परंपरा से तुलना करते हुए कहा कि जब पाँच जजों की पीठ में तीन का फैसला अंतिम माना जाता है, तो चुनाव आयोग में भी बहुमत की राय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन और BJP के बीच कई मोर्चों पर टकराव जारी है। गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन से जुड़े सवाल पहले भी विपक्ष उठाता रहा है, लेकिन मीर की ताज़ा टिप्पणी और गठबंधन की संगठित रणनीति इसे नए राजनीतिक आयाम देती है।
आने वाले दिनों में इंडिया गठबंधन के कदम और सरकार तथा चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।