13 अक्टूबर 2026
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IIIT रांची छात्र मौत मामला: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बनाई 3 सदस्यीय जांच समिति

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IIIT रांची छात्र मौत मामला: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बनाई 3 सदस्यीय जांच समिति

सारांश

IIIT रांची में प्रथम वर्ष के छात्र की मौत के बाद उठे विरोध-प्रदर्शनों ने केंद्र को कार्रवाई पर मजबूर किया। शिक्षा मंत्रालय ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है जो मौत की परिस्थितियों के साथ-साथ छात्रावास सुविधाओं और संस्थागत खामियों की पड़ताल करेगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2026 को IIIT रांची में छात्र की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की।
समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय साउथ कैंपस की निदेशक प्रो.
रजनी अब्बी करेंगी; एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और एक मंत्रालय अधिकारी भी सदस्य होंगे।
समिति छात्र की मौत की परिस्थितियों , बुनियादी सुविधाओं, काउंसलिंग और शिकायत-निवारण तंत्र की जांच करेगी।
छात्र संस्थान के निदेशक प्रो.
राजीव श्रीवास्तव को हटाने, एंबुलेंस, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुधार की मांग कर रहे हैं।
IIIT रांची एक PPP मॉडल संस्थान है; जांच के दौरान अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था भी की जाएगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2026 को IIIT रांची में एक प्रथम वर्ष के छात्र की मौत के बाद उपजे विवाद और जारी विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। यह समिति मृत्यु की परिस्थितियों की जांच करने के साथ-साथ संस्थान में छात्रों की सुरक्षा, काउंसलिंग और शिकायत-निवारण व्यवस्था की पड़ताल करेगी। मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आधिकारिक सूचना में यह जानकारी दी गई।

जांच समिति की संरचना

मंत्रालय के अनुसार, जांच समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी करेंगी। समिति में एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह संरचना यह दर्शाती है कि मंत्रालय मृत्यु की प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और संस्थागत देखभाल के पहलुओं को भी गंभीरता से ले रहा है।

समिति क्या-क्या जांचेगी

समिति छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत पड़ताल करेगी। इसके अलावा वह संस्थान में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और स्थिति, छात्रों को मिलने वाली मदद, काउंसलिंग, मेंटरिंग और शिकायत-समाधान तंत्र की भी जांच करेगी। समिति संस्थागत कमियों को चिह्नित कर सुधारात्मक सुझाव देगी। इस प्रक्रिया में छात्रों, संस्थान के अधिकारियों और अन्य संबद्ध पक्षों से बातचीत की जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी समीक्षा होगी।

छात्रों के विरोध की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि IIIT रांची में प्रथम वर्ष के एक छात्र की मौत के बाद से छात्र-छात्राएं लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को हटाना शामिल है। इसके अलावा छात्र छात्रावास में बुनियादी सुविधाओं, एंबुलेंस, ऑक्सीजन, बिजली आपूर्ति और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की भी माँग कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई तकनीकी संस्थानों में छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

संस्थान की प्रकृति और प्रशासनिक व्यवस्था

उल्लेखनीय है कि IIIT रांची एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत स्थापित संस्थान है, जो इसके प्रशासनिक जवाबदेही के ढांचे को जटिल बनाता है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान संस्थान का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था की जाएगी, जिसमें छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

आगे क्या होगा

समिति अपनी जांच पूरी कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय सुझाएगी। मंत्रालय की यह पहल इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है, हालांकि छात्र संगठनों की नजर अब इस जांच की समयसीमा और उसके नतीजों पर टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

NIT और IIIT में छात्रों की मौत और उसके बाद उठे विरोध-प्रदर्शनों का एक परिचित पैटर्न दिखता है जिसमें जांच समिति बनाई जाती है, रिपोर्ट आती है और सिफारिशें फाइलों में दब जाती हैं। PPP मॉडल संस्थानों में जवाबदेही का प्रश्न और भी पेचीदा है, क्योंकि निजी भागीदार और केंद्र सरकार दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल सकते हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या इस समिति की रिपोर्ट में समयबद्ध क्रियान्वयन का बाध्यकारी ढांचा होगा, या यह भी पिछली जांचों की तरह एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IIIT रांची में छात्र की मौत का मामला क्या है?
IIIT रांची में प्रथम वर्ष के एक छात्र की मौत हो गई, जिसके बाद संस्थान में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। छात्रों ने निदेशक को हटाने और छात्रावास में बुनियादी सुविधाओं तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की जांच समिति में कौन शामिल हैं?
समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी करेंगी। इसमें एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य के रूप में शामिल हैं।
जांच समिति क्या-क्या देखेगी?
समिति छात्र की मौत की परिस्थितियों, संस्थान में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति, काउंसलिंग, मेंटरिंग और शिकायत-निवारण व्यवस्था की जांच करेगी। यह संस्थागत कमियों को चिह्नित कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय भी सुझाएगी।
IIIT रांची किस प्रकार का संस्थान है?
IIIT रांची एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत स्थापित संस्थान है। इस मॉडल में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और निजी उद्योग की साझेदारी होती है।
जांच के दौरान संस्थान का प्रशासन कैसे चलेगा?
शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान संस्थान का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था की जाएगी। इसमें छात्रों के हितों और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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