रांची IIIT में छात्र आदित्य की मौत के बाद तीसरे दिन भी प्रदर्शन, निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को हटाने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
रांची के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT रांची) में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य की मौत के बाद भड़का छात्र आंदोलन 13 अक्टूबर 2026 को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्र संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को तत्काल पद से हटाने और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की माँग पर अडिग हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि माँगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी स्थित छात्रावास परिसर में छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन के विरुद्ध नारेबाज़ी की और बैनर-पोस्टर लगाकर अपनी माँगें दोहराईं। छात्रों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से संस्थान में अव्यवस्थाएँ बनी हुई हैं और बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं किया गया।
छात्रों ने बताया कि वे प्रतिवर्ष करीब ₹4 लाख फ़ीस देते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें बुनियादी सुविधाएँ भी नहीं मिलतीं। उन्होंने कैंटीन में खानपान की व्यवस्था, छात्रावास की सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरों और समग्र निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
बोर्ड चेयरमैन की छात्रों से मुलाकात
सोमवार शाम सात बजे संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) ए.के. भट्ट, निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव और कुछ शिक्षक एवं कर्मचारी प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने पहुँचे। इस दौरान छात्रों ने अपनी समस्याएँ उनके सामने विस्तार से रखीं और निदेशक को हटाने की माँग पर अपना रुख स्पष्ट किया।
चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल भट्ट ने छात्रों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और मंगलवार तक किसी निष्कर्ष पर पहुँचने का संकेत दिया। संस्थान के निदेशक ने कहा कि इस घटना से सभी सदस्य मर्माहत हैं और मामले के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
आदित्य की मौत और चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल
छात्रों का कहना है कि आदित्य की मौत ने संस्थान में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर उनकी चिंताएँ और गहरी कर दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लिफ्ट, एम्बुलेंस, बिजली और ऑक्सीजन जैसी आवश्यक सुविधाएँ पर्याप्त नहीं हैं। छात्रों का दावा है कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलती तो आदित्य की जान बचाई जा सकती थी — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश भर के तकनीकी संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आवासीय सुविधाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। IIIT रांची का यह मामला उस व्यापक चिंता को फिर से सतह पर ले आया है।
पुलिस जाँच जारी
पुलिस आदित्य की मौत के मामले की जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जाँच प्रक्रिया जारी है और अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। छात्रों ने माँग की है कि जाँच पारदर्शी तरीके से हो और परिणाम सार्वजनिक किए जाएँ।
आगे की राह
बोर्ड चेयरमैन द्वारा मंगलवार तक निष्कर्ष देने के संकेत के बाद अब सभी की नज़रें संस्थान प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि माँगें नहीं मानी गईं तो छात्र आंदोलन को और विस्तार देने की चेतावनी दे चुके हैं, जो संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।