11 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आईआईआईटी रांची में छात्र आदित्य कुमार की मौत पर बवाल, निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आईआईआईटी रांची में छात्र आदित्य कुमार की मौत पर बवाल, निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग

सारांश

रांची के आईआईआईटी हॉस्टल में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की संदिग्ध मौत ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। छात्रों ने सड़क जाम कर निदेशक का इस्तीफा माँगा, पुलिस जाँच जारी है और NHRC ने भी संज्ञान लिया है।

मुख्य बातें

आईआईआईटी रांची के हॉस्टल में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार ( पूर्णिया, बिहार ) की शनिवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
छात्रों ने रविवार, 11 अक्टूबर को प्रदर्शन कर खेलगांव-टाटीसिलवे मार्ग जाम किया और निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की माँग की।
एसएसपी राकेश रंजन ने मौत की प्रारंभिक जाँच शुरू की; एफएसएल टीम साक्ष्य जुटा चुकी है और रूममेट का बयान लिया गया।
NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने एक्स पर पोस्ट कर इलाज में देरी और प्रशासनिक लापरवाही की जाँच की बात कही।
छात्र के परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा; मिड-सेमेस्टर परीक्षा दबाव की आशंका भी जताई गई है।

रांची के खेलगांव स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) के हॉस्टल में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की संदिग्ध मौत के बाद रविवार, 11 अक्टूबर को छात्रों ने व्यापक प्रदर्शन किया। आक्रोशित विद्यार्थियों ने हॉस्टल सुविधाओं में सुधार और संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के तत्काल इस्तीफे की माँग की। प्रदर्शन इतना उग्र हुआ कि छात्रों ने खेलगांव-टाटीसिलवे मार्ग को जाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

घटनाक्रम: कैसे हुई मौत

बिहार के पूर्णिया निवासी आदित्य कुमार ने अगस्त 2026 में आईआईआईटी रांची में प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। शनिवार रात उसे हॉस्टल के अपने कमरे में फंदे से लटका पाया गया। निदेशक राजीव श्रीवास्तव के अनुसार, उस समय परिसर में बिजली गुल थी और इसी दौरान छात्र ने कथित तौर पर कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया था। सहपाठियों ने दरवाज़ा तोड़कर उसे बाहर निकाला और परिसर में उपलब्ध एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि आदित्य की मिड-सेमेस्टर परीक्षाएँ इन दिनों चल रही थीं। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने प्रारंभिक तौर पर परीक्षा से जुड़े दबाव की आशंका जताई है, हालाँकि मौत के सटीक कारणों की जाँच जारी है।

छात्रों के आरोप और प्रदर्शन

छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं हो पाती। विद्यार्थियों ने इन हालात के लिए सीधे तौर पर संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की माँग की।

प्रदर्शन के बीच जब निदेशक छात्रों से बातचीत करने पहुँचे, तो उनका आक्रोश और बढ़ गया। रविवार शाम 4:30 बजे IST तक हंगामा जारी था। मौके पर सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा, खेलगांव थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी तैनात रहे।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

एसएसपी राकेश रंजन ने स्पष्ट किया कि छात्र की मौत की जाँच और हॉस्टल सुविधाओं को लेकर हो रहे प्रदर्शन को अलग-अलग घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा चुकी है और छात्र के रूममेट का बयान भी लिया जा चुका है।

सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा ने बताया कि छात्र के परिजनों के पहुँचने और आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक जिला प्रशासन को ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है जिसके आधार पर अलग से कार्रवाई शुरू की जा सके।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का संज्ञान

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया कि आयोग इस छात्र की मौत का संज्ञान ले रहा है। उन्होंने इलाज में देरी, संभावित प्रशासनिक लापरवाही और मौत की परिस्थितियों की जाँच कराने की बात कही।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और हॉस्टल सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज़ हो रही है। आगे की कार्रवाई — पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल निष्कर्ष और NHRC की जाँच — आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिजली गुल, और आपात चिकित्सा में देरी — ये अलग-अलग चूकें नहीं, बल्कि एक व्यवस्थागत विफलता की कड़ियाँ हैं। NHRC का संज्ञान लेना दर्शाता है कि मामला अब सिर्फ जाँच का नहीं, जवाबदेही का है। असली सवाल यह है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट के बाद भी क्या संस्थानों में सुधार की इच्छाशक्ति दिखेगी, या यह भी पिछली ऐसी घटनाओं की तरह कुछ दिनों की चर्चा बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईआईटी रांची में छात्र आदित्य कुमार की मौत कैसे हुई?
बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार को शनिवार रात हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका पाया गया था। सहपाठियों ने दरवाज़ा तोड़कर उसे बाहर निकाला और एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के सटीक कारणों की जाँच पुलिस और एफएसएल कर रही है।
छात्र आदित्य कुमार की मौत पर प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की कमी है और आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा मदद नहीं मिल पाती। इसके लिए वे संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव को जिम्मेदार मानते हुए उनके इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।
पुलिस इस मामले की जाँच कैसे कर रही है?
रांची एसएसपी राकेश रंजन के अनुसार, मौत की जाँच और प्रदर्शन को अलग-अलग मामलों के रूप में देखा जा रहा है। एफएसएल टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा चुकी है और रूममेट का बयान लिया गया है। परिजनों के पहुँचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
NHRC ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आयोग इस मौत का संज्ञान ले रहा है। उन्होंने इलाज में देरी, संभावित प्रशासनिक लापरवाही और मौत की परिस्थितियों की जाँच की बात कही है।
आईआईआईटी रांची के निदेशक ने घटना पर क्या कहा?
निदेशक राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि आदित्य ने अगस्त 2026 में प्रवेश लिया था और उसकी मिड-सेमेस्टर परीक्षाएँ चल रही थीं। उन्होंने कहा कि परिसर की एंबुलेंस से छात्र को अस्पताल पहुँचाया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधार की समीक्षा की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले