आईआईआईटी रांची में छात्र आदित्य कुमार की मौत पर बवाल, निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
रांची के खेलगांव स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) के हॉस्टल में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की संदिग्ध मौत के बाद रविवार, 11 अक्टूबर को छात्रों ने व्यापक प्रदर्शन किया। आक्रोशित विद्यार्थियों ने हॉस्टल सुविधाओं में सुधार और संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के तत्काल इस्तीफे की माँग की। प्रदर्शन इतना उग्र हुआ कि छात्रों ने खेलगांव-टाटीसिलवे मार्ग को जाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
घटनाक्रम: कैसे हुई मौत
बिहार के पूर्णिया निवासी आदित्य कुमार ने अगस्त 2026 में आईआईआईटी रांची में प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। शनिवार रात उसे हॉस्टल के अपने कमरे में फंदे से लटका पाया गया। निदेशक राजीव श्रीवास्तव के अनुसार, उस समय परिसर में बिजली गुल थी और इसी दौरान छात्र ने कथित तौर पर कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया था। सहपाठियों ने दरवाज़ा तोड़कर उसे बाहर निकाला और परिसर में उपलब्ध एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गौरतलब है कि आदित्य की मिड-सेमेस्टर परीक्षाएँ इन दिनों चल रही थीं। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने प्रारंभिक तौर पर परीक्षा से जुड़े दबाव की आशंका जताई है, हालाँकि मौत के सटीक कारणों की जाँच जारी है।
छात्रों के आरोप और प्रदर्शन
छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं हो पाती। विद्यार्थियों ने इन हालात के लिए सीधे तौर पर संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की माँग की।
प्रदर्शन के बीच जब निदेशक छात्रों से बातचीत करने पहुँचे, तो उनका आक्रोश और बढ़ गया। रविवार शाम 4:30 बजे IST तक हंगामा जारी था। मौके पर सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा, खेलगांव थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी तैनात रहे।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
एसएसपी राकेश रंजन ने स्पष्ट किया कि छात्र की मौत की जाँच और हॉस्टल सुविधाओं को लेकर हो रहे प्रदर्शन को अलग-अलग घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा चुकी है और छात्र के रूममेट का बयान भी लिया जा चुका है।
सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा ने बताया कि छात्र के परिजनों के पहुँचने और आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक जिला प्रशासन को ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है जिसके आधार पर अलग से कार्रवाई शुरू की जा सके।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया कि आयोग इस छात्र की मौत का संज्ञान ले रहा है। उन्होंने इलाज में देरी, संभावित प्रशासनिक लापरवाही और मौत की परिस्थितियों की जाँच कराने की बात कही।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और हॉस्टल सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज़ हो रही है। आगे की कार्रवाई — पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल निष्कर्ष और NHRC की जाँच — आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय करेगी।