29 जून 2026
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रांची के चन्द्राटोली में कुएं में डूबे दो सगे भाई, छोटे को बचाने में बड़े ने भी गंवाई जान

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रांची के चन्द्राटोली में कुएं में डूबे दो सगे भाई, छोटे को बचाने में बड़े ने भी गंवाई जान

सारांश

रांची के चन्द्राटोली गांव में एक भाई पानी निकालते वक्त कुएं में गिरा, दूसरे ने बचाने की कोशिश में छलांग लगाई — दोनों नहीं लौटे। सुखराम और विनोद मुंडा की यह कहानी साहस और त्रासदी का दर्दनाक मेल है।

मुख्य बातें

29 जून 2026 (सोमवार) को रांची के चन्द्राटोली गांव में खेत के कुएं में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हुई।
मृतकों की पहचान सुखराम मुंडा (बड़े भाई) और विनोद मुंडा (छोटे भाई) के रूप में हुई।
विनोद पानी निकालते वक्त कुएं में गिरे; सुखराम ने बचाने के लिए छलांग लगाई, लेकिन दोनों बाहर नहीं निकल सके।
अनगड़ा थाना पुलिस ने शव बाहर निकलवाए और रिम्स, रांची में पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर जाँच शुरू की; पूरे गांव में शोक का माहौल।

झारखंड की राजधानी रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र स्थित चन्द्राटोली गांव में 29 जून 2026 (सोमवार) को एक हृदयविदारक हादसे में दो सगे भाइयों की खेत के कुएं में डूबने से मौत हो गई। छोटे भाई को संकट में देख बड़े भाई ने बिना एक पल गंवाए कुएं में छलांग लगा दी, लेकिन पुलिस के अनुसार दोनों बाहर नहीं निकल सके और अपनी जान गंवा बैठे।

घटना का क्रम

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान सुखराम मुंडा और उनके छोटे भाई विनोद मुंडा के रूप में हुई है। सोमवार सुबह विनोद खेत में स्थित कुएं से पानी निकालने गया था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह कुएं में जा गिरा।

भाई को डूबता देख सुखराम तत्काल उसे बचाने के लिए कुएं में कूद पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुखराम ने काफी देर तक संघर्ष करते हुए विनोद को पानी की सतह तक खींच भी लिया, परंतु कुएं में पानी अधिक होने और बाहर निकलने का कोई साधन उपलब्ध न होने के कारण दोनों बाहर नहीं आ सके।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही अनगड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से दोनों शवों को कुएं से बाहर निकलवाया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेजा गया। पुलिस ने मामले में यूडी केस दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है।

परिवार और गांव पर असर

परिवार के सदस्यों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच गहरा लगाव था। इस दुखद घटना के बाद पूरे चन्द्राटोली गांव में शोक का माहौल छा गया है और परिवारजन गहरे सदमे में हैं। यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुले और असुरक्षित कुएं किस तरह जानलेवा साबित हो सकते हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस द्वारा यूडी केस दर्ज किए जाने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई निर्धारित होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से खेतों में स्थित खुले कुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ग्रामीण भारत में खुले और असुरक्षित कुओं की एक पुरानी समस्या का दर्दनाक नतीजा है। झारखंड सहित देश के कई राज्यों में खेतों के कुएं आज भी बिना जालीदार ढक्कन या सुरक्षा घेरे के हैं, जो हर साल दर्जनों जिंदगियाँ लील लेते हैं। सुखराम का साहस अनुकरणीय था, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या बुनियादी सुरक्षा उपाय होते तो दोनों भाई आज जिंदा होते। प्रशासन को ऐसे हादसों को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कुओं की सुरक्षा पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची के चन्द्राटोली में कुएं हादसे में किनकी मौत हुई?
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान सुखराम मुंडा और उनके छोटे भाई विनोद मुंडा के रूप में हुई है। दोनों रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के चन्द्राटोली गांव के निवासी थे।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
अनगड़ा थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों की मदद से दोनों शव बाहर निकलवाए और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेजा। पुलिस ने यूडी (अस्वाभाविक मृत्यु) केस दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है।
क्या ऐसे हादसों को रोका जा सकता था?
ग्रामीण क्षेत्रों में खुले और असुरक्षित कुएं इस तरह के हादसों का प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कुओं पर जालीदार ढक्कन और सुरक्षा घेरा लगाने जैसे बुनियादी उपाय ऐसी त्रासदियों को रोकने में सहायक हो सकते हैं।
घटना के बाद गांव में क्या स्थिति है?
परिवार के सदस्यों के अनुसार दोनों भाइयों में गहरा लगाव था। इस हादसे के बाद चन्द्राटोली गांव में शोक का माहौल है और परिजन गहरे दुख में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से खुले कुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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