10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर CM मोहन यादव ने जबलपुर में दी श्रद्धांजलि, जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर CM मोहन यादव ने जबलपुर में दी श्रद्धांजलि, जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव

सारांश

463वें बलिदान दिवस पर CM मोहन यादव ने जबलपुर में रानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि दी और एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजने की घोषणा की। साथ ही ₹100 करोड़ के संस्थान, किसानों को चार गुना मुआवजे और ₹880 करोड़ के शून्य-ब्याज ऋण राहत का ऐलान भी किया गया।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 24 जून 2025 को नर्रई नाला, जबलपुर में रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
₹100 करोड़ की लागत से मदन महल के निकट रानी दुर्गावती को समर्पित संस्थान का शीघ्र लोकार्पण होगा।
किसानों के लिए शून्य ब्याज दर पर ऋण चुकाने की 31 मार्च की बाध्यता समाप्त; राज्य सरकार वित्तीय संस्थाओं को ₹880 करोड़ देगी।
शासकीय परियोजनाओं हेतु भूमि अधिग्रहण पर किसानों को अब चार गुना मुआवजा मिलेगा।
35वीं बटालियन मंडला का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जा चुका है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 जून 2025 को वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर उनकी समाधि स्थल नर्रई नाला, जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और नारी शक्ति की जीवंत प्रतिमूर्ति थीं, जिन्होंने मुगल सेनाओं को युद्ध में परास्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाएगा।

रानी दुर्गावती का गौरवशाली शासनकाल

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य के 52 गढ़ों पर शासन किया। पति की असमय मृत्यु के बाद उन्होंने अपने 5 वर्षीय पुत्र को सिंहासन पर बैठाया और स्वयं 15 वर्षों तक जनसेवा एवं क्षेत्र की रक्षा के लिए समर्पित रहीं। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का शासनकाल गौंड साम्राज्य का स्वर्णिम युग था, जिसमें किसान कल्याण हेतु बीज संग्रह, फसल चक्रण और जल संचय के महत्वपूर्ण कार्य किए गए, जिसके परिणामस्वरूप अनाज के भंडार भरे रहते थे।

रानी दुर्गावती को समर्पित नई परियोजनाएँ

मुख्यमंत्री ने बताया कि जबलपुर में मदन महल के निकट ₹100 करोड़ की लागत से रानी दुर्गावती को समर्पित एक नवीन संस्थान तैयार हो रहा है, जिसका लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा। इस संस्थान के माध्यम से प्रदेश की भावी पीढ़ी रानी दुर्गावती के गौरवशाली इतिहास से परिचित होगी। इसके अतिरिक्त जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर एक चिड़ियाघर एवं वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर का निर्माण भी जारी है। 35वीं बटालियन मंडला का नाम भी रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जा चुका है।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार ने अपनी मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जबलपुर में और दूसरी बैठक गौंडवाना साम्राज्य की राजधानी संग्रामपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित करके आयोजित की थी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विरासत से विकास' अभियान के तहत देश के ऐतिहासिक नायकों की विरासत को पुनर्स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

किसानों के लिए नई घोषणाएँ

मुख्यमंत्री यादव ने कार्यक्रम में किसान कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने कहा कि अब किसानों के लिए शून्य ब्याज दर पर 31 मार्च तक कर्ज चुकाने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है — अब किसान जिस तिथि को ऋण लेंगे, उससे एक वर्ष की अवधि में कर्ज चुका सकेंगे। इस व्यवस्था के लिए राज्य सरकार वित्तीय संस्थाओं को ₹880 करोड़ का भुगतान करेगी। साथ ही, शासकीय परियोजनाओं हेतु भूमि अधिग्रहण पर किसानों को अब चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के तहत कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को लाभ मिल रहा है और प्रदेश की लाड़ली बहनों को प्रतिमाह ₹1,500 की राशि जारी की जा रही है।

मंत्रियों की प्रतिक्रिया

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने ओजपूर्ण कविता से अपना उद्बोधन आरंभ करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समाज की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि रानी दुर्गावती केवल वीर योद्धा नहीं, बल्कि जल प्रबंधन, कृषि व्यवस्था और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अद्भुत प्रतिमूर्ति थीं।

आगे क्या

जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को भेजे जाने के बाद केंद्र सरकार की स्वीकृति पर निर्भर करेगा। ₹100 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले रानी दुर्गावती संस्थान का लोकार्पण शीघ्र अपेक्षित है, जो महाकौशल क्षेत्र में ऐतिहासिक पर्यटन और शिक्षा को नई दिशा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किसानों के लिए शून्य ब्याज ऋण की समय-सीमा हटाने जैसी घोषणाएँ ठोस राहत हैं, लेकिन ₹880 करोड़ की प्रतिबद्धता का क्रियान्वयन और पारदर्शिता अभी भी जाँच के दायरे से बाहर है। विरासत-आधारित राजनीति तब सार्थक होती है जब वह केवल नामकरण तक सीमित न रहे, बल्कि उन समुदायों के ठोस उत्थान में परिणत हो जिनका वह प्रतिनिधित्व करती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रानी दुर्गावती का 463वाँ बलिदान दिवस कब और कहाँ मनाया गया?
रानी दुर्गावती का 463वाँ बलिदान दिवस 24 जून 2025 को उनकी समाधि स्थल नर्रई नाला, जबलपुर में मनाया गया। इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संबोधित किया।
जबलपुर एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर कब रखा जाएगा?
CM मोहन यादव ने घोषणा की कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की स्वीकृति पर निर्भर करेगा।
रानी दुर्गावती को समर्पित जबलपुर संस्थान क्या है?
जबलपुर में मदन महल के निकट ₹100 करोड़ की लागत से रानी दुर्गावती को समर्पित एक नवीन संस्थान तैयार किया जा रहा है, जिसका लोकार्पण शीघ्र होगा। यह संस्थान प्रदेश की भावी पीढ़ी को रानी दुर्गावती के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराएगा।
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए क्या नई घोषणाएँ कीं?
राज्य सरकार ने शून्य ब्याज दर पर 31 मार्च तक कर्ज चुकाने की बाध्यता समाप्त कर दी है — अब किसान ऋण लेने की तिथि से एक वर्ष में कर्ज चुका सकेंगे। इसके लिए सरकार वित्तीय संस्थाओं को ₹880 करोड़ का भुगतान करेगी और भूमि अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य पर कितने समय तक शासन किया?
रानी दुर्गावती ने पति की असमय मृत्यु के बाद अपने 5 वर्षीय पुत्र को सिंहासन पर बैठाकर स्वयं 15 वर्षों तक गौंडवाना साम्राज्य के 52 गढ़ों पर शासन किया। उनके शासनकाल को गौंड साम्राज्य का स्वर्णिम युग माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले