2 अगस्त 2026
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जबलपुर से शुरू हुआ 11 लाख पौधों का अभियान, CM मोहन यादव ने दी मेट्रोपॉलिटन सिटी की सौगात

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जबलपुर से शुरू हुआ 11 लाख पौधों का अभियान, CM मोहन यादव ने दी मेट्रोपॉलिटन सिटी की सौगात

सारांश

जबलपुर सिर्फ एक पौधरोपण समारोह का गवाह नहीं बना — मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक ही मंच से मेट्रोपॉलिटन सिटी, एम्स-स्तरीय मेडिकल संस्थान, फर्नीचर क्लस्टर और चिड़ियाघर का ऐलान कर दिया। 11 लाख पौधों का यह अभियान मियावाकी पद्धति से मध्यप्रदेश की हरियाली को नई परिभाषा देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 अगस्त 2026 को जबलपुर के गीता भवन परिसर से 11 लाख पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया।
जबलपुर नगर निगम को अगले एक वर्ष में मेट्रोपॉलिटन सिटी का दर्जा दिए जाने की घोषणा।
जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को मध्यप्रदेश एम्स (राज्यस्तरीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के रूप में विकसित किया जाएगा।
मदन महल पहाड़ी के पास चिड़ियाघर और शहर में फर्नीचर क्लस्टर बनाने की योजना।
जापानी मियावाकी पद्धति से एक एकड़ में 12,000 पौधे लगाए जा सकते हैं, जो 3 वर्ष में सघन वन बन जाते हैं।
जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में सांदीपनि विद्यालय स्थापित किए जाएँगे।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 अगस्त 2026 को जबलपुर के गीता भवन परिसर में विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए राज्यव्यापी 11 लाख पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। इसी अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि जबलपुर नगर निगम को अगले एक वर्ष के भीतर मेट्रोपॉलिटन सिटी का दर्जा दिया जाएगा।

मेट्रोपॉलिटन सिटी और विकास की घोषणाएँ

मुख्यमंत्री यादव ने मौके पर ही कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जबलपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी का ड्राफ्ट प्रपोजल जल्द से जल्द तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जबलपुर में एक फर्नीचर क्लस्टर स्थापित किया जाएगा, जो स्थानीय उद्योग को नई गति देगा।

इसके अलावा, प्रदेश की जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को अब मध्यप्रदेश के एम्स (राज्यस्तरीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के रूप में विकसित किया जाएगा। यह निर्णय क्षेत्र में उच्च-स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की माँग को देखते हुए लिया गया है।

पर्यटन और शिक्षा को बढ़ावा

पर्यटन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री यादव ने घोषणा की कि जबलपुर और आसपास के नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिए मदन महल पहाड़ी के निकट एक चिड़ियाघर (जू) बनाया जाएगा, जहाँ वाइल्ड एनीमल्स विजिबिलिटी की विशेष सुविधा उपलब्ध होगी। शिक्षा के मोर्चे पर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सांदीपनि विद्यालय भी स्थापित किए जाएँगे।

पौधरोपण अभियान: मियावाकी पद्धति से हरियाली

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रकृति के साथ संबंध को और मज़बूत करने के लिए यह सघन पौधरोपण अभियान जबलपुर से शुरू किया गया है। उन्होंने जापानी मियावाकी पद्धति का विशेष उल्लेख किया, जिसके तहत एक एकड़ भूमि पर 12,000 पौधे लगाए जा सकते हैं और यह क्षेत्र तीन वर्ष से कम समय में सघन वन में तब्दील हो जाता है।

उन्होंने कहा, 'पेड़ हमारे जीवन में ऋषि-मुनियों के समान होते हैं — वे सबको स्वच्छ हवा और जीवन देते हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में शहरीकरण के कारण हरित आवरण पर दबाव बढ़ रहा है।

नदियाँ और पर्यावरण: मध्यप्रदेश की विरासत

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को 'देश में नदियों का मायका' बताया। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी गुजरात और राजस्थान को भी समृद्धि प्रदान करती है, जबकि चंबल और सोन जैसी नदियाँ गंगा-यमुना की धारा को गति देती हैं। उनके अनुसार, जंगलों को हरा-भरा रखना न केवल पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी है, बल्कि भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' की परंपरा का भी अभिन्न हिस्सा है।

आगे क्या

मेट्रोपॉलिटन सिटी का ड्राफ्ट प्रपोजल, फर्नीचर क्लस्टर की रूपरेखा और मेडिकल यूनिवर्सिटी के एम्स-स्तरीय उन्नयन की विस्तृत योजना अगले कुछ हफ्तों में सामने आने की उम्मीद है। 11 लाख पौधरोपण अभियान की प्रगति राज्य सरकार के पर्यावरण संकल्प की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एम्स, चिड़ियाघर, फर्नीचर क्लस्टर और 11 लाख पौधों की घोषणाएँ — यह जबलपुर के लिए महत्वाकांक्षी विज़न है, लेकिन सवाल यह है कि इनमें से कितनी घोषणाएँ समयसीमा में ज़मीन पर उतरेंगी। मध्यप्रदेश में बड़े शहरों को मेट्रोपॉलिटन दर्जा देने की प्रक्रिया प्रशासनिक और वित्तीय जटिलताओं से भरी रही है। मियावाकी पद्धति पर्यावरण की दृष्टि से उत्साहजनक है, परंतु 11 लाख पौधों की दीर्घकालिक देखभाल और जीवित रहने की दर का कोई सत्यापन तंत्र अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है — और यही वह बिंदु है जहाँ पिछले वृक्षारोपण अभियान अक्सर कागज़ों तक सिमट कर रह गए।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्यप्रदेश का 11 लाख पौधरोपण अभियान क्या है?
यह मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा 1 अगस्त 2026 को जबलपुर के गीता भवन परिसर से शुरू किया गया राज्यव्यापी सघन पौधरोपण अभियान है, जिसका लक्ष्य पूरे मध्यप्रदेश में 11 लाख पौधे रोपना है। इसमें जापानी मियावाकी पद्धति का उपयोग किया जाएगा, जिससे एक एकड़ में 12,000 पौधे लगाए जा सकते हैं।
जबलपुर को मेट्रोपॉलिटन सिटी कब बनाया जाएगा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि जबलपुर नगर निगम को अगले एक वर्ष के भीतर मेट्रोपॉलिटन सिटी का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने कमिश्नर और कलेक्टर को ड्राफ्ट प्रपोजल जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मियावाकी पद्धति से पौधरोपण कैसे होता है?
मियावाकी जापान में विकसित एक वन-निर्माण तकनीक है जिसमें एक एकड़ भूमि पर 12,000 पौधे घनी पंक्तियों में लगाए जाते हैं। इस पद्धति से तीन वर्ष से कम समय में वह क्षेत्र सघन वन में बदल जाता है, जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में कई गुना तेज़ है।
जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स का दर्जा मिलने से क्या बदलेगा?
जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को मध्यप्रदेश के राज्यस्तरीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में उच्च-स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी। यह मध्य और पूर्वी मध्यप्रदेश के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य अवसंरचना का द्वार खोलेगा।
जबलपुर में प्रस्तावित चिड़ियाघर कहाँ बनेगा?
मुख्यमंत्री यादव ने घोषणा की है कि नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिए मदन महल पहाड़ी के पास एक चिड़ियाघर बनाया जाएगा, जहाँ वाइल्ड एनीमल्स विजिबिलिटी की विशेष सुविधा होगी। यह जबलपुर के पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में उठाया गया कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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