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क्या आरईडब्ल्यूए 2.0 योजना लद्दाख के प्रतिभाशाली युवाओं की आकांक्षाओं को वित्तीय बाधाओं से मुक्त करेगी?: कविंदर गुप्ता

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क्या आरईडब्ल्यूए 2.0 योजना लद्दाख के प्रतिभाशाली युवाओं की आकांक्षाओं को वित्तीय बाधाओं से मुक्त करेगी?: कविंदर गुप्ता

सारांश

लद्दाख प्रशासन ने आरईडब्ल्यूए 2.0 योजना को लॉन्च किया है, जो आर्थिक रूप से वंचित मेधावी छात्रों के लिए यूपीएससी परीक्षा में सहायता प्रदान करेगी। इस योजना से 80 छात्रों को कोचिंग और आवास के लिए सहायता मिलेगी। यह कदम लद्दाख के युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

आरईडब्ल्यूए 2.0 योजना का शुभारंभ लद्दाख के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
80 मेधावी छात्रों को 1.18 लाख रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी।
दिव्यांग छात्रों के लिए एक सीट आरक्षित है।
उम्मीदवार अपनी पसंद के कोचिंग संस्थान में प्रशिक्षण ले सकते हैं।
यह योजना समावेशी विकास और समान अवसर को बढ़ावा देती है।

लेह, 18 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख प्रशासन ने युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने लेह में आरईडब्ल्यूए 2.0 वित्तीय सहायता योजना का शुभारंभ किया, जो आर्थिक रूप से वंचित मेधावी छात्रों को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में सहायता प्रदान करेगी।

इस योजना के अंतर्गत लेह और कारगिल के 80 छात्रों को कोचिंग और आवास के लिए 1.18 लाख रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। उपराज्यपाल सचिवालय में आयोजित समारोह में उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि आरईडब्ल्यूए 2.0 लद्दाख के प्रतिभाशाली युवाओं की आकांक्षाओं को वित्तीय बाधाओं से मुक्त करेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना समावेशी विकास और समान अवसर के सरकार के दृष्टिकोण को साकार करती है।

उन्होंने कहा, "लद्दाख के युवा देश की सेवा करने का जज्बा रखते हैं। यह योजना सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक तंगी उनकी राह में रोड़ा न बने।" उन्होंने 21 से 36 वर्ष की आयु के पात्र उम्मीदवारों से इस अवसर का लाभ उठाने और सिविल सेवाओं में उत्कृष्टता हासिल करने का आग्रह किया।

उच्च शिक्षा आयुक्त सचिव भानु प्रभा ने बताया कि योजना के तहत लेह और कारगिल से 40-40 मेधावी छात्रों का चयन होगा। प्रत्येक को छह महीने के लिए 1.18 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिसमें कोचिंग शुल्क और आवास खर्च शामिल हैं। इसमें प्रति जिला एक सीट दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। उम्मीदवार अपनी पसंद के किसी भी प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में प्रशिक्षण ले सकते हैं और उन्हें आगामी यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होना होगा। उन्होंने युवाओं से समर्पण के साथ तैयारी करने और राष्ट्र की सेवा के लिए आगे बढ़ने की अपील की।

उपराज्यपाल ने इस पहल की संकल्पना के लिए भानु प्रभा और उनकी टीम की सराहना की। उन्होंने इसे एक दूरदर्शी कदम बताया, जो लद्दाख से सक्षम सिविल सेवकों की नई पीढ़ी तैयार करेगा। उन्होंने कहा, "यह योजना योग्यता और समानता पर आधारित है। हमारा लक्ष्य स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना और उन्हें राष्ट्रीय मंच पर चमकने का मौका देना है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राष्ट्रीय सेवा के प्रति युवाओं को प्रेरित करने का भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से लद्दाख के प्रतिभाशाली युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का मौका मिलेगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरईडब्ल्यूए 2.0 योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
आरईडब्ल्यूए 2.0 योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से वंचित मेधावी छात्रों को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
इस योजना के तहत कितने छात्रों को सहायता मिलेगी?
इस योजना के तहत लेह और कारगिल के 80 छात्रों को सहायता मिलेगी।
क्या दिव्यांग छात्रों के लिए कोई विशेष प्रावधान है?
हाँ, प्रति जिला एक सीट दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
21 से 36 वर्ष की आयु के पात्र उम्मीदवार इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
छात्र किस कोचिंग संस्थान में प्रशिक्षण ले सकते हैं?
उम्मीदवार अपनी पसंद के किसी भी प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में प्रशिक्षण ले सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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