राजद महिला मोर्चा अध्यक्ष रितु जायसवाल सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा में शामिल, पटना में हुआ स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने 26 मई 2025 को पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। राजद महिला मोर्चा भागलपुर की अध्यक्ष सीमा जायसवाल और युवा राजद की प्रदेश सचिव माया गुप्ता भी इस अवसर पर भाजपा में शामिल हुईं।
कार्यक्रम का घटनाक्रम
भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सभी नए सदस्यों को पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर उनका औपचारिक स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह आयोजन मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में हुआ, जहाँ दल-बदल की यह प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से संपन्न की गई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का संबोधन
सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की जनता 'परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति' से ऊब चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकास, सुशासन और गरीब कल्याण' की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रेरित होकर विभिन्न दलों के लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने राजद को परोक्ष चेतावनी देते हुए कहा कि 'भाजपा का दरवाजा अभी बंद है; जिस दिन खुल जाएगा, उस दिन उनकी चौखट पर एक व्यक्ति नजर नहीं आएगा।'
सरावगी ने महिला सशक्तिकरण पर केंद्र सरकार की योजनाओं — उज्ज्वला योजना, मातृत्व योजनाएँ और महिला स्वयं सहायता समूहों — का उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को 'विश्व का सबसे लोकप्रिय नेता' बताते हुए कहा कि 32 देशों ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है।
रितु जायसवाल का पक्ष
भाजपा में शामिल होने के बाद रितु जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भाजपा की 'राष्ट्रवादी विचारधारा' से प्रभावित होकर उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि वे 'पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करने तथा भाजपा की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करेंगी।'
राजनीतिक संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक दल-बदल की गतिविधियाँ तेज हो रही हैं। राजद महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ पद से किसी नेता का भाजपा में जाना संगठनात्मक दृष्टि से उल्लेखनीय माना जा रहा है। गौरतलब है कि बिहार में राजद और भाजपा के बीच सीधा राजनीतिक टकराव रहा है, और इस प्रकार के दल-परिवर्तन दोनों पार्टियों के लिए प्रतीकात्मक महत्व रखते हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि राजद इस दल-बदल पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह बिहार में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती को और गति देता है।