JDU ने पार किया 1 करोड़ सदस्यों का आँकड़ा, BJP और RJD के बाद बिहार की तीसरी बड़ी पार्टी
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने 2 जून 2026 तक 1,00,01,925 सदस्य जोड़ने का दावा किया है, और इसके साथ ही पार्टी बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बाद एक करोड़ी सदस्यता वाले संगठनों के क्लब में शामिल हो गई है। यह सदस्यता अभियान पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 6 दिसंबर 2025 को शुरू किया था, और महज छह महीनों में पार्टी ने यह आँकड़ा छू लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बूथ स्तर तक अभियान को सफल बनाने वाले कार्यकर्ताओं को बधाई दी और बिहार की जनता का समर्थन के लिए आभार जताया।
झा के अनुसार, JDU नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहारवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने और राज्य की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी का यह सदस्यता अभियान 2025 से 2028 तक चलने वाली व्यापक संगठनात्मक योजना का हिस्सा है।
बिहार में सदस्यता की होड़
सदस्यता के आंकड़ों के लिहाज से बिहार की प्रमुख पार्टियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज़ हो गई है। JDU के अनुसार, BJP के लगभग 1.56 करोड़ सदस्य हैं, जबकि RJD भी एक करोड़ से अधिक सदस्यों का दावा कर चुकी है। JDU का कहना है कि एक करोड़ का आँकड़ा पार करने के साथ वह अब राज्य के सबसे बड़े राजनीतिक संगठनों की श्रेणी में मज़बूती से शामिल हो गई है।
चुनावी प्रदर्शन का संदर्भ
हाल के वर्षों में पार्टी के चुनावी ग्राफ़ में भी सुधार दिखा है। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में JDU ने 43 सीटें जीतकर तीसरा स्थान पाया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 12 सीटें हासिल कीं — BJP की बिहार में जीती सीटों के बराबर। इसके बाद 2025 के विधानसभा चुनाव में JDU ने उल्लेखनीय छलाँग लगाते हुए 85 सीटों पर जीत दर्ज की।
पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठनात्मक विस्तार में तेज़ी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद संजय झा के प्रयासों का भी परिणाम है। गौरतलब है कि JDU नेताओं का दावा है कि छह महीने में एक करोड़ से अधिक सदस्य जोड़ना 2028 तक राज्य की सबसे मज़बूत राजनीतिक ताकत बनने की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि है।
नेतृत्व की प्रतिक्रिया
JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इसे पार्टी के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि नीतीश कुमार के नेतृत्व में जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है और ‘विकसित बिहार’ के संकल्प के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करती है।
क्या होगा आगे
पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 21 जून को आयोजित होगी, जिसमें संगठनात्मक मुद्दों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक तय करेगी कि बढ़ी हुई सदस्यता को पार्टी 2029 तक की चुनावी तैयारियों में कैसे ढालती है।