आरजेडी की घटती विश्वसनीयता पर JDU का हमला: राजीव रंजन बोले — 'प्रथम परिवार' से बाहर निकले पार्टी
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने 5 जुलाई 2026 को पटना में कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की राजनीतिक विश्वसनीयता लगातार कमज़ोर हो रही है और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जनस्वीकार्यता भी घट रही है। उनके अनुसार, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी अब धीरे-धीरे बीते दौर की राजनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
आरजेडी को 'प्रथम परिवार' से आगे जाना होगा
राजीव रंजन ने स्पष्ट कहा कि यदि आरजेडी को एक सशक्त राजनीतिक विकल्प के रूप में बने रहना है, तो उसे केवल एक परिवार केंद्रित राजनीति से बाहर निकलकर जनसमस्याओं पर प्रभावी संघर्ष करना होगा। उनका कहना था कि यदि पार्टी आम जनता की चिंताओं के समाधान के लिए रणनीतिक तैयारी नहीं करती, तो आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में उसकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।
आरजेडी के स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने यह भी माना कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए तीन दशक तक अपनी उपस्थिति बनाए रखना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह अवसर आत्ममंथन का भी है — पार्टी को यह परखना चाहिए कि इन वर्षों में क्या हासिल हुआ और किन क्षेत्रों में सुधार अभी बाकी है।
BJP विधायक की सज़ा और विधानसभा सदस्यता पर सवाल
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 में हर्ष फायरिंग के मामले में दिल्ली की अदालत द्वारा चार वर्ष की सज़ा सुनाए जाने के प्रश्न पर राजीव रंजन ने कहा कि उनके पास अभी भी न्यायिक विकल्प उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा अध्यक्ष स्पष्ट कर चुके हैं कि अदालत के फैसले की प्रति प्राप्त होते ही विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब में कांग्रेस और बंगाल में TMC की स्थिति
पंजाब की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए राजीव रंजन ने दावा किया कि चुनाव नज़दीक आते ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। उनके अनुसार, पार्टी का संगठन बाहर से मज़बूत दिखता है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर मतभेद गहरे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पंजाब में कांग्रेस के लिए अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखना आसान नहीं होगा।
पश्चिम बंगाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। प्रदेश अध्यक्ष पद से चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफ़े का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी का स्वयं प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका संभालना पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर भरोसे की कमी का संकेत है।
लालू की सुरक्षा और मॉनसून सत्र पर रुख
लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के प्रश्न पर राजीव रंजन ने कहा कि राज्य सुरक्षा समिति खतरे का आकलन कर सुरक्षा की श्रेणी तय करती है और इसे अनावश्यक राजनीतिक विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी का ध्यान जनता के मुद्दों से अधिक लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े कानूनी व व्यक्तिगत विषयों पर केंद्रित रहता है।
संसद के आगामी मॉनसून सत्र पर उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि सभी दल सहयोग की भावना से काम करें तो कई महत्वपूर्ण विधायी और नीतिगत मुद्दों पर सार्थक निर्णय संभव हैं। उनका मानना है कि वर्तमान संख्या बल को देखते हुए देशहित से जुड़े लंबित मामलों का समाधान निकाला जा सकता है।