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आरजेडी की घटती विश्वसनीयता पर JDU का हमला: राजीव रंजन बोले — 'प्रथम परिवार' से बाहर निकले पार्टी

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आरजेडी की घटती विश्वसनीयता पर JDU का हमला: राजीव रंजन बोले — 'प्रथम परिवार' से बाहर निकले पार्टी

सारांश

JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने आरजेडी पर सीधा हमला बोला — पार्टी की विश्वसनीयता घट रही है, तेजस्वी यादव की स्वीकार्यता कमज़ोर हो रही है, और 'प्रथम परिवार' की राजनीति से बाहर न निकले तो बिहार चुनाव में चुनौतियाँ और गहरी होंगी।

मुख्य बातें

JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने 5 जुलाई 2026 को पटना में आरजेडी की विश्वसनीयता पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की जनस्वीकार्यता घट रही है और लालू प्रसाद यादव व राबड़ी देवी बीते दौर की राजनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
BJP विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 की हर्ष फायरिंग में दिल्ली अदालत ने चार वर्ष की सज़ा सुनाई; विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
TMC में चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफ़े को राजीव रंजन ने नेतृत्व संकट का संकेत बताया।
पंजाब में कांग्रेस के भीतर अंदरूनी असंतोष गहरा होने का दावा; आगामी मॉनसून सत्र से बड़ी उम्मीदें जताईं।

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने 5 जुलाई 2026 को पटना में कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की राजनीतिक विश्वसनीयता लगातार कमज़ोर हो रही है और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जनस्वीकार्यता भी घट रही है। उनके अनुसार, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी अब धीरे-धीरे बीते दौर की राजनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं।

आरजेडी को 'प्रथम परिवार' से आगे जाना होगा

राजीव रंजन ने स्पष्ट कहा कि यदि आरजेडी को एक सशक्त राजनीतिक विकल्प के रूप में बने रहना है, तो उसे केवल एक परिवार केंद्रित राजनीति से बाहर निकलकर जनसमस्याओं पर प्रभावी संघर्ष करना होगा। उनका कहना था कि यदि पार्टी आम जनता की चिंताओं के समाधान के लिए रणनीतिक तैयारी नहीं करती, तो आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में उसकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।

आरजेडी के स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने यह भी माना कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए तीन दशक तक अपनी उपस्थिति बनाए रखना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह अवसर आत्ममंथन का भी है — पार्टी को यह परखना चाहिए कि इन वर्षों में क्या हासिल हुआ और किन क्षेत्रों में सुधार अभी बाकी है।

BJP विधायक की सज़ा और विधानसभा सदस्यता पर सवाल

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 में हर्ष फायरिंग के मामले में दिल्ली की अदालत द्वारा चार वर्ष की सज़ा सुनाए जाने के प्रश्न पर राजीव रंजन ने कहा कि उनके पास अभी भी न्यायिक विकल्प उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा अध्यक्ष स्पष्ट कर चुके हैं कि अदालत के फैसले की प्रति प्राप्त होते ही विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब में कांग्रेस और बंगाल में TMC की स्थिति

पंजाब की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए राजीव रंजन ने दावा किया कि चुनाव नज़दीक आते ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। उनके अनुसार, पार्टी का संगठन बाहर से मज़बूत दिखता है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर मतभेद गहरे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पंजाब में कांग्रेस के लिए अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखना आसान नहीं होगा।

पश्चिम बंगाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। प्रदेश अध्यक्ष पद से चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफ़े का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी का स्वयं प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका संभालना पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर भरोसे की कमी का संकेत है।

लालू की सुरक्षा और मॉनसून सत्र पर रुख

लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के प्रश्न पर राजीव रंजन ने कहा कि राज्य सुरक्षा समिति खतरे का आकलन कर सुरक्षा की श्रेणी तय करती है और इसे अनावश्यक राजनीतिक विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी का ध्यान जनता के मुद्दों से अधिक लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े कानूनी व व्यक्तिगत विषयों पर केंद्रित रहता है।

संसद के आगामी मॉनसून सत्र पर उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि सभी दल सहयोग की भावना से काम करें तो कई महत्वपूर्ण विधायी और नीतिगत मुद्दों पर सार्थक निर्णय संभव हैं। उनका मानना है कि वर्तमान संख्या बल को देखते हुए देशहित से जुड़े लंबित मामलों का समाधान निकाला जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुनियोजित राजनीतिक संदेश है। बिहार चुनाव की आहट के बीच JDU का यह बयान विपक्ष को कमज़ोर दिखाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा लगता है। लेकिन जो बात मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि आरजेडी की 'परिवारवाद' की आलोचना करने वाली JDU खुद नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द केंद्रित रही है। असली सवाल यह है कि क्या बिहार का मतदाता इस बार नेतृत्व परिवर्तन की माँग करेगा — और यदि हाँ, तो उसका फायदा किसे मिलेगा।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव रंजन ने आरजेडी पर क्या आरोप लगाए?
JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि आरजेडी की विश्वसनीयता लगातार कमज़ोर हो रही है और पार्टी 'प्रथम परिवार' केंद्रित राजनीति से बाहर नहीं निकल पा रही। उनके अनुसार, तेजस्वी यादव की जनस्वीकार्यता भी घट रही है और जनसमस्याओं पर ध्यान न देने से बिहार चुनाव में पार्टी की मुश्किलें बढ़ेंगी।
BJP विधायक राजू कुमार सिंह को किस मामले में सज़ा हुई?
दिल्ली की एक अदालत ने BJP विधायक राजू कुमार सिंह को वर्ष 2018 में जश्न के दौरान हर्ष फायरिंग के मामले में चार वर्ष की सज़ा सुनाई है। राजीव रंजन ने कहा कि उनके पास न्यायिक विकल्प उपलब्ध हैं और विधानसभा अध्यक्ष ने फैसले की प्रति मिलते ही विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
TMC में चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफ़े को लेकर JDU ने क्या कहा?
राजीव रंजन ने चंद्रिमा भट्टाचार्य के TMC प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफ़े को पार्टी के भीतर नेतृत्व संकट का संकेत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी का स्वयं यह पद संभालना दर्शाता है कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर भरोसे की कमी है।
लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा पर JDU का क्या रुख है?
राजीव रंजन ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा राज्य सुरक्षा समिति के आकलन पर निर्भर करती है और इसे राजनीतिक विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरजेडी का ध्यान जनता के मुद्दों से अधिक लालू प्रसाद के परिवार से जुड़े कानूनी और व्यक्तिगत विषयों पर केंद्रित रहता है।
आगामी मॉनसून सत्र को लेकर राजीव रंजन की क्या राय है?
राजीव रंजन ने कहा कि संसद के मॉनसून सत्र से सभी राजनीतिक दलों और जनता को बड़ी अपेक्षाएँ हैं। उनके अनुसार, यदि सभी दल सहयोग की भावना से काम करें तो कई महत्वपूर्ण विधायी और नीतिगत मुद्दों पर सार्थक निर्णय संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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