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क्या तेजप्रताप यादव तेजस्वी यादव के लिए गले की फांस बन गए हैं? - राजीव रंजन

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क्या तेजप्रताप यादव तेजस्वी यादव के लिए गले की फांस बन गए हैं? - राजीव रंजन

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आरोपों का दौर तेज हो गया है। जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने तेजप्रताप यादव को तेजस्वी के लिए एक चुनौती बताया है। क्या यह यादव परिवार के लिए मुश्किलें खड़ी करेगा?

मुख्य बातें

तेजप्रताप यादव का बागी रुख तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाता है।
राजीव रंजन ने तेजप्रताप को तेजस्वी के लिए गले की फांस बताया।
प्रधानमंत्री मोदी का बिहार आना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर है।

पटना, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी क्रम में जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने लालू यादव के दोनों बेटों तेजप्रताप और तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि तेजप्रताप यादव अब तेजस्वी यादव के लिए गले की फांस बन गए हैं।

जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "तेजप्रताप का बागी रुख अपनाना तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर एक बड़ा सवाल उठाता है। जो व्यक्ति अपने परिवार को एकजुट नहीं रख सकता, जो गठबंधन को एक साथ नहीं बांध सकता, वह राज्य का नेतृत्व क्या करेगा? यह सच है कि किसी गठबंधन ने किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा बना दिया, लेकिन जब जनता की मुहर लगती है तब ही कोई मुख्यमंत्री बन पाता है। वहां कोई वैकेंसी नहीं है। नीतीश कुमार एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

राजीव रंजन ने आरजेडी महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान 'तेजस्वी को जननायक बनने में समय लगेगा' पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "जननायक कोई सोने की चम्मच लेकर नहीं बन पाता है। तेजस्वी यादव की पहचान क्या है? अगर वे लालू यादव के बेटे न होते, तो नौजवानों की एक बड़ी फौज में शामिल होते, किसी पार्टी के कार्यकर्ता होते या नौकरी के लिए लाइन में खड़े होते।"

उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर थे, जो एक गरीब परिवार में जन्मे और शिखर तक का सफर तय किया। उनकी पूरी जिंदगी बेदाग रही, वे आम लोगों के जीवन की बेहतरी के लिए लड़ते रहे। कर्पूरी जी जैसा बनना इतना आसान लक्ष्य नहीं है।

राजीव रंजन ने 2 नवंबर को पटना में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली पर कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार आना खुशियों का अवसर है। जब भी वे आए हैं, बिहार के लिए खास सौगात लेकर आए हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की इस जोड़ी का मुकाबला करने की ताकत विपक्ष में नहीं है।"

उन्होंने चारा घोटाले के जांचकर्ता यूएन बिस्वास के खुलासे 'लालू यादव को बचाने के लिए कांग्रेस ने मदद की थी' पर कहा, "उस समय यूएन बिस्वास लालू यादव की राजनीति के लिए एक काल बनकर उभरे थे। लालू यादव की गिरफ्तारी के समय बहुत शोर-शराबा हुआ था। इसके बाद उनकी पत्नी राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री बनी थीं।"

उन्होंने कहा कि निस्संदेह, यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब ट्रायल और इससे जुड़ी तमाम प्रक्रियाएं शुरू होने वाली हैं। इसका जवाब न तो आरजेडी के पास है और न ही कांग्रेस के पास। हमारी खुली चुनौती है कि राजद और कांग्रेस का भ्रष्टाचार के साथ चोली-दामन का जो रिश्ता है, उस पर यदि कोई सफाई दे सकते हैं, तो उन्हें अवश्य देनी चाहिए।

कांग्रेस और राजद पर निशाना साधते हुए राजीव रंजन ने कहा, "कांग्रेस और राजद, ये दो ऐसी पार्टियां हैं, जिनका भ्रष्टाचार के साथ चोली-दामन का रिश्ता है। ना कभी उन्होंने नैतिकता की परवाह की, ना पारदर्शिता कभी उनके रगों में बहने वाला गुण रहा है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

इस विवाद में पक्षपात से बचकर यह कहना चाहता हूं कि राजनीति में परिवार के भीतर की समस्याएं अक्सर सार्वजनिक छवि को प्रभावित करती हैं। तेजप्रताप और तेजस्वी के बीच का मतभेद एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा है, जिसे चुनावों के नजदीक और गहराई से देखना आवश्यक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजप्रताप और तेजस्वी यादव के बीच विवाद का कारण क्या है?
तेजप्रताप का बागी रुख अपनाना और तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाना विवाद का मुख्य कारण है।
राजीव रंजन ने तेजप्रताप यादव के बारे में क्या कहा?
राजीव रंजन ने कहा कि तेजप्रताप अब तेजस्वी के लिए गले की फांस बन गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की रैली का क्या महत्व है?
प्रधानमंत्री मोदी की बिहार यात्रा को खुशियों का अवसर मानते हुए, जेडीयू प्रवक्ता ने इसकी महत्वपूर्णता को रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
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