JDU ने पार किया 1 करोड़ सदस्यों का आंकड़ा, उमेश कुशवाहा बोले- नीतीश कुमार के नेतृत्व पर जनविश्वास की मुहर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने 1 करोड़ प्राथमिक सदस्यों का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है, जिसकी घोषणा प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने 3 जून को पटना में की। कुशवाहा के अनुसार पार्टी ने तय लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए कुल 1 करोड़ 1 हजार 925 प्राथमिक सदस्य बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
सदस्यता अभियान की मुख्य उपलब्धि
कुशवाहा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 6 दिसंबर से शुरू हुए JDU सदस्यता अभियान 2025–28 के तहत 1 करोड़ प्राथमिक सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। उन्होंने इसे ‘संगठनात्मक मजबूती का नया इतिहास’ बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि बिहार की जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व पर ज़ोर
प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि यह आँकड़ा बीते 20 वर्षों में हुए विकास और सामाजिक न्याय की नीतियों के प्रति जनसमर्थन का प्रतीक है। उन्होंने कहा, ‘विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के संकल्प के साथ यह कारवां निरंतर आगे बढ़ रहा है।’ कुशवाहा के अनुसार संगठन की वास्तविक शक्ति उसके कार्यकर्ता हैं, और जब कार्यकर्ता संकल्प लेते हैं तो लक्ष्य स्वयं उपलब्धि में बदल जाता है।
कार्यकर्ताओं के योगदान का उल्लेख
कुशवाहा ने बूथ, पंचायत, प्रखंड, जिला और प्रदेश स्तर पर सक्रिय सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन्हीं की निष्ठा और अथक परिश्रम के बल पर सदस्यता अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली। गौरतलब है कि बिहार में सत्तारूढ़ NDA गठबंधन के लिए सदस्यता विस्तार आगामी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
विपक्ष पर पलटवार
विपक्षी दलों के आरोपों पर प्रदेश अध्यक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘जो लोग आरोप लगाते हैं, उन्हें विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम देखना चाहिए। NDA और हमारे नेता नीतीश कुमार की लहर देखने को मिली थी। हमारे नेता के काम पर जनता ने मुहर लगाई।’
नीतीश कुमार की पार्टी कार्यालय में सक्रियता
नीतीश कुमार के पार्टी कार्यालय पहुँचने पर कुशवाहा ने कहा कि वे ‘दिन-रात काम में विश्वास करते हैं’। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार सुबह पार्टी कार्यालय आए, कार्यकर्ताओं से मिले और उनकी समस्याएँ सुनीं। आने वाले महीनों में पार्टी इस सदस्यता आधार को बूथ-स्तरीय संगठन में बदलने पर फोकस करेगी।