बिहार में स्कूलों के भगवाकरण पर आरजेडी का हमला, शक्ति यादव बोले — 'बिहार बर्दाश्त नहीं करेगा'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने 20 जुलाई 2026 को पटना में बिहार सरकार के मॉडल स्कूलों को केसरिया रंग में रंगने के फैसले पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शिक्षा का भगवाकरण करने की कोशिश की गई, तो बिहार इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा।
मुख्य घटनाक्रम
शक्ति यादव ने कहा, 'स्कूलों को हमेशा से अलग-अलग रंगों में रंगा जाता रहा है और लोगों ने इसे सालों से देखा है। हम रंगों को लेकर कोई विवाद खड़ा नहीं करना चाहते। लेकिन एक बात तय है — अगर शिक्षा का भगवाकरण करने की कोशिश की गई, तो बिहार इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा का सत्र शुरू हो चुका है और विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
विधानसभा सत्र में विपक्ष की रणनीति
आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष मजबूती के साथ सरकार से सवाल करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'जो लोग पैसे की राह देख रहे हैं, जिनके भुगतान नहीं हो रहे हैं, योजनाएं पैसों के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रही हैं — सारे सवाल जनसरोकार, जन उद्देश्य और बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर प्रमुखता से उठाए जाएंगे।' उन्होंने स्वीकार किया कि विपक्ष की संख्या कम है, लेकिन साफ कहा कि 'सत्ता पक्ष को बेलगाम नहीं होने दिया जाएगा।'
वंदे मातरम बिल पर आरजेडी की प्रतिक्रिया
शक्ति यादव ने लोकसभा के मानसून सत्र में गृह मंत्री द्वारा वंदे मातरम बिल पेश किए जाने की खबरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'हम भारत के लोग, चाहे किसी भी धर्म या आस्था के हों, 'जन गण मन' में विश्वास रखते हैं, 'वंदे मातरम' में विश्वास रखते हैं और 'इंकलाब' के नारों में भी विश्वास रखते हैं। कुछ लोग देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं और धर्म व जाति के नाम पर राजनीति करने का भारतीय जनता पार्टी (BJP) का लंबा इतिहास रहा है।'
असली मुद्दों पर सवाल
शक्ति यादव ने कहा कि देश के सामने असली सवाल भारत की सीमाओं की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, बेरोजगारों के पलायन को रोकना और आर्थिक संपन्नता लाना है। उनके अनुसार, BJP सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर चर्चा से बचती है। गौरतलब है कि बिहार में बेरोजगारी और पलायन लंबे समय से राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहे हैं। आने वाले विधानसभा सत्र में इन मुद्दों पर तीखी बहस की संभावना है।