रोहिणी सब-रजिस्ट्रार दफ्तर में अव्यवस्था पर CM रेखा गुप्ता का औचक निरीक्षण, एक सप्ताह में सुधार के सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार, 29 मई 2026 को रोहिणी सेक्टर-16 स्थित अंबेडकर भवन में संचालित राजस्व विभाग के ई-सब-रजिस्ट्रार कार्यालय VI-ए (मॉडल टाउन/पीतमपुरा) और VI-सी (रोहिणी) का औचक निरीक्षण किया। जर्जर भवन, बंद एयर कंडीशनर, टूटे फर्श और बैठने की अपर्याप्त व्यवस्था देख मुख्यमंत्री ने अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई और एक सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार पूरे करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में क्या मिला
मुख्यमंत्री ने भवन में पहुँचते ही कई गंभीर खामियाँ पाईं — खराब प्रकाश व्यवस्था, बंद पड़े एयर कंडीशनर, टूटे फर्श और टाइलें, गंदे शौचालय, बैठने के लिए पर्याप्त बेंचों का अभाव और रिकॉर्ड रूम में कबाड़ एवं अव्यवस्थित दस्तावेज़। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहाँ रोज़ बड़ी संख्या में नागरिक अपनी संपत्ति और ज़रूरी दस्तावेज़ों के काम से आते हैं, वहाँ ऐसी स्थिति किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।
गौरतलब है कि यह कार्यालय वर्षों से उपेक्षित बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस संदर्भ में किए गए पत्राचार और मरम्मत प्रस्तावों का पूरा रिकॉर्ड तलब किया।
नागरिकों की शिकायतें
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यालय में मौजूद नागरिकों से सीधे संवाद किया। कई लोगों ने घंटों खड़े रहकर इंतजार करने, टोकन सिस्टम की अनुपस्थिति, खराब एयर कंडीशनिंग और बुनियादी सुविधाओं के अभाव की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्ग नागरिकों, महिलाओं और अन्य लोगों को घंटों खड़े रहना पड़े — यह प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर ही अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
एक सप्ताह के भीतर सभी खराब लाइटें बदली जाएँ, एयर कंडीशनरों की मरम्मत हो, टूटे फर्श और टाइलें दुरुस्त की जाएँ, साफ-सफाई सुनिश्चित हो और नागरिकों के लिए पर्याप्त बेंच एवं बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रत्येक कार्यालय में एक उत्तरदायी अधिकारी या केयरटेकर नामित किया जाए जो बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी करे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक नया और आधुनिक कार्यालय भवन उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान परिसर में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर नागरिकों को सुविधा दी जानी चाहिए।
रिकॉर्ड सुरक्षा और डिजिटलीकरण
मुख्यमंत्री ने रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों की सुरक्षा, डिजिटलीकरण और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना या तकनीकी समस्या की स्थिति में सरकारी रिकॉर्ड सुरक्षित रहें।
भ्रष्टाचार पर कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने अनावश्यक देरी और भ्रष्टाचार के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि नागरिकों के कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएँ। उन्होंने कहा कि यदि रिश्वतखोरी, उत्पीड़न या जानबूझकर देरी की कोई शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह निरीक्षण दिल्ली सरकार की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत सरकारी दफ्तरों में जवाबदेही और नागरिक-सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।