भाजपा नेता आरपी सिंह ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक विश्वास की कमी का लगाया आरोप
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अभाव का आरोप।
- प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा।
- केरल का नाम 'केरलम' में बदलने की मंजूरी।
- लश्कर-ए-तैयबा मामले में कांग्रेस का प्रतिक्रिया।
- भाजपा का राष्ट्रीय हित की रक्षा पर जोर।
नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने बुधवार को कांग्रेस को घेरते हुए उन पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास न रखने का गंभीर आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का नजरिया स्पष्ट है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं रखते हैं, इसी कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकियाँ दे रहे हैं। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के नेता ब्रिंदर सिंह ढिल्लों के बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द और धमकियों का प्रयोग किया था। आरपी सिंह ने इसे कांग्रेस की 'मोहब्बत की दुकान' वाली छवि के विपरीत 'अपमानजनक और धमकी भरी' राजनीति कहा।
भाजपा प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे की प्रशंसा करते हुए कहा, "मोदी इजरायली संसद को संबोधित करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। यह भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती और परिणाम-उन्मुख नीति का प्रमाण है। दोनों देश कृषि, प्रौद्योगिकी, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। हमारी डिप्लोमेसी राष्ट्रहित में काम कर रही है।"
केरल के नाम को 'केरलम' में बदलने के लिए केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी पर भाजपा नेता ने कहा कि यह केरल के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। राज्य विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ था, जिसके आधार पर केंद्र ने इसे मंजूरी दी। अब राज्य 'केरलम' के नाम से जाना जाएगा। सिंह ने इसे सांस्कृतिक और भाषाई पहचान की मजबूती बताया।
दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा के बांग्लादेश माड्यूल मामले में आरोपियों को ७ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इस पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आतंकवाद के नाम पर निर्दोष लोगों को फंसाने की बात की है। भाजपा नेता ने कहा कि गिरफ्तार किए गए मुस्लिम युवक बांग्लादेश के नागरिक हैं। यदि मसूद बांग्लादेशियों के पक्ष में खड़े हैं, तो कांग्रेस को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए।