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RPSC प्रमुख उत्कल रंजन साहू: एक साल में 14,536 पदों के विज्ञापन, तीन-स्तरीय सुरक्षा से पेपर लीक पर लगाम

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RPSC प्रमुख उत्कल रंजन साहू: एक साल में 14,536 पदों के विज्ञापन, तीन-स्तरीय सुरक्षा से पेपर लीक पर लगाम

सारांश

RPSC अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने एक साल में 14,536 पदों के विज्ञापन और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए आयोग की साख बहाली का दावा किया। पेपर लीक की शिकायतों के बाद अभ्यर्थियों से सीधे संवाद और ऑनलाइन परीक्षा की शुरुआत उनके कार्यकाल की उल्लेखनीय पहल रही।

मुख्य बातें

RPSC अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने 18 जून 2026 को अजमेर में एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर प्रेस वार्ता की।
आयोग ने सीधी भर्ती के लिए 14,536 पदों पर 16 विज्ञापन जारी किए और 14,485 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार संपन्न कराए।
पेपर लीक की शिकायतों के बाद तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई और अभ्यर्थियों से सीधा संवाद किया गया।
आयोग ने ऑनलाइन परीक्षा की शुरुआत की — अब तक दो परीक्षाएँ हो चुकी हैं, चार और प्रस्तावित हैं।
साहू ने कहा कि पात्र अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने 18 जून 2026 को अजमेर में पत्रकारों से बातचीत में अपने एक वर्ष के कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आयोग ने सीधी भर्ती के लिए 14,536 पदों हेतु 16 विज्ञापन जारी किए और 14,485 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार सफलतापूर्वक संपन्न कराए। साहू ने स्पष्ट किया कि पात्र अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्य उपलब्धियाँ

साहू ने बताया कि बीते एक वर्ष में RPSC ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की। आयोग ने ऑनलाइन परीक्षा की शुरुआत भी की, जिसके तहत अब तक दो परीक्षाएँ आयोजित की जा चुकी हैं और आगे चार और परीक्षाएँ कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में रोज़गार सृजन के लिए बड़ी संख्या में अधिसूचनाएँ भेजी हैं, जिन्हें आयोग ने त्वरित गति से निपटाया।

पेपर लीक की चिंता और आयोग की प्रतिक्रिया

अध्यक्ष साहू ने स्वीकार किया कि कई स्थानों से पेपर लीक की शिकायतें सामने आई थीं, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष और चिंता का माहौल बन गया था। इससे निपटने के लिए आयोग ने अभ्यर्थियों को सीधे बुलाकर घटनाक्रम और प्रश्न-पत्र प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि वे आश्वस्त हो सकें। उनके अनुसार, इस संवाद पहल ने अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मीडिया की भूमिका पर आभार

साहू ने कहा कि आयोग अपनी वेबसाइट पर सभी आवश्यक सूचनाएँ उपलब्ध कराता है, परंतु जब वही जानकारी मीडिया के माध्यम से प्रसारित होती है तो लाखों अभ्यर्थियों तक समय पर पहुँचती है। उन्होंने सही समय पर सही सूचना छात्रों तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका की सराहना की।

आगे की राह

साहू ने व्यक्तिगत स्तर पर स्वीकार किया कि किसी भी नए पद की ज़िम्मेदारी सँभालने पर पूरी कार्यप्रणाली को समझने में दो से चार माह लग जाते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर मुझे थोड़ा और समय मिले तो मैं चीज़ों को और बेहतर कर सकूँगा।' उनका स्पष्ट संदेश था कि जो अभ्यर्थी पात्र हैं, उन्हें पूरा लाभ मिलना चाहिए और उनके हितों पर किसी भी प्रकार का आघात नहीं होना चाहिए। यदि आयोग की वर्तमान कार्यशैली इसी गति से जारी रही, तो आने वाले समय में अभ्यर्थियों को और अधिक लाभ मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इनकी असली कसौटी परिणामों में होगी — न कि प्रेस वार्ताओं में। यह भी गौरतलब है कि आयोग ने पेपर लीक की शिकायतों को स्वीकार किया, लेकिन उन मामलों में जवाबदेही और कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RPSC अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने एक साल में क्या हासिल किया?
उत्कल रंजन साहू के एक वर्ष के कार्यकाल में RPSC ने 14,536 पदों के लिए 16 भर्ती विज्ञापन जारी किए और 14,485 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार संपन्न कराए। इसके अलावा ऑनलाइन परीक्षा की शुरुआत और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करना भी प्रमुख उपलब्धियाँ रहीं।
RPSC ने पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाए?
RPSC ने परीक्षाओं में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की और पेपर लीक की शिकायतों के बाद अभ्यर्थियों को सीधे बुलाकर घटनाक्रम और प्रश्न-पत्र प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इस संवाद पहल का उद्देश्य अभ्यर्थियों की चिंता दूर करना और आयोग में भरोसा बहाल करना था।
RPSC की ऑनलाइन परीक्षा योजना क्या है?
RPSC ने ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली शुरू की है, जिसके तहत अब तक दो परीक्षाएँ आयोजित की जा चुकी हैं। आगामी समय में चार और ऑनलाइन परीक्षाएँ कराई जाएंगी, जो भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज़ बनाने की दिशा में एक कदम है।
RPSC में अभ्यर्थियों को जानकारी कैसे मिलती है?
RPSC अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी आवश्यक सूचनाएँ प्रकाशित करता है। इसके अलावा, मीडिया के माध्यम से यह जानकारी लाखों अभ्यर्थियों तक समय पर पहुँचती है, जिसे अध्यक्ष साहू ने महत्वपूर्ण बताया।
RPSC अध्यक्ष ने भविष्य की योजनाओं के बारे में क्या कहा?
साहू ने कहा कि यदि आयोग की वर्तमान कार्यशैली इसी गति से जारी रही तो अभ्यर्थियों को आगे और अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से यह भी कहा कि थोड़ा और समय मिलने पर वे चीज़ों को और बेहतर बना सकेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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