13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आरएसईटीआई के ज़रिए 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने MoU किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आरएसईटीआई के ज़रिए 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने MoU किया

सारांश

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2025-26 में 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं को आरएसईटीआई के ज़रिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। राष्ट्रीय रुडसेटी अकादमी के साथ नए MoU से NSQF-आधारित पाठ्यक्रम, डिजिटल उपस्थिति और परिणाम-आधारित निगरानी सुनिश्चित होगी।

मुख्य बातें

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2025-26 में 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं को आरएसईटीआई के ज़रिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया — पिछले वर्ष के लक्ष्य से अधिक।
13 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय रुडसेटी अकादमी के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते में NSQF-अनुरूप पाठ्यक्रम , उद्योग-मानकीकृत सामग्री और EDP पाठ्यक्रमों का संचालन शामिल है।
AEBAS आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और कौशल पंजी के ज़रिए डिजिटल पंजीकरण बेहतर होगा।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल की उपस्थिति में MoU पर हस्ताक्षर हुए।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में देशभर के ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (आरएसईटीआई) के माध्यम से 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है — जो पिछले वर्ष के लक्ष्य से अधिक है। इस दिशा में 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मंत्रालय ने राष्ट्रीय रुडसेटी अकादमी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

MoU का उद्देश्य और दायरा

इस साझेदारी का केंद्रीय लक्ष्य देशभर के आरएसईटीआई में एकसमान प्रशिक्षण मानक स्थापित करना, संस्थागत गुणवत्ता सुनिश्चित करना और व्यवस्थित क्षमता निर्माण को सुगम बनाना है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इसमें कौशल पंजी के ज़रिए उम्मीदवारों के पंजीकरण को बेहतर बनाना और आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) के अंतर्गत आधार-आधारित चेहरे के प्रमाणीकरण को सुदृढ़ करना शामिल होगा।

गौरतलब है कि डिजिटल सत्यापन पर यह बल ग्रामीण कौशल कार्यक्रमों में प्रेत-नामांकन की पुरानी समस्या से निपटने की दिशा में एक ठोस प्रयास माना जा रहा है।

पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण में बदलाव

MoU के तहत राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचे (NSQF) के अनुरूप नए जमाने के पाठ्यक्रमों को लागू किया जाएगा। उद्योग-मानकीकृत प्रशिक्षण सामग्री और उपकरण अपनाए जाएँगे तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अधिसूचित मुख्य उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (ToT), एक एकीकृत पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षुओं एवं प्रशिक्षकों का मूल्यांकन और प्रमाणीकरण, तथा मंत्रालय-अधिसूचित सामान्य मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करना भी इस साझेदारी के अनिवार्य घटक होंगे।

डिजिटल शासन और निगरानी पर ज़ोर

यह समझौता ज्ञापन आरएसईटीआई पारिस्थितिकी तंत्र को डिजिटल शासन और परिणाम-उन्मुख निगरानी के ज़रिए मज़बूत करने पर विशेष बल देता है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार ग्रामीण रोजगार योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल की उपस्थिति में इस MoU पर हस्ताक्षर किए गए। उनकी उपस्थिति यह संकेत देती है कि केंद्र सरकार इस पहल को नीतिगत प्राथमिकता के रूप में देख रही है।

ग्रामीण युवाओं पर असर

इस साझेदारी का अंतिम उद्देश्य ग्रामीण युवाओं की व्यवहार्य उद्यम स्थापित करने की क्षमता को बढ़ाना और समावेशी ग्रामीण आर्थिक विकास में उनके योगदान को प्रोत्साहित करना है। कौशल विकास, उद्यमिता और टिकाऊ आजीविका के बीच सेतु को मज़बूत करना इस MoU की मूल भावना है।

आने वाले महीनों में क्रियान्वयन की गुणवत्ता और प्रशिक्षित युवाओं की स्व-रोजगार दर ही यह तय करेगी कि यह लक्ष्य कागज़ से ज़मीन तक कितना उतर पाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि प्रशिक्षण के बाद कितने युवा वास्तव में स्वरोजगार स्थापित कर पाते हैं — यह आँकड़ा अब तक प्रशिक्षण संख्याओं जितना मुखर नहीं रहा है। AEBAS और कौशल पंजी जैसे डिजिटल उपकरण प्रेत-नामांकन की पुरानी समस्या को रोकने में मददगार हो सकते हैं, बशर्ते उनका क्रियान्वयन सुसंगत हो। NSQF-आधारित पाठ्यक्रमों की प्रासंगिकता तब सिद्ध होगी जब ग्रामीण बाज़ार की माँग से उनका तालमेल बैठे। MoU एक ढाँचागत प्रगति है — लेकिन परिणाम-उन्मुख निगरानी का वादा तभी सार्थक होगा जब स्व-रोजगार दर को सार्वजनिक रूप से मापा और प्रकाशित किया जाए।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसईटीआई के ज़रिए 2025-26 में कितने युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है?
सरकार के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 में आरएसईटीआई के माध्यम से 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के निर्धारित लक्ष्य से अधिक है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय रुडसेटी अकादमी के बीच MoU का उद्देश्य क्या है?
इस MoU का उद्देश्य देशभर के आरएसईटीआई में एकसमान प्रशिक्षण मानक लागू करना, डिजिटल शासन बेहतर करना और परिणाम-उन्मुख निगरानी सुनिश्चित करना है। इसमें NSQF-अनुरूप पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण और AEBAS-आधारित उपस्थिति प्रणाली भी शामिल है।
आरएसईटीआई क्या होते हैं और ये किसके लिए हैं?
आरएसईटीआई यानी ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (Rural Self Employment Training Institutes) ग्रामीण युवाओं को उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण देने वाले केंद्र हैं। इनका संचालन बैंकों द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय के मार्गदर्शन में किया जाता है और लक्ष्य है ग्रामीण बेरोजगारी को स्वरोजगार से कम करना।
MoU के तहत आरएसईटीआई के पाठ्यक्रम में क्या बदलाव होंगे?
MoU के तहत NSQF-अनुरूप नए जमाने के पाठ्यक्रम लागू होंगे, उद्योग-मानकीकृत प्रशिक्षण सामग्री अपनाई जाएगी और मंत्रालय-अधिसूचित मुख्य उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) पाठ्यक्रम संचालित किए जाएँगे। साथ ही एकीकृत पोर्टल के ज़रिए प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों का मूल्यांकन और प्रमाणीकरण भी होगा।
MoU पर हस्ताक्षर कब और किसकी उपस्थिति में हुए?
यह MoU 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। यह ग्रामीण कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक नीतिगत कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले