ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा: RSETI को 6.35 लाख युवाओं को ट्रेन करने का लक्ष्य, MoRD-NAR एमओयू पर हस्ताक्षर
सारांश
मुख्य बातें
ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) ने 12 अक्टूबर 2026 को नेशनल एकेडमी ऑफ आरयूडीएसईटीआई (NAR) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य देशभर के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संस्थागत क्षमता और डिजिटल निगरानी को सुदृढ़ करना है। इस वर्ष RSETI को 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य दिया गया है, जो पिछले वर्ष 2025–26 के निर्धारित लक्ष्य से अधिक है।
एमओयू का उद्देश्य और संदर्भ
इस समझौते का आदान-प्रदान ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल की उपस्थिति में किया गया। इसका मुख्य लक्ष्य देशभर के RSETI में एकसमान प्रशिक्षण मानक तय करना, गुणवत्तापूर्ण प्रशासन सुनिश्चित करना और व्यवस्थित रूप से क्षमता निर्माण में सहायता करना है। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ आजीविका के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्य घटनाक्रम और तकनीकी प्रावधान
इस साझेदारी के तहत 'कौशल पंजी' के माध्यम से उम्मीदवारों के पंजीकरण और 'आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम' के ज़रिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन को बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन्स फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप नए जमाने के पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे और उद्योग-स्तरीय प्रशिक्षण उपकरण अपनाए जाएंगे।
इसके साथ ही मुख्य एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (EDP) पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे जो मंत्रालय द्वारा निर्धारित हैं। एक 'यूनिफाइड पोर्टल' के माध्यम से प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग (ToT), प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों के आकलन एवं प्रमाणन को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
लक्षित वर्ग और सामाजिक समावेश
चालू वित्त वर्ष में 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य में महिलाएं, अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST), दिव्यांगजन (PwD) और अन्य कमज़ोर वर्गों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। यह लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में उच्च है, जो कार्यक्रम के विस्तार की दिशा को स्पष्ट करता है।
आम जनता पर असर
यह एमओयू RSETI इकोसिस्टम को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम है। बेहतर प्रशिक्षण गुणवत्ता, डिजिटल गवर्नेंस और परिणाम-आधारित निगरानी से ग्रामीण युवाओं को सफल उद्यम स्थापित करने और समावेशी ग्रामीण आर्थिक विकास में योगदान देने में सहायता मिलेगी। कौशल विकास, उद्यमिता और टिकाऊ आजीविका के बीच इस संबंध को सुदृढ़ करके सरकार ग्रामीण भारत की क्षमता को नया आयाम देना चाहती है।
क्या होगा आगे
इस साझेदारी के तहत RSETI के माध्यम से कॉमन नॉर्म्स का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और प्रशिक्षण की उपयोगिता एवं सेटलमेंट दर को बढ़ाया जाएगा। क्रेडिट लिंकेज को बेहतर बनाकर प्रशिक्षित युवाओं को बैंकिंग और वित्तीय सहायता से जोड़ा जाएगा, ताकि वे स्वरोजगार की ओर प्रभावी कदम उठा सकें।